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Daily-mcqs 17 Apr 2026
Q1:
दिल्ली–देहरादून आर्थिक कॉरिडोर के पर्यावरणीय पहलुओं के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. इसमें वन्यजीवों के लिए विशेष कॉरिडोर का निर्माण किया गया है। 2. परियोजना का उद्देश्य केवल आर्थिक विकास है। 3. यह परियोजना सतत विकास के सिद्धांतों को दर्शाती है। सही उत्तर चुनिए:
A: केवल 1 और 3
B: केवल 2 और 3
C: केवल 1 और 2
D: 1, 2 और 3
उत्तर: A
स्पष्टीकरण:
दिल्ली–देहरादून आर्थिक कॉरिडोर पर्यावरणीय दृष्टि से संतुलित अवसंरचना विकास का एक महत्वपूर्ण उदाहरण है। इस परियोजना में वन्यजीवों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने हेतु लगभग 12 किमी लंबा एलिवेटेड वाइल्डलाइफ कॉरिडोर बनाया गया है, जिससे हाथियों एवं अन्य जीवों के प्राकृतिक प्रवास मार्ग बाधित न हों यह भारत में “पर्यावरण-संवेदनशील अवसंरचना डिज़ाइन” का सशक्त उदाहरण प्रस्तुत करता है। “केवल आर्थिक विकास” वाला कथन भ्रामक है, क्योंकि इस परियोजना में आर्थिक प्रगति के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण, जैव विविधता की सुरक्षा और सतत विकास को समान महत्व दिया गया है। वास्तव में, यह परियोजना सतत विकास के उस सिद्धांत को मूर्त रूप देती है जिसमें विकास और पर्यावरण के बीच संतुलन स्थापित किया जाता है; जैसे वाइल्डलाइफ कॉरिडोर का निर्माण, ईंधन की खपत में कमी और प्रदूषण नियंत्रण। समसामयिक परिप्रेक्ष्य में, भारत में “ग्रीन इंफ्रास्ट्रक्चर” की अवधारणा तेजी से उभर रही है, जिसमें इको-ब्रिज, अंडरपास तथा वन्यजीव कॉरिडोर जैसे उपाय शामिल हैं। साथ ही, सर्वोच्च न्यायालय और राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) ने भी समय-समय पर यह स्पष्ट किया है कि विकास परियोजनाएँ वन्यजीव आवासों को बाधित नहीं करनी चाहिए। भारत ने वैश्विक मंचों जैसे COP-26 में भी जलवायु-संवेदनशील और सतत अवसंरचना पर जोर दिया है।
Q2:
निम्नलिखित कथन तथा कारण पर विचार कीजिए: कथन (A):वित्त वर्ष 2025-26 में चीन भारत का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार बन गया है। कारण (R):भारत की विनिर्माण क्षमता में संरचनात्मक सीमाएँ होने के कारण वह उच्च-प्रौद्योगिकी उत्पादों के लिए आयात पर निर्भर है। नीचे दिए गए कूट का उपयोग कर सही उत्तर चुनिए:
A: A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या करता है
B: A और R दोनों सही हैं, परंतु R, A की सही व्याख्या नहीं करता
C: A सही है, परंतु R गलत है
D: A गलत है, परंतु R सही है
उत्तर: B
स्पष्टीकरण:
हालिया आँकड़ों के अनुसार चीन भारत का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार बन चुका है, जिसका निर्धारण दोनों देशों के बीच होने वाले कुल व्यापार मूल्य (आयात + निर्यात) के आधार पर किया जाता है। इसका अर्थ यह है कि किसी देश के साथ व्यापार का स्तर केवल निर्यात पर नहीं, बल्कि कुल लेन-देन पर निर्भर करता है। दूसरी ओर, यह भी सत्य है कि भारत अभी इलेक्ट्रॉनिक्स, मशीनरी तथा एपीआई (दवा उद्योग के कच्चे पदार्थ) जैसे क्षेत्रों में आयात पर अत्यधिक निर्भर है, जो उसकी विनिर्माण क्षेत्र की संरचनात्मक सीमाओं को दर्शाता है।
इस प्रकार कथन (A) सही है क्योंकि चीन के साथ भारत का कुल व्यापार मूल्य अन्य देशों की तुलना में अधिक है, जबकि कारण (R) भी सही है क्योंकि भारत की आयात-निर्भरता इस व्यापार को बढ़ाने में योगदान देती है। किंतु यहाँ महत्वपूर्ण बात यह है कि R, A की प्रत्यक्ष व्याख्या नहीं करता, क्योंकि चीन के सबसे बड़े व्यापारिक साझेदार बनने का आधार केवल आयात-निर्भरता नहीं, बल्कि समग्र व्यापार (आयात + निर्यात का संयुक्त मूल्य) है। कारण (R) केवल यह स्पष्ट करता है कि आयात अधिक क्यों है, न कि यह कि कुल व्यापार सबसे अधिक क्यों है। अतः दोनों कथन सही होते हुए भी उनके बीच संबंध अप्रत्यक्ष है, प्रत्यक्ष नहीं ।
