संदर्भ:
हाल ही में केंद्र सरकार ने वैश्विक तकनीकी कंपनियों गूगल और यूट्यूब के साथ मिलकर देशव्यापी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) स्किलिंग पहल शुरू की है। इस कार्यक्रम का उद्देश्य भारतीय नागरिकों को उद्योग-संबंधित डिजिटल कौशल प्रदान करना है, ताकि भारत उभरती तकनीकों के वैश्विक केंद्र के रूप में अपनी पहचान बना सके। साथ ही सरकार ने मीडिया, प्रसारण और डिजिटल इकोसिस्टम को मजबूत करने के लिए दो नई पहलों की घोषणा की है, जो “ऑरेंज इकोनॉमी” (क्रिएटिव अर्थव्यवस्था) को भी बढ़ावा देंगी। क्रिएटिव अर्थव्यवस्था उन क्षेत्रों को शामिल करती है, जहां आर्थिक मूल्य सृजनात्मकता, संस्कृति, तकनीक और बौद्धिक संपदा से उत्पन्न होता है।
मुख्य घोषणाएँ:
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- MyWAVES, WAVES OTT पर नागरिकों पर केंद्रित कंटेंट बनाने का एक प्लेटफॉर्म
- डीडी फ्री डिश सेवाओं तक पहुँच को बेहतर बनाने के लिए टेलीविज़न सेटों में उन्नत इलेक्ट्रॉनिक प्रोग्राम गाइड (EPG) और इन-बिल्ट सैटेलाइट ट्यूनर्स की शुरुआत
- MyWAVES, WAVES OTT पर नागरिकों पर केंद्रित कंटेंट बनाने का एक प्लेटफॉर्म
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राष्ट्रीय AI स्किलिंग पहल के बारे में:
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- इस अभियान का उद्देश्य उभरती तकनीकों तक समान पहुँच सुनिश्चित करना और खासकर युवाओं की रोजगार योग्यता बढ़ाना है।
- इस पहल की प्रमुख विशेषताएँ निम्न है:
- लगभग 15,000 युवाओं का नि:शुल्क प्रशिक्षण
- बहुभाषी और सुलभ डिजिटल लर्निंग मॉड्यूल
- उद्योग-संबंधित प्रमाणन कार्यक्रम
- क्रिएटिव इंडस्ट्री और डिजिटल मीडिया में एआई के अनुप्रयोगों पर विशेष ध्यान
- लगभग 15,000 युवाओं का नि:शुल्क प्रशिक्षण
- यह पहल दो चरणों में आयोजित किया जाएगा:
- चरण I (23 मार्च – 30 जून, 2026): गूगल करियर सर्टिफिकेट और गूगल क्लाउड जेनरेटिव एआई लर्निंग पाथ के ज़रिए बेसिक एआई लर्निंग, जिसमें एआई एसेंशियल्स, प्रॉम्प्टिंग एसेंशियल्स और जेनरेटिव एआई का इंट्रोडक्शन जैसे कोर्स शामिल हैं।
- चरण II (23 मार्च – 30 जून, 2026): एडवांस्ड, प्रोजेक्ट-बेस्ड स्पेशलाइज़ेशन जिसमें स्टोरीटेलिंग, यूट्यूब बेस्ट प्रैक्टिस और Gemini और Vertex AI जैसे एआई टूल्स का इस्तेमाल करके हैंड्स-ऑन ट्रेनिंग पर मॉड्यूल शामिल हैं।
- चरण I (23 मार्च – 30 जून, 2026): गूगल करियर सर्टिफिकेट और गूगल क्लाउड जेनरेटिव एआई लर्निंग पाथ के ज़रिए बेसिक एआई लर्निंग, जिसमें एआई एसेंशियल्स, प्रॉम्प्टिंग एसेंशियल्स और जेनरेटिव एआई का इंट्रोडक्शन जैसे कोर्स शामिल हैं।
- इस अभियान का उद्देश्य उभरती तकनीकों तक समान पहुँच सुनिश्चित करना और खासकर युवाओं की रोजगार योग्यता बढ़ाना है।
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नीति दृष्टिकोण और महत्व:
ये पहल तकनीक को सभी तक पहुँचाने और भारत की डिजिटल एवं क्रिएटिव अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की व्यापक दृष्टि के अनुरूप हैं। केंद्र सरकार के बजट ने भी “ऑरेंज इकोनॉमी” का समर्थन करने पर जोर दिया है, जो रोजगार सृजन और सांस्कृतिक संवर्धन में योगदान दे सकती है।
मुख्य उद्देश्य:
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- डिजिटल और कौशल अंतर को कम करना
- उभरते क्षेत्रों में रोजगारयोग्यता बढ़ाना
- AI-संचालित रचनात्मक उद्योगों में नवाचार को बढ़ावा देना
- सस्ती डिजिटल अवसंरचना तक पहुँच बढ़ाना
- डिजिटल और कौशल अंतर को कम करना
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सार्वजनिक-निजी भागीदारी मॉडल:
सरकार, गूगल और यूट्यूब के बीच यह सहयोग कौशल विकास में बदलते सार्वजनिक-निजी भागीदारी (PPP) मॉडल का एक उदाहरण है। इसमें सरकार संस्थागत समर्थन और व्यापक पहुँच सुनिश्चित करती है, जबकि निजी कंपनियाँ तकनीकी विशेषज्ञता, पाठ्यक्रम निर्माण और वैश्विक सर्वोत्तम पद्धतियाँ प्रदान करती हैं। ऐसे सहयोग विशेष रूप से एआई जैसे तेजी से विकसित हो रहे क्षेत्रों में बहुत महत्वपूर्ण हैं।
चुनौतियाँ:
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- इस पहल की अपार संभावनाओं के बावजूद कुछ चुनौतियाँ हैं:
- ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल अंतर और अवसंरचना की कमी
- AI प्रशिक्षण की गहराई और गुणवत्ता सुनिश्चित करना
- नैतिक चिंताओं और डेटा गोपनीयता के मुद्दों का समाधान
- व्यावहारिक अनुप्रयोग के बिना सतही कौशल विकास से बचना
- ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल अंतर और अवसंरचना की कमी
- इस पहल की अपार संभावनाओं के बावजूद कुछ चुनौतियाँ हैं:
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निष्कर्ष:
केंद्र सरकार का एआई स्किलिंग अभियान, मीडिया और प्रसारण क्षेत्र में संबंधित पहलों के साथ, डिजिटल सशक्त और रचनात्मक रूप से जीवंत भारत की दिशा में एक समग्र कदम है। यदि इसे प्रभावी ढंग से लागू किया गया, तो यह मानव संसाधन को बढ़ावा दे सकता है, क्रिएटिव अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान कर सकता है और भारत को एआई -संचालित डिजिटल युग में वैश्विक नेतृत्व देने में सक्षम बना सकता है।

