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Daily-mcqs 16 Jul 2026

यूपीएससी और राज्य पीएससी परीक्षाओं के लिए समसामयिकी MCQs 16 Jul 2026

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यूपीएससी और राज्य पीएससी परीक्षाओं के लिए समसामयिकी MCQs

Q1:

भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS), 2023 की धारा 356 के अंतर्गत 'अनुपस्थिति में विचारण (Trial in Absentia)' प्रावधान के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

1.   यह सभी संज्ञेय (Cognizable) एवं गैर-जमानती (Non-bailable) अपराधों पर लागू होता है।

2.   अभियुक्त को उद्घोषित अपराधी (Proclaimed Offender) घोषित किए जाने के तुरंत बाद विचारण प्रारंभ किया जा सकता है।

3.   यदि फरार अभियुक्त के पास कोई विधिक प्रतिनिधित्व (Legal Representation) नहीं है, तो न्यायालय के लिए राज्य-व्यय पर एक प्रतिरक्षा अधिवक्ता (State-funded Defence Counsel) नियुक्त करना अनिवार्य है।

उपरोक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?

A: केवल 1 और 2

B: केवल 3

C: केवल 2 और 3

D: 1, 2, और 3

उत्तर: B

स्पष्टीकरण:

कथन 1 – गलत है।
यह प्रावधान सभी संज्ञेय एवं गैर-जमानती अपराधों पर लागू नहीं होता। यह केवल उन गंभीर अपराधों पर लागू होता है जिनमें 10 वर्ष या उससे अधिक का कारावास, आजीवन कारावास अथवा मृत्युदंड का प्रावधान है।


कथन 2 – गलत है।
विचारण, अभियुक्त को उद्घोषित अपराधी घोषित किए जाने के तुरंत बाद प्रारंभ नहीं किया जा सकता। आरोप तय (Framing of Charges) किए जाने की तिथि से 90 दिनों के बाद ही विचारण प्रारंभ किया जा सकता है।


कथन 3 – सही है।
धारा 356 के अनुसार, यदि फरार अभियुक्त का कोई विधिक प्रतिनिधित्व नहीं है, तो न्यायालय के लिए राज्य-व्यय पर एक प्रतिरक्षा अधिवक्ता नियुक्त करना अनिवार्य है, ताकि निष्पक्ष (Fair) विचारण सुनिश्चित किया जा सके।


                            

Q2:

शाकनाशी (Herbicide) पैराक्वाट (Paraquat) के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

1.   पैराक्वाट डाइक्लोराइड (Paraquat dichloride) एक प्रणालीगत (Systemic) शाकनाशी है, जो पौधे की संवहनी प्रणाली (Vascular System) के माध्यम से पूरे पौधे में फैलता है।

2.   वर्तमान में पैराक्वाट विषाक्तता (Paraquat Poisoning) के लिए कोई ज्ञात चिकित्सीय प्रतिविष (Medical Antidote) उपलब्ध नहीं है।

3.   यह मुक्त कणों (Free Radicals) का निर्माण करके पौधों के ऊतकों को नष्ट करता है, जिससे प्रकाश संश्लेषण (Photosynthesis) की प्रक्रिया बाधित हो जाती है।

उपरोक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?

A: केवल 1 और 2

B: केवल 2

C: केवल 2 और 3

D: 1, 2, और 3

उत्तर: C

स्पष्टीकरण:

कथन 1 – गलत है।
पैराक्वाट डाइक्लोराइड एक संपर्क (Contact) शाकनाशी है, कि प्रणालीगत (Systemic) शाकनाशी इसका अर्थ है कि यह केवल उन हरे पौधों के ऊतकों को नष्ट करता है जिनके सीधे संपर्क में आता है। यह एक अचयनात्मक (Non-selective) शाकनाशी है, इसलिए जिस भी पौधे के भाग को स्पर्श करता है, उसे तेजी से नष्ट कर देता है।


कथन 2 – सही है।
चिकित्सा विशेषज्ञों के अनुसार, पैराक्वाट विषाक्तता के लिए वर्तमान में कोई ज्ञात प्रतिविष (Antidote) उपलब्ध नहीं है। इसकी बहुत कम मात्रा भी शरीर में प्रवेश करने पर अनेक अंगों (Multiple Organ Failure) की विफलता और मृत्यु का कारण बन सकती है।


कथन 3 – सही है।
पैराक्वाट मुक्त कणों (Free Radicals) का निर्माण करके पौधों की कोशिका झिल्लियों (Cell Membranes) को क्षतिग्रस्त करता है, जिससे प्रकाश संश्लेषण (Photosynthesis) की प्रक्रिया शीघ्र बाधित हो जाती है और पौधों के ऊतक नष्ट हो जाते हैं।


                            

Q3:

भारत में कृषि-रसायनों (Agrochemicals) के नियामक ढाँचे के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

1.   वर्तमान कीटनाशक अधिनियम, 1968 (Insecticides Act, 1968) के अंतर्गत राज्य सरकारों को अपने-अपने राज्यों में किसी भी खतरनाक कीटनाशक पर पूर्ण एवं स्थायी प्रतिबंध लगाने की वैधानिक शक्ति प्राप्त है।

2.   भारत में विपणन किए जाने वाले सभी शाकनाशकों (Herbicides) का केंद्रीय कीटनाशक बोर्ड एवं पंजीकरण समिति (Central Insecticides Board and Registration Committee - CIB&RC) में पंजीकरण अनिवार्य है।

3.   प्रस्तावित पेस्टिसाइड्स मैनेजमेंट विधेयक (Draft Pesticides Management Bill - PMB), 2025 कीटनाशक अधिनियम, 1968 का स्थान लेता है।

उपरोक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?

A: केवल 1 और 2

B: केवल 1 और 3

C: केवल 2 और 3

D: 1, 2, और 3

उत्तर: C

स्पष्टीकरण:

कथन 1 – गलत है।
वर्तमान कीटनाशक अधिनियम, 1968 के अंतर्गत राज्य सरकारें जनस्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए किसी खतरनाक रसायन की बिक्री एवं उपयोग पर अस्थायी रूप से रोक या प्रतिबंध लगा सकती हैं। किंतु उन्हें स्थायी प्रतिबंध लगाने अथवा केंद्रीय समीक्षा के बिना स्वतंत्र रूप से दीर्घकालिक प्रतिबंध लागू करने का कानूनी अधिकार प्राप्त नहीं है।


कथन 2 – सही है।
भारत में कृषि-रसायनों के नियमन के अनुसार, प्रत्येक कीटनाशक (जिसमें शाकनाशी भी शामिल हैं) का केंद्रीय कीटनाशक बोर्ड एवं पंजीकरण समिति (CIB&RC) में पंजीकरण अनिवार्य है। पंजीकरण के बिना किसी भी कीटनाशक का आयात, निर्माण या विपणन कानूनी रूप से नहीं किया जा सकता।


कथन 3 – सही है।
सरकार ने नियामक व्यवस्था के आधुनिकीकरण के लिए प्रस्तावित पेस्टिसाइड्स मैनेजमेंट विधेयक (PMB), 2025 प्रस्तुत किया है, जिसका उद्देश्य लगभग छह दशक पुराने कीटनाशक अधिनियम, 1968 का स्थान लेना है। इस नए विधेयक में डिजिटल ट्रेसबिलिटी (Digital Traceability), कड़ी निगरानी (Stricter Monitoring) तथा कीटनाशक विषाक्तता (Pesticide Poisoning) के मामलों की अनिवार्य रिपोर्टिंग जैसे प्रावधान प्रस्तावित किए गए हैं।


                            

Q4:

हाल ही में लागू हुए भारतयूनाइटेड किंगडम व्यापक आर्थिक एवं व्यापार समझौते (India–U.K. Comprehensive Economic and Trade Agreement – CETA) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

1.   यूनाइटेड किंगडम भारत के लगभग सभी निर्यातों पर तत्काल शुल्क (Tariff) समाप्त कर देगा, जिससे व्यापार मूल्य (Trade Value) का लगभग 97% भाग आच्छादित होगा।

2.   यह समझौता मुक्त व्यापार समझौते (FTA) में महिलाओं के उद्यमिता को बढ़ावा देने हेतु भारत का पहला समर्पित लैंगिक (Gender) अध्याय स्थापित करता है।

3.   यह समझौता मेक इन इंडिया (Make in India) से संबंधित संवेदनशील क्षेत्रों सहित सभी क्षेत्रों में भारत के शुल्कों (Tariffs) को पूर्णतः समाप्त कर देता है।

4.   इस समझौते के साथ एक डबल कंट्रीब्यूशन कन्वेंशन (Double Contribution Convention – DCC) भी लागू किया गया है, जिसके अंतर्गत भारतीय श्रमिकों को एक निर्धारित अवधि तक यू.के. की सामाजिक सुरक्षा (Social Security) में अंशदान से छूट मिलेगी।

उपरोक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?

A: केवल 1 और 2

B: केवल 1,3 और 4

C: केवल 1,2 और 4

D: 1, 2, 3 और 4

उत्तर: C

स्पष्टीकरण:

कथन 1 – सही है।
CETA
के अंतर्गत यूनाइटेड किंगडम ने 96.8% टैरिफ लाइनों (Tariff Lines) पर तत्काल शुल्क समाप्त कर दिया है, जिससे भारत के लगभग 97.7% व्यापार मूल्य को शुल्क-मुक्त बाजार पहुँच प्राप्त होती है। इससे भारतीय कृषि, वस्त्र (Textiles) तथा इंजीनियरिंग उत्पादों के निर्यात को उल्लेखनीय बढ़ावा मिलेगा।


कथन 2 – सही है।
यह समझौता एक आधुनिक (Forward-looking) एवं उच्च-मानक (Gold Standard) मुक्त व्यापार समझौता है, जिसमें पहली बार महिला उद्यमियों (Women Entrepreneurs) के लिए एक समर्पित लैंगिक (Gender) अध्याय शामिल किया गया है। इसका उद्देश्य महिलाओं की वैश्विक मूल्य श्रृंखलाओं (Global Value Chains) में भागीदारी को बढ़ावा देना है।


कथन 3 – गलत है।
भारत इस समझौते के अंतर्गत अपने आयातों पर शुल्कों में क्रमिक (Gradual) कमी करेगा। मेक इन इंडिया पहल से जुड़े संवेदनशील क्षेत्रों के लिए आवश्यक संरक्षण (Protection) बनाए रखा गया है। अतः सभी क्षेत्रों में शुल्कों का पूर्ण उन्मूलन नहीं किया गया है।


कथन 4 – सही है।
इस समझौते के साथ डबल कंट्रीब्यूशन कन्वेंशन (DCC) भी लागू किया गया है, जिसके अंतर्गत भारत की सामाजिक सुरक्षा प्रणाली में अंशदान करने वाले भारतीय पेशेवरों एवं श्रमिकों को एक निर्धारित अवधि तक यू.के. की सामाजिक सुरक्षा में अंशदान से छूट मिलेगी। इससे 75,000 से अधिक भारतीय पेशेवरों को लाभ मिलने की संभावना है।


                            

Q5:

भारतयूनाइटेड किंगडम व्यापक आर्थिक एवं व्यापार समझौते (India–U.K. Comprehensive Economic and Trade Agreement – CETA) के अंतर्गत प्रस्तुत निम्नलिखित प्रावधानों पर विचार कीजिए:

1.   स्वच्छता एवं पादप स्वच्छता उपायों (Sanitary and Phytosanitary – SPS) तथा व्यापार की तकनीकी बाधाओं (Technical Barriers to Trade – TBT) के क्षेत्र में सहयोग की व्यवस्था, ताकि गैर-शुल्कीय बाधाओं (Non-tariff Barriers) को कम किया जा सके।

2.   संधि-समर्थित (Treaty-backed) प्रावधान के माध्यम से यू.के. की कंपनियों को भारत के केंद्रीय सरकारी खरीद (Central Government Procurement) बाजार के एक सीमित हिस्से तक पहुँच प्रदान करना।

3.   बौद्धिक संपदा अधिकारों (Intellectual Property Rights – IPR) का पूर्ण उदारीकरण, जिससे जेनेरिक दवाओं (Generic Pharmaceuticals) के असीमित निर्माण की अनुमति मिल जाती है।

उपरोक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?

A: केवल 1 और 2

B: केवल 1 और 3

C: केवल 2 और 3

D: 1, 2, और 3

उत्तर: A

स्पष्टीकरण:

कथन 1 – सही है।
CETA
में गैर-शुल्कीय व्यापार बाधाओं (Non-tariff Barriers) को कम करने के लिए स्वच्छता एवं पादप स्वच्छता उपायों (SPS) तथा व्यापार की तकनीकी बाधाओं (TBT) के क्षेत्र में सहयोग की व्यवस्था की गई है। इससे भारतीय कृषि एवं समुद्री उत्पादों (Marine Products) के निर्यात में अस्वीकृति (Rejection) की संभावना कम होगी और बाजार तक पहुँच आसान बनेगी।


कथन 2 – सही है।
इस व्यापार समझौते के अंतर्गत पहली बार भारत ने यू.के. की पात्र कंपनियों को अपने केंद्रीय सरकारी खरीद बाजार के एक सीमित हिस्से तक पहुँच प्रदान की है। यह सुविधा हरित ऊर्जा (Green Energy), परिवहन (Transport) एवं अवसंरचना (Infrastructure) जैसे क्षेत्रों में उपलब्ध होगी, बशर्ते संबंधित कंपनियाँ स्थानीय सामग्री (Local Content) से संबंधित निर्धारित मानदंडों को पूरा करें।


कथन 3 – गलत है।
यद्यपि यह समझौता जेनेरिक दवाओं (Generic Medicines) तथा चिकित्सा उपकरणों (Medical Devices) की उपलब्धता और व्यापार को सुगम बनाता है, लेकिन यह बौद्धिक संपदा अधिकारों (IPR) का पूर्ण उदारीकरण नहीं करता। बौद्धिक संपदा संरक्षण (IP Protection) को बनाए रखते हुए, इसे तकनीकी एवं आर्थिक सहयोग को सुदृढ़ करने के व्यापक ढाँचे के अंतर्गत संतुलित रूप से विनियमित किया गया है।


                            
Aliganj Gomti Nagar Prayagraj