Q3:
निम्नलिखित कथन तथा कारण पर विचार कीजिए: कथन (A):“विकसित भारत” के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए नागरिक-आधारित (Citizen-centric) विकास मॉडल पर बल दिया जा रहा है। कारण (R): सतत विकास, सांस्कृतिक संरक्षण तथा जनभागीदारी को साथ लेकर चलने से विकास अधिक समावेशी और दीर्घकालिक बनता है। नीचे दिए गए कूट का उपयोग कर सही उत्तर चुनिए:
A: A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या करता है
B: A और R दोनों सही हैं, परंतु R, A की सही व्याख्या नहीं करता
C: A सही है, परंतु R गलत है
D: A गलत है, परंतु R सही है
उत्तर: A
स्पष्टीकरण:
प्रधानमंत्री द्वारा प्रस्तुत “विकसित कर्नाटक–विकसित भारत” के नौ-सूत्रीय एजेंडा में स्पष्ट रूप से नागरिक-आधारित विकास पर जोर दिया गया है, जहाँ प्रत्येक नागरिक को राष्ट्र-निर्माण की प्रक्रिया में सक्रिय भागीदार माना गया है, अतः कथन (A) सही है। साथ ही, इस एजेंडा में सतत विकास, सांस्कृतिक मूल्यों का संरक्षण तथा सामूहिक उत्तरदायित्व को विकास की आधारशिला के रूप में प्रस्तुत किया गया है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि जब विकास केवल आर्थिक न होकर सामाजिक, सांस्कृतिक और पर्यावरणीय आयामों को भी समाहित करता है, तब वह अधिक समावेशी और दीर्घकालिक बनता है, इसलिए कारण (R) भी सही है। चूँकि यही तत्व सततता, जनभागीदारी और सांस्कृतिक संतुलन—नागरिक-आधारित विकास मॉडल की आधारशिला हैं, इसलिए R, A की सही व्याख्या करता है। वर्तमान परिप्रेक्ष्य में “विकसित भारत @2047” के दीर्घकालिक दृष्टिकोण के अंतर्गत नागरिक भागीदारी, सतत विकास, सांस्कृतिक जड़ों से जुड़ाव तथा सुशासन सुधार जैसे प्रमुख आयामों पर विशेष बल दिया जा रहा है, जो इस मॉडल की प्रासंगिकता को और अधिक सुदृढ़ बनाते हैं।
Q4:
निम्नलिखित कथन तथा कारण पर विचार कीजिए: कथन (A): COP31 के लिए प्रस्तावित “COP of the Future” दृष्टिकोण केवल विकसित देशों की प्राथमिकताओं पर आधारित है और इसमें विकासशील देशों की भागीदारी सीमित है। कारण (R): इस मॉडल में क्रियान्वयन-आधारित दृष्टिकोण, जलवायु वित्त और प्रौद्योगिकी हस्तांतरण पर बल दिया गया है। नीचे दिए गए कूट का उपयोग कर सही उत्तर चुनिए:
A: A और R दोनों सही हैं तथा R, A की सही व्याख्या करता है
B: A और R दोनों सही हैं, परंतु R, A की सही व्याख्या नहीं करता
C: A गलत है, परंतु R सही है
D: A सही है, परंतु R गलत है
उत्तर: C
स्पष्टीकरण:
इस प्रश्न में कथन (A) गलत है, क्योंकि COP31 के लिए प्रस्तावित “COP of the Future” दृष्टिकोण का उद्देश्य केवल विकसित देशों की प्राथमिकताओं को बढ़ावा देना नहीं, बल्कि समावेशी और संतुलित जलवायु शासन स्थापित करना है, जिसमें विकासशील देशों की भागीदारी, जलवायु न्याय तथा समानता को विशेष महत्व दिया गया है। वहीं कारण (R) सही है, क्योंकि इस मॉडल में पारंपरिक वार्ता-आधारित दृष्टिकोण से आगे बढ़कर क्रियान्वयन-आधारित रणनीति, जलवायु वित्त तथा प्रौद्योगिकी हस्तांतरण पर बल दिया गया है, ताकि जलवायु प्रतिबद्धताओं को वास्तविक कार्यों में बदला जा सके। वर्तमान संदर्भ में, जब विकासशील देश लंबे समय से जलवायु वित्त, तकनीकी सहायता और क्षमता निर्माण की मांग कर रहे हैं, तब यह नया दृष्टिकोण “प्रतिबद्धता से कार्यान्वयन” की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। अतः स्पष्ट है कि कथन (A) गलत तथा कारण (R) सही है।