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Daily-mcqs 28 Sep 2026

यूपीएससी और राज्य पीएससी परीक्षाओं के लिए समसामयिकी MCQs 28 Sep 2026

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यूपीएससी और राज्य पीएससी परीक्षाओं के लिए समसामयिकी MCQs

Q1:

भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) द्वारा उष्णकटिबंधीय मौसम प्रणालियों के वर्गीकरण के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार करें:

1.   एक अवदाब (Depression) अधिकतम निरंतर सतही पवन गति 31–50 किमी/घंटा से संबंधित होता है।

2.   एक गहरा अवदाब (Deep Depression) अधिकतम निरंतर सतही पवन गति 51–61 किमी/घंटा दर्शाता है।

3.   किसी प्रणाली को औपचारिक रूप से चक्रवाती तूफान (Cyclonic Storm) तभी नामित किया जाता है जब इसकी पवन गति 88 किमी/घंटा को पार कर जाती है।

ऊपर दिए गए कथनों में से कौन-से सही हैं?

A: केवल 1 और 2

B: केवल 2

C: केवल 2 और 3

D: 1, 2, और 3

उत्तर: A

स्पष्टीकरण:

कथन 1 सही है: IMD के मानदंडों के अनुसार, एक सामान्य अवदाब (Depression) में अधिकतम निरंतर सतही पवन गति 31–50 किमी/घंटा के बीच होती है।


कथन 2 सही है: गहरा अवदाब (Deep Depression) तब वर्गीकृत किया जाता है जब अधिकतम निरंतर पवन गति बढ़कर 51–61 किमी/घंटा हो जाती है।


कथन 3 गलत है: कोई प्रणाली जैसे ही 62–88 किमी/घंटा की पवन गति सीमा तक पहुँचती है, उसे औपचारिक रूप से चक्रवाती तूफान (Cyclonic Storm) के रूप में वर्गीकृत किया जाता है (न कि न्यूनतम 88 किमी/घंटा पर)। चूँकि हाल की बंगाल की खाड़ी की प्रणाली 51–61 किमी/घंटा की सीमा के भीतर रही, इसलिए यह एक गहरा अवदाब बनी रही।


                            

Q2:

उत्तर भारतीय महासागर में उष्णकटिबंधीय चक्रवातों के नामकरण के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार करें:

1.   इस क्षेत्र में उष्णकटिबंधीय चक्रवातों के नाम विश्व मौसम विज्ञान संगठन (WMO)/ESCAP पैनल ऑन ट्रॉपिकल साइक्लोन्स द्वारा पहले से तय किए जाते हैं।

2.   जैसे ही एक निम्न-दाब अवदाब (Depression) बनता है, किसी मौसम प्रणाली को क्षेत्रीय सूची से क्रमिक रूप से उसका नाम आधिकारिक तौर पर दे दिया जाता है।

3.   "अर्नब (Arnab)," जिसका बंगाली में अर्थ "समुद्र" है, क्षेत्रीय सूची में बांग्लादेश द्वारा दिया गया नाम है।

ऊपर दिए गए कथनों में से कौन-से सही हैं?

A: केवल 1 और 2

B: केवल 1 और 3

C: केवल 2 और 3

D: 1, 2, और 3

उत्तर: B

स्पष्टीकरण:

कथन 1 सही है: उत्तर भारतीय महासागर में उष्णकटिबंधीय चक्रवातों का नामकरण WMO/ESCAP पैनल ऑन ट्रॉपिकल साइक्लोन्स द्वारा क्रमिक रूप से किया जाता है, जिसमें 13 सदस्य राष्ट्र शामिल हैं।


कथन 2 गलत है: किसी मौसम प्रणाली को अवदाब (Depression) या गहरे अवदाब (Deep Depression) के चरण में औपचारिक चक्रवात नाम नहीं दिया जाता; इसे सूची से नाम केवल चक्रवाती तूफान (Cyclonic Storm) की तीव्रता (62 किमी/घंटा या उससे अधिक) प्राप्त करने के बाद दिया जाता है।


कथन 3 सही है: "अर्नब (Arnab)" बांग्लादेश द्वारा प्रदान किया गया अगला क्रमिक नाम है (जिसका बंगाली में अर्थ "समुद्र" है), यही कारण है कि यह नाम ऑनलाइन ट्रेंड करने लगा, जबकि प्रणाली तकनीकी रूप से चक्रवात की तीव्रता की सीमा को पार करने में विफल रही।


                            

Q3:

हाल ही में समाचारों में रहे KAVACH Version 4.0 प्रणाली के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार करें:

1.   यह एक स्वदेशी स्वचालित ट्रेन सुरक्षा (ATP) प्रणाली है, जिसे अनुसंधान अभिकल्प एवं मानक संगठन (RDSO) द्वारा विकसित किया गया है।

2.   यह सेफ्टी इंटीग्रिटी लेवल-4 (SIL-4) मानकों को पूरा करती है, जो रेलवे सुरक्षा की उच्चतम स्तर की इंटीग्रिटी का प्रतिनिधित्व करता है।

3.   पहले के संस्करणों के विपरीत, KAVACH 4.0 में ऑप्टिकल फाइबर केबल्स (OFC) के माध्यम से स्टेशन-से-स्टेशन कनेक्टिविटी और इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग सिस्टम के साथ प्रत्यक्ष एकीकरण की सुविधा है।

ऊपर दिए गए कथनों में से कौन-से सही हैं?

A: केवल 1 और 2

B: केवल 1 और 3

C: केवल 2 और 3

D: 1, 2, और 3

उत्तर: D

स्पष्टीकरण:

कथन 1 सही है: KAVACH भारत की स्वदेशी स्वचालित ट्रेन सुरक्षा (ATP) प्रणाली है, जिसे ट्रेन सुरक्षा बढ़ाने और दुर्घटनाओं को रोकने के लिए RDSO द्वारा घरेलू उद्योगों के सहयोग से डिजाइन किया गया है।


कथन 2 सही है: यह प्रणाली सेफ्टी इंटीग्रिटी लेवल-4 (SIL-4) मानकों का अनुपालन करती है, जो इलेक्ट्रॉनिक रेलवे सिग्नलिंग प्रणालियों में सुरक्षा इंटीग्रिटी के लिए उच्चतम अंतरराष्ट्रीय मानक है।


कथन 3 सही है: KAVACH 4.0 में किए गए प्रमुख तकनीकी सुधारों में ऑप्टिकल फाइबर केबल (OFC) नेटवर्क के माध्यम से स्टेशन-से-स्टेशन संचार और यार्ड तथा स्टेशन सिग्नल समन्वय में सुधार के लिए मौजूदा इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग सिस्टम के साथ निर्बाध, प्रत्यक्ष इंटरफेसिंग शामिल हैं।


                            

Q4:

KAVACH Version 4.0 के तकनीकी सुधारों और परिचालन क्षेत्र के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार करें:

1.   इसे पहली बार दक्षिण मध्य रेलवे (SCR) पर हैदराबाद मंडल के एक खंड को कवर करते हुए कमीशन किया गया था।

2.   यह सभी ब्लॉक खंडों में मैनुअल ट्रैक रखरखाव और मानव-संसाधन पर्यवेक्षण की आवश्यकता को पूरी तरह समाप्त कर देता है।

3.   यह गति की निगरानी करने और खतरे की स्थिति में सिग्नल पार करने (Signal Passing at Danger - SPAD) को रोकने के लिए ऑनबोर्ड लोकोमोटिव उपकरणों के साथ ट्रैकसाइड रेडियो फ्रीक्वेंसी आइडेंटिफिकेशन (RFID) तकनीक का उपयोग करता है।

ऊपर दिए गए कथनों में से कौन-से सही हैं?

A: केवल 1 और 2

B: केवल 1 और 3

C: केवल 2 और 3

D: 1, 2, और 3

उत्तर: B

स्पष्टीकरण:

कथन 1 सही है: KAVACH Version 4.0 को दक्षिण मध्य रेलवे (SCR) ज़ोन के अंतर्गत हैदराबाद मंडल के मल्काजगिरी–कामारेड्डी खंड के 108 रूट किलोमीटर पर Version 3.2 से एक प्रमुख उन्नयन के रूप में कमीशन किया गया था।


कथन 2 गलत है: KAVACH एक उन्नत तकनीकी सहायता प्रणाली है, जिसे लोको-पायलटों की सहायता करने और ओवरस्पीडिंग या टक्करों को रोकने के लिए डिजाइन किया गया है, लेकिन यह मूलभूत मानवीय प्रक्रियाओं, मानक ट्रैक रखरखाव या समग्र संस्थागत सुरक्षा प्रोटोकॉल को प्रतिस्थापित नहीं करती है। प्रणालीगत मानव संसाधन आवश्यकताएँ और भौतिक रखरखाव अभी भी महत्वपूर्ण हैं।


कथन 3 सही है: इसकी संरचना ट्रैकसाइड RFID टैग, दूरसंचार टावरों और लोकोमोटिव उपकरणों के एकीकृत नेटवर्क पर निर्भर करती है, जो निरंतर मूवमेंट अथॉरिटी की सक्रिय निगरानी, ब्रेकिंग के प्रबंधन और खतरे की स्थिति में सिग्नल पार करने (SPAD) को रोकने का कार्य करती है।


                            

Q5:

भारत में बाल यौन शोषण और दुर्व्यवहार सामग्री (CSEAM/CSAM) पर अंकुश लगाने के लिए कानूनी ढाँचे के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार करें:

1.   सूचना प्रौद्योगिकी (मध्यस्थ दिशानिर्देश और डिजिटल मीडिया आचार संहिता) नियम, 2021 के तहत, यदि मध्यस्थ बाल यौन शोषण को दर्शाने वाली सामग्री को हटाने या उस तक पहुँच को निष्क्रिय करने में विफल रहते हैं, तो वे अपनी "सेफ हार्बर" प्रतिरक्षा खो देते हैं।

2.   बच्चों के विरुद्ध साइबर अपराधों की रोकथाम और जाँच का कार्य विशेष रूप से गृह मंत्रालय के अंतर्गत विशेषीकृत केंद्रीय एजेंसियों द्वारा किया जाता है, क्योंकि "साइबर अपराध" संविधान की सातवीं अनुसूची की संघ सूची के अंतर्गत आता है।

3.   राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (NCPCR) ने ऑनलाइन यौन शोषण और बाल यौन शोषण के अन्य रूपों की रिपोर्टिंग के लिए POCSO ई-बॉक्स स्थापित किया है।

ऊपर दिए गए कथनों में से कौन-से सही हैं?

A: केवल 1 और 2

B: केवल 1 और 3

C: केवल 2 और 3

D: 1, 2, और 3

उत्तर: B

स्पष्टीकरण:

कथन 1 सही है: मध्यस्थों को IT नियम, 2021 के तहत उचित सावधानी बरतनी आवश्यक है, और यदि वे वास्तविक जानकारी प्राप्त होने या वैध आदेशों के बाद बाल यौन शोषण सामग्री को हटाने में विफल रहते हैं, तो IT अधिनियम की धारा 79 के तहत उनकी सेफ हार्बर प्रतिरक्षा समाप्त हो जाती है।


कथन 2 गलत है: "पुलिस" और "लोक व्यवस्था" संविधान की सातवीं अनुसूची के तहत राज्य के विषय हैं, जिसका अर्थ है कि साइबर अपराधों की जाँच राज्य पुलिस द्वारा की जाती है, न कि विशेष रूप से किसी केंद्रीय एजेंसी द्वारा।


कथन 3 सही है: NCPCR ऑनलाइन यौन शोषण और POCSO अधिनियम के तहत अपराधों की रिपोर्टिंग के लिए POCSO ई-बॉक्स संचालित करता है।


                            

Q6:

सशस्त्र बल (विशेष शक्तियाँ) अधिनियम (AFSPA), 1958 के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार करें:

1.   अधिनियम की धारा 3 के तहत, राज्य के राज्यपाल और केंद्र सरकार दोनों के पास किसी क्षेत्र को आधिकारिक रूप से “अशांत क्षेत्र” घोषित करने की समवर्ती शक्तियाँ हैं।

2.   अधिनियम अपने मुख्य पाठ में दी गई परिभाषाओं के अंतर्गत "अशांत क्षेत्र" शब्द को स्पष्ट रूप से परिभाषित करता है।

3.   इस अधिनियम के तहत कार्य करने वाले सशस्त्र बलों के कर्मियों को प्रदान की गई कानूनी सुरक्षा, केंद्र सरकार की पूर्व मंजूरी के बिना उनके विरुद्ध किसी अभियोजन या कानूनी वाद को रोकती है।

ऊपर दिए गए कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?

A: केवल 1 और 2

B: केवल 1 और 3

C: केवल 2 और 3

D: 1, 2, और 3

उत्तर: B

स्पष्टीकरण:

कथन 1 सही है: सशस्त्र बल (विशेष शक्तियाँ) अधिनियम, 1958 की धारा 3 के अनुसार, केंद्र सरकार या राज्य के राज्यपाल या केंद्र शासित प्रदेश के प्रशासक को राज्य/केंद्र शासित प्रदेश के पूरे या किसी हिस्से को अशांत क्षेत्र घोषित करने की शक्ति प्रदान की गई है।


कथन 2 गलत है: अधिनियम स्वयं "अशांत क्षेत्र" शब्द को स्पष्ट रूप से परिभाषित नहीं करता है। इसके बजाय, इस अभिव्यक्ति की न्यायिक व्याख्या की गई है (जैसे कि सर्वोच्च न्यायालय द्वारा महत्वपूर्ण निर्णयों में), जिसमें इसे ऐसे क्षेत्र के रूप में समझा गया है जहाँ शांति और सुव्यवस्था का अभाव हो, जिससे असाधारण सशस्त्र बलों का उपयोग आवश्यक हो जाता है।


कथन 3 सही है: अधिनियम की धारा 6 AFSPA के तहत प्रदत्त शक्तियों के प्रयोग में सद्भावपूर्वक कार्य करने वाले व्यक्तियों को प्रतिरक्षा/सुरक्षा प्रदान करती है, जिसमें कहा गया है कि केंद्र सरकार की पूर्व मंजूरी के बिना किसी भी व्यक्ति के विरुद्ध कोई अभियोजन, वाद या अन्य कानूनी कार्यवाही शुरू नहीं की जाएगी।


                            

Q7:

सशस्त्र बल (विशेष शक्तियाँ) अधिनियम (AFSPA), 1958 के अंतर्गत 1 अक्टूबर 2026 से छह महीने के लिए जारी विस्तार आदेश के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार करें:

1.   हाल ही में सशस्त्र बल (विशेष शक्तियाँ) अधिनियम (AFSPA), 1958  के तहत मणिपुर में पूरे राज्य को “अशांत क्षेत्र” घोषित किया गया है, लेकिन पाँच घाटी जिलों में 13 पुलिस थाना क्षेत्रों को इससे बाहर रखा गया है।

2.   नागालैंड में AFSPA का विस्तार नौ पूरे जिलों तथा पाँच अन्य जिलों के 21 निर्दिष्ट पुलिस थाना क्षेत्रों तक किया गया है।

3.   अरुणाचल प्रदेश में AFSPA केवल तिरप और चांगलांग जिलों में लागू है, जबकि लोंगडिंग जिले को इससे बाहर रखा गया है।

उपरोक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?

A: केवल 1 और 2

B: केवल 1 और 3

C: केवल 2 और 3

D: 1, 2, और 3

उत्तर: A

स्पष्टीकरण:

कथन 1 सही है: दिए गए विस्तार आदेश के अनुसार, मणिपुर में AFSPA लागू रहता है, जबकि पाँच घाटी जिलों में 13 पुलिस थाना क्षेत्रों को इसके दायरे से बाहर रखा गया है। मणिपुर के संबंध में केंद्र सरकार की AFSPA अधिसूचनाएँ इस प्रकार के क्षेत्रीय अपवर्जन का प्रावधान करती रही हैं।


कथन 2 सही है: दिए गए आदेश के अनुसार, नागालैंड में AFSPA नौ पूर्ण जिलों तथा पाँच अन्य जिलों के 21 निर्दिष्ट पुलिस थाना क्षेत्रों में विस्तारित किया गया है। गृह मंत्रालय की वर्तमान AFSPA अधिसूचनाएँ नागालैंड के लिए क्षेत्र-विशिष्ट घोषणाओं को सूचीबद्ध करती हैं।


कथन 3 गलत है: अरुणाचल प्रदेश में AFSPA केवल तिरप और चांगलांग तक सीमित नहीं है। लोंगडिंग जिला भी इसके अंतर्गत आता है। इसके अतिरिक्त, असम की सीमा से लगे नामसाई जिले के कुछ निर्दिष्ट पुलिस थाना क्षेत्र भी इसके दायरे में आते हैं। गृह मंत्रालय की अधिसूचनाओं में तिरप, चांगलांग और लोंगडिंग को स्पष्ट रूप से शामिल किया गया है।


                            
Aliganj Gomti Nagar Prayagraj