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Daily-mcqs 23 May 2026

यूपीएससी और राज्य पीएससी परीक्षाओं के लिए समसामयिकी MCQs 23 May 2026

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यूपीएससी और राज्य पीएससी परीक्षाओं के लिए समसामयिकी MCQs

Q1:

रूस और चीन के संबंधों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिएः

1.   मई 2026 में हुई हालिया पुतिनशी शिखर बैठक, चीन-रूस सद्भावना और मैत्रीपूर्ण सहयोग संधिकी 25वीं वर्षगांठ के साथ आयोजित हुई।

2.   दोनों देशों के बीच नो-लिमिट्स पार्टनरशिपकी घोषणा 1960 के दशक के चीन-सोवियत विभाजन के बाद सीमा संघर्षों को औपचारिक रूप से समाप्त करने हेतु की गई थी।

3.   पश्चिमी प्रतिबंधों के बाद चीन, रूस की प्रमुख आर्थिक जीवनरेखा बनकर उभरा है और रूस के कुल व्यापार का लगभग एक-तिहाई हिस्सा चीन के साथ है।

उपरोक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?

A: केवल 1 और 2

B: केवल 1 और 3

C: केवल 2 और 3

D: 1, 2, और 3

उत्तर: B

स्पष्टीकरण:

कथन 1 सही है:
19–20
मई 2026 को बीजिंग में आयोजित शिखर बैठक, चीन-रूस सद्भावना और मैत्रीपूर्ण सहयोग संधि” (जो मूल रूप से 2001 में हस्ताक्षरित हुई थी) की 25वीं वर्षगांठ के अवसर पर हुई। यह दोनों देशों के दीर्घकालिक और गहरे द्विपक्षीय संबंधों को दर्शाती है।


कथन 2 गलत है:
नो-लिमिट्स पार्टनरशिपकी घोषणा काफी बाद में, विशेष रूप से फरवरी 2022 में यूक्रेन युद्ध शुरू होने से ठीक पहले की गई थी। इसका संबंध 1960 के दशक के चीन-सोवियत विभाजन से नहीं था।


कथन 3 सही है:
पश्चिमी देशों द्वारा लगाए गए कड़े आर्थिक प्रतिबंधों के बाद रूस का व्यापारिक झुकाव एशिया की ओर बढ़ गया। वर्ष 2025 तक रूस के कुल व्यापार का लगभग 32% चीन के साथ था, जिससे चीन रूस की प्रमुख आर्थिक जीवनरेखा तथा मशीनरी, वाहन और इलेक्ट्रॉनिक्स का मुख्य आपूर्तिकर्ता बन गया।


 


                            

Q2:

हाल ही में Supreme Court of India द्वारा धारा 124A (राजद्रोह कानून) पर दिए गए स्पष्टीकरण के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिएः

1.   सर्वोच्च न्यायालय ने वर्ष 2022 में देशभर में लंबित सभी मुकदमों और जांचों पर लगाए गए व्यापक स्थगन (blanket stay) को स्थायी रूप से हटा दिया है।

2.   न्यायालय ने स्पष्ट किया कि धारा 124A के अंतर्गत चल रहे मुकदमे और अपीलें गुण-दोष (merits) के आधार पर आगे बढ़ सकती हैं, यदि आरोपी स्वेच्छा से सहमति देता है और उसे कोई आपत्ति नहीं है।

3.   यह स्पष्टीकरण शीघ्र न्याय सुनिश्चित करने तथा लंबे समय से जेल में बंद व्यक्तियों के अधिकारों की रक्षा के उद्देश्य से जारी किया गया था।

उपरोक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?

A: केवल 1 और 2

B: केवल 1 और 3

C: केवल 2 और 3

D: 1, 2, और 3

उत्तर: C

स्पष्टीकरण:

कथन 1 गलत है:
सर्वोच्च न्यायालय ने मई 2022 में लगाए गए देशव्यापी स्थगन को स्थायी रूप से समाप्त नहीं किया है। 2022 के आदेश में कहा गया था कि धारा 124A के तहत कोई नई एफआईआर दर्ज की जाए तथा सभी कार्यवाहियों को स्थगित रखा जाए। हालिया निर्णय केवल एक विशेष परिस्थिति में अपवाद प्रदान करता है, कि उस व्यापक स्थगन को समाप्त करता है।


कथन 2 सही है:
न्यायालय ने अपने 2022 के अंतरिम आदेश में संशोधन करते हुए आरोपी की सहमति के आधार पर एक अपवाद जोड़ा। न्यायालय ने स्पष्ट किया कि यदि कोई आरोपी स्वेच्छा से सहमत हो तथा अपने मामले के गुण-दोष के आधार पर निपटारे पर कोई आपत्ति करे, तो न्यायालय मुकदमे या अपील की सुनवाई आगे बढ़ा सकता है।


