होम > Blog

Blog / 02 Jan 2026

ऑस्ट्रेलिया में भारतीय निर्यात पर टैरिफ खत्म

संदर्भ:

हाल ही में ऑस्ट्रेलिया ने 1 जनवरी 2026 से भारत से होने वाले निर्यात पर सभी (100%) टैरिफ लाइनों पर शुल्क पूरी तरह समाप्त कर दिया है। यह निर्णय भारत और ऑस्ट्रेलिया जैसे दो लोकतांत्रिक देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार संबंधों में एक बड़ा और ऐतिहासिक बदलाव माना जा रहा है। यह कदम भारतऑस्ट्रेलिया आर्थिक सहयोग और व्यापार समझौते (ECTA) के तहत उठाया गया था। इससे दोनों देशों के बीच व्यापार, निवेश और आर्थिक सहयोग को और मजबूती मिलेगी तथा आर्थिक एकीकरण की प्रक्रिया और अधिक गहरी होगी।

पृष्ठभूमि:

      • भारतऑस्ट्रेलिया आर्थिक सहयोग और व्यापार समझौता (ECTA) एक व्यापार समझौता है, जिसका उद्देश्य भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच आर्थिक सहयोग और व्यापारिक संबंधों को मज़बूत करना है। इस समझौते पर अप्रैल 2022 में हस्ताक्षर किए गए थे और यह 29 दिसंबर 2022 से प्रभावी हुआ।
      • ECTA के तहत दोनों देशों ने चरणबद्ध रूप से टैरिफ (शुल्क) कम करने, व्यापार को आसान बनाने और आपसी बाज़ार तक बेहतर पहुँच प्रदान करने पर सहमति व्यक्त की है।

Australia India Zero Tariff Exports: 2026 Guide

हाल की प्रगति और प्रमुख विकास:

      • पूर्ण टैरिफ उन्मूलन
        • 1 जनवरी 2026 से, भारतऑस्ट्रेलिया ECTA के तहत भारतीय निर्यात पर शुल्क-मुक्त ऑस्ट्रेलियाई टैरिफ लाइनों का कवरेज 96.4% से बढ़कर 100% हो जाएगा।  
        • इसके परिणामस्वरूप ऑस्ट्रेलियाई बाज़ार में भारतीय वस्तुओं को पूर्ण (100%) शुल्क-मुक्त पहुँच प्राप्त होगी, जिससे भारत के निर्यात को महत्वपूर्ण बढ़ावा मिलेगा।
      • द्विपक्षीय व्यापार में वृद्धि :
        • 2024-25 में, ऑस्ट्रेलिया को भारत का निर्यात लगभग 8% बढ़ा, जो लगभग 8.58 बिलियन अमेरिकी डॉलर तक पहुंच गया।
        • इसी अवधि के दौरान कुल द्विपक्षीय व्यापार लगभग 24.1 बिलियन अमेरिकी डॉलर रहा।
        • ये रुझान भारतीय निर्यात की बढ़ती व्यापार विविधीकरण और प्रतिस्पर्धी क्षमता में सुधार का संकेत देते हैं।
      • क्षेत्रीय लाभ (Sectoral Gains)
        • कई प्रमुख क्षेत्रों में भारत के निर्यात में उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई है, जिनमें रत्न और आभूषण (अप्रैलनवंबर 2025 के दौरान लगभग 16% की वृद्धि), फार्मास्यूटिकल्स, वस्त्र और परिधान, तथा कॉफी एवं अन्य कृषि उत्पाद शामिल हैं।
        • यह वृद्धि विशेष रूप से श्रम-गहन उद्योगों और सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (MSMEs) के लिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि इससे न केवल निर्यात अवसर बढ़ते हैं बल्कि रोज़गार सृजन और आर्थिक सशक्तिकरण को भी बढ़ावा मिलता है।
      • व्यापार सुविधा उपाय
        • जैविक उत्पादों के लिए एक पारस्परिक मान्यता व्यवस्था (MRA) पर 2025 में हस्ताक्षर किए गए थे, जिससे अनुपालन लागत कम हो गई और प्रमाणन आवश्यकताओं को सरल बनाया गया। इस तरह के गैर-टैरिफ सुविधा उपाय टैरिफ उदारीकरण के पूरक हैं और व्यापार करने में समग्र आसानी में सुधार करते हैं।

ECTA से CECA में संक्रमण :

ECTA की सफलता के आधार पर, भारत और ऑस्ट्रेलिया गहरे और व्यापक आर्थिक एकीकरण के उद्देश्य से समझौते को एक व्यापक आर्थिक सहयोग समझौते (CECA) में अपग्रेड करने के लिए सक्रिय रूप से काम कर रहे हैं।

CECA वार्ता की स्थिति :

भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच CECA वार्ता का 11वां दौर अगस्त 2025 में नई दिल्ली में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ, जिसमें दोनों देशों के बीच आर्थिक सहयोग को और गहरा बनाने के उद्देश्य से कई महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की गई। इन प्रमुख क्षेत्रों में डिजिटल व्यापार, उत्पत्ति के नियम, सेवा क्षेत्र में बाज़ार पहुँच तथा निवेश सुविधा शामिल रहे, जो द्विपक्षीय व्यापार और निवेश को अधिक सरल, पारदर्शी और व्यापक बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण हैं।

महत्वाकांक्षी लक्ष्य :

दोनों देशों ने 2030 तक 100 बिलियन ऑस्ट्रेलियाई डॉलर के द्विपक्षीय व्यापार का लक्ष्य रखा है। प्रस्तावित CECA से निवेश और डिजिटल अर्थव्यवस्था में विस्तारित प्रतिबद्धताओं के साथ 135 से अधिक सेवा उप-क्षेत्रों को कवर करने की उम्मीद है।

निष्कर्ष:

भारतऑस्ट्रेलिया ECTA के तहत 1 जनवरी 2026 से भारतीय निर्यात पर सभी टैरिफ समाप्त करने का ऑस्ट्रेलिया का निर्णय द्विपक्षीय आर्थिक सहयोग में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। इससे विशेष रूप से श्रम-गहन और MSME क्षेत्रों में निर्यात को बढ़ावा, आपूर्ति-श्रृंखला एकीकरण को मजबूती तथा इंडो-पैसिफिक व्यापार नेटवर्क में भारत की भागीदारी को गहराई मिलने की उम्मीद है। साथ ही, CECA की दिशा में चल रही वार्ताएँ दोनों देशों के आर्थिक संबंधों को और सुदृढ़ करेंगी।