होम > Blog

Blog / 06 Nov 2026

अग्निवीरों के लिए दो वर्ष का सेवा विस्तार

संदर्भ:

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने अग्निपथ योजना में बड़े बदलावों को मंजूरी दी है। इसके तहत उन 75% अग्निवीरों के लिए दो वर्ष की अतिरिक्त सेवा अवधि शुरू की गई है, जिन्हें पहले चार वर्ष की सेवा पूरी करने के बाद सशस्त्र बलों से बाहर होना पड़ता था। इस विस्तारित अवधि के बाद उन्हें स्थायी भर्ती का अवसर मिलेगा। यह अवसर उनकी इच्छा, योग्यता और संगठनात्मक आवश्यकताओं के आधार पर प्रदान किया जाएगा।

अग्निपथ योजना क्या है?

14 जून 2022 को शुरू की गई अग्निपथ योजना का उद्देश्य भारतीय थल सेना, नौसेना और वायु सेना में युवाओं की चार वर्ष की अवधि के लिए भर्ती करना है, जिसमें छह महीने का प्रशिक्षण भी शामिल है। इस योजना के तहत भर्ती किए गए युवाओं को अग्निवीर कहा जाता है। इस योजना का उद्देश्य दीर्घकालिक पेंशन बोझ को कम करते हुए एक युवा, तकनीकी रूप से कुशल और कम लागत वाले सैन्य कार्यबल का निर्माण करना है।

मूल योजना की प्रमुख विशेषताएँ:

मूल व्यवस्था के तहत अग्निवीरों को लागू भत्तों के अतिरिक्त ₹30,000 से ₹40,000 तक का मासिक वेतन दिया जाता था। चार वर्ष की सेवा पूरी होने पर योग्यता और संगठनात्मक आवश्यकताओं के आधार पर अधिकतम 25% अग्निवीरों को स्थायी सेवा के लिए चुना जा सकता था, जबकि शेष 75% को सेवा छोड़नी पड़ती थी।

इस योजना के तहत सेवा निधि पैकेज (Seva Nidhi Package) भी शुरू किया गया, जिसके अंतर्गत अग्निवीर और सरकार, दोनों मासिक वेतन का 30%-30% योगदान करते हैं। चार वर्ष की सेवा पूरी होने पर अग्निवीरों को ब्याज सहित लगभग ₹11.71 लाख की एकमुश्त राशि प्रदान की जाती है, जो कर-मुक्त होती है। चार वर्ष बाद सेवा छोड़ने वाले अग्निवीर नियमित सैन्य पेंशन के पात्र नहीं होते हैं।

संशोधित अग्निपथ योजना में प्रमुख बदलाव:

संशोधित व्यवस्था में दो चरणों वाली प्रक्रिया शुरू की गई है।

पहला, चार वर्ष की सेवा पूरी होने के बाद 25% अग्निवीरों को नियमित सेवा में शामिल करने का मौजूदा प्रावधान जारी रहेगा।

दूसरा, शेष 75% अग्निवीरों को दो वर्ष की अतिरिक्त सेवा का अवसर दिया जाएगा। छह वर्ष की सेवा पूरी करने के बाद उन्हें वस्तुनिष्ठ चयन मानदंडों और उनकी इच्छा के आधार पर सशस्त्र बलों में नियमित सैनिक के रूप में शामिल होने का अवसर मिलेगा।

विस्तारित सेवा अवधि के दौरान उनका वेतन पहले वर्ष में बढ़कर ₹43,500 और दूसरे वर्ष में ₹47,500 हो जाएगा।

संशोधित व्यवस्था का महत्त्व:

ये बदलाव प्रशिक्षित और अनुभवी सैन्य कर्मियों को बनाए रखने, संस्थागत ज्ञान के नुकसान को कम करने तथा सैन्य संचालन की प्रभावशीलता में सुधार करने में सहायक होंगे। इससे अग्निवीरों को करियर में अधिक निरंतरता और वित्तीय सुरक्षा मिलेगी। यह व्यवस्था युवा सैन्य संरचना बनाए रखने के साथ-साथ अनुभवी सैनिकों, अनुशासन और विशिष्ट कौशल की आवश्यकता के बीच संतुलन स्थापित करने का भी प्रयास करती है।

निष्कर्ष:

संशोधित अग्निपथ व्यवस्था का उद्देश्य सैन्य बलों में युवाओं की भागीदारी और सैन्य अनुभव के बीच संतुलन स्थापित करना है। इसकी सफलता पारदर्शी कार्यान्वयन, प्रभावी मानव संसाधन प्रबंधन और भारत की दीर्घकालिक रक्षा तैयारियों को बनाए रखने पर निर्भर करेगी।

 

Aliganj Gomti Nagar Prayagraj