कथन 3 सही है:
यह स्पष्टीकरण मुख्यतः उन व्यक्तियों की स्थिति को ध्यान में रखते हुए दिया गया, जो लंबे समय से जेल में बंद थे (उदाहरणतः एक मामले में आरोपी 17 वर्षों से कारावास में था) और जिनकी लंबित अपीलों का शीघ्र निपटारा आवश्यक था, बजाय इसके कि मामलों को अनिश्चितकाल तक लंबित रखा जाए।


 


                            

Q3:

भारत में राजद्रोह कानून (भारतीय दंड संहिता की धारा 124A) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिएः

1.   सरकार की अधिक आलोचना करना राजद्रोह माना जाता है।

2.   यह एक संज्ञेय (Cognizable) और गैर-जमानती (Non-bailable) अपराध है।

3.   Kedar Nath Singh vs. State of Bihar मामले में Supreme Court of India ने निर्णय दिया था कि राजद्रोह कानून अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के अधिकार का उल्लंघन करता है।

उपरोक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?

A: केवल 1 और 2

B: केवल 2

C: केवल 2 और 3

D: 1, 2, और 3

उत्तर: B

स्पष्टीकरण:

कथन 1 गलत है:
प्रसिद्ध Kedar Nath Singh बनाम बिहार राज्य (1962) मामले में सर्वोच्च न्यायालय ने धारा 124A की संवैधानिक वैधता को बरकरार रखा, लेकिन इसकी व्याख्या बहुत सीमित रूप में की। न्यायालय ने कहा कि केवल सरकार की आलोचना करना राजद्रोह नहीं है, जब तक कि उससे सार्वजनिक अव्यवस्था फैलाने या हिंसा के लिए उकसाने का स्पष्ट इरादा या प्रवृत्ति हो।


कथन 2 सही है:
भारतीय दंड संहिता के अंतर्गत धारा 124A राजद्रोह को एक संज्ञेय अपराध (जिसमें पुलिस बिना वारंट गिरफ्तारी कर सकती है) तथा गैर-जमानती अपराध के रूप में वर्गीकृत करती है।


कथन 3 गलत है:
Kedar Nath Singh
मामले में सर्वोच्च न्यायालय ने राजद्रोह कानून को असंवैधानिक घोषित नहीं किया था। बल्कि, न्यायालय ने इसकी वैधता को बरकरार रखा और इसे संविधान के अनुच्छेद 19(2) के अंतर्गत युक्तिसंगत प्रतिबंधोंके अनुरूप माना।


                            

Q4:

हाल ही में United Nations General Assembly (UNGA) द्वारा International Court of Justice (ICJ) की जलवायु संबंधी सलाहकारी राय (Climate Advisory Opinion) पर पारित प्रस्ताव के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिएः

1.   यह प्रस्ताव ICJ की उस सलाहकारी राय के आधार पर अपनाया गया, जिसमें कहा गया कि देशों पर मानव-जनित जलवायु परिवर्तन से निपटने का स्पष्ट कानूनी दायित्व है।

2.   ICJ की सलाहकारी राय संयुक्त राष्ट्र के सभी सदस्य देशों पर कानूनी रूप से बाध्यकारी होती है।

3.   भारत ने इस प्रस्ताव पर मतदान से दूरी बनाई (abstain किया), क्योंकि  यह United Nations Framework Convention on Climate Change (UNFCCC) और Paris Agreement की संरचना को कमजोर करता है।

उपरोक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?

A: केवल 1 और 2

B: केवल 1 और 3

C: केवल 2 और 3

D: 1, 2, और 3

उत्तर: B

स्पष्टीकरण:

कथन 1 सही है:
वानुआतु के नेतृत्व में लाए गए इस UNGA प्रस्ताव में देशों से जलवायु संबंधी दायित्वों का पालन करने का आग्रह किया गया। यह ICJ की ऐतिहासिक सलाहकारी राय पर आधारित था, जिसमें न्यायालय ने सर्वसम्मति से कहा कि अंतरराष्ट्रीय कानून के अंतर्गत राज्यों पर मानव-जनित ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन से जलवायु प्रणाली की रक्षा करने का स्पष्ट कानूनी दायित्व है।


कथन 2 गलत है:
यद्यपि संप्रभु राज्यों के बीच विवादित मामलों में ICJ के निर्णय कानूनी रूप से बाध्यकारी होते हैं, लेकिन संयुक्त राष्ट्र के अंगों और एजेंसियों को दी गई ICJ की सलाहकारी राय बाध्यकारी नहीं होती। फिर भी, इन रायों का अत्यधिक नैतिक और कानूनी महत्व होता है तथा वे अंतरराष्ट्रीय पर्यावरण कानून को प्रभावित करती हैं।


कथन 3 सही है:
भारत ने इस प्रस्ताव पर मतदान से दूरी बनाई। भारत की मुख्य चिंता यह थी कि यह प्रस्ताव एक गैर-बाध्यकारी ICJ सलाहकारी राय को लगभग बाध्यकारी स्वरूप देने का प्रयास करता है, जिससे विकासशील देशों पर बाहरी और गैर-वार्तित दायित्व थोपे जा सकते हैं तथा उनके घरेलू जलवायु लक्ष्यों (NDCs) को अंतरराष्ट्रीय न्यायिक समीक्षा के दायरे में लाया जा सकता है। भारत ने जोर देकर कहा कि जलवायु संबंधी दायित्व केवल UNFCCC ढांचे के अंतर्गत होने वाली वार्ताओं से ही उत्पन्न होने चाहिए।


                            

Q5:

International Court of Justice (ICJ) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिएः

1.   ICJ के समक्ष विवादास्पद मामलों (Contentious Cases) में केवल संप्रभु राज्य ही पक्षकार हो सकते हैं।

2.   United Nations General Assembly (UNGA) और United Nations Security Council (UNSC) ICJ से सलाहकारी राय (Advisory Opinion) मांग सकते हैं।

3.   ICJ के निर्णय कानूनी रूप से बाध्यकारी होते हैं, और उनके स्वतः प्रवर्तन (automatic enforcement) की पूर्ण जिम्मेदारी केवल UNSC की होती है।

4.   संयुक्त राष्ट्र के सभी सदस्य स्वतः (ipso facto) न्यायालय की संविधि (Statute of the Court) के पक्षकार होते हैं।

उपरोक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?

A: केवल 1 और 2

B: केवल 1,3 और 4

C: केवल 1,2 और 4

D: 1, 2, 3 और 4

उत्तर: C

स्पष्टीकरण:

कथन 1 सही है:
ICJ
संविधि के अनुच्छेद 34(1) के अनुसार, विवादास्पद मामलों में केवल राज्य (या संप्रभु इकाइयाँ) ही न्यायालय के समक्ष पक्षकार हो सकते हैं। इसका अर्थ है कि निजी व्यक्ति, गैर-सरकारी संगठन (NGOs), बहुराष्ट्रीय कंपनियाँ और अंतरराष्ट्रीय संगठन ICJ में मामला दायर नहीं कर सकते और ही इन मामलों में पक्षकार बन सकते हैं।


कथन 2 सही है:
ICJ
के दो मुख्य कार्य हैं


1.   राज्यों के बीच कानूनी विवादों का निपटारा करना (Contentious Cases), और


2.   सलाहकारी राय देना (Advisory Opinions)


संयुक्त राष्ट्र चार्टर के अनुच्छेद 96 के अंतर्गत UNGA, UNSC तथा अन्य अधिकृत संयुक्त राष्ट्र अंग एवं विशिष्ट एजेंसियाँ ICJ से सलाहकारी राय मांग सकती हैं। ये राय बाध्यकारी नहीं होतीं, लेकिन इनका अत्यधिक कानूनी महत्व होता है।


कथन 3 गलत है:
ICJ
के निर्णय संबंधित पक्षों पर कानूनी रूप से बाध्यकारी होते हैं, लेकिन इनके प्रवर्तन के लिए कोई स्वतः व्यवस्था नहीं है। यदि कोई राज्य ICJ के निर्णय का पालन नहीं करता, तो दूसरा पक्ष मामला UNSC के समक्ष ले जा सकता है। UNSC सिफारिशें दे सकता है या निर्णय के प्रवर्तन हेतु उपाय कर सकता है। हालांकि, यह प्रक्रिया स्वतः या सुनिश्चित नहीं होती तथा UNSC के किसी स्थायी सदस्य के वीटो द्वारा रोकी जा सकती है।


कथन 4 सही है:
संयुक्त राष्ट्र चार्टर के अनुच्छेद 93(1) के अनुसार, संयुक्त राष्ट्र के सभी 193 सदस्य देश स्वतः ही ICJ संविधि के पक्षकार होते हैं। जो राज्य संयुक्त राष्ट्र के सदस्य नहीं हैं, वे भी UNGA और UNSC द्वारा निर्धारित शर्तों के अंतर्गत संविधि के पक्षकार बन सकते हैं।


                            
Aliganj Gomti Nagar Prayagraj