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Daily-mcqs 12 Feb 2026
Q1:
संसद के अध्यक्ष (लोक सभा के स्पीकर) को हटाने के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार करें: 1. स्पीकर को हटाने का प्रावधान संविधान के अनुच्छेद 94 के तहत है। 2. हटाने के लिए प्रस्ताव पेश करने से पहले न्यूनतम 14 दिन का नोटिस आवश्यक है। 3. प्रस्ताव को पास करने के लिए उपस्थित और मतदान करने वाले सदस्यों की सरल बहुमत आवश्यक है। 4. प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान स्पीकर को कार्यवाही में भाग लेने से रोका जाता है। उपरोक्त में से कौन-से कथन सही हैं?
A: केवल 1 और 2
B: केवल 1,3 और 4
C: केवल 1,2 और 3
D: 1, 2, 3 और 4
उत्तर: A
स्पष्टीकरण:
कथन 1 – सही।
संविधान के अनुच्छेद 94(c) के तहत लोक सभा द्वारा पारित प्रस्ताव के माध्यम से स्पीकर को हटाया जा सकता है।
कथन 2 – सही।
ऐसा प्रस्ताव पेश करने से पहले न्यूनतम 14 दिन का नोटिस आवश्यक है (लोक सभा नियम 200–203)।
कथन 3 – गलत।
प्रस्ताव को पारित करने के लिए केवल उपस्थित और मतदान करने वालों की सरल बहुमत नहीं, बल्कि सभी सदस्यों की प्रभावी बहुमत (effective majority) आवश्यक है।
कथन 4 – गलत।
स्पीकर चर्चा के दौरान बैठ सकते हैं, बोल सकते हैं और मतदान कर सकते हैं, लेकिन टाई होने की स्थिति में कास्टिंग वोट का उपयोग नहीं कर सकते।
Q2:
लोक सभा के स्पीकर की संवैधानिक स्थिति के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनो पर विचार करें: 1. चुनाव के बाद स्पीकर को अपनी राजनीतिक पार्टी से इस्तीफा देना आवश्यक है। 2. नए स्पीकर के चुने जाने तक स्पीकर लोक सभा के भंग होने के बाद भी पद पर बने रहते हैं। 3. दसवें अनुसूची (Tenth Schedule) के तहत स्पीकर के निर्णय न्यायिक समीक्षा (judicial review) के अधीन हैं। उपरोक्त में से कौन-से कथन सही हैं?
A: केवल 1 और 2
B: केवल 1 और 3
C: केवल 2 और 3
D: 1, 2, और 3
उत्तर: C
स्पष्टीकरण:
कथन 1 – गलत।
यूके के विपरीत, भारत में स्पीकर को अपनी पार्टी की सदस्यता से इस्तीफा देना आवश्यक नहीं है।
कथन 2 – सही।
अनुच्छेद 94 के तहत, नए स्पीकर के चुने जाने तक स्पीकर लोक सभा के भंग होने के बाद भी पद पर बने रहते हैं।
कथन 3 – सही।
Kihoto Hollohan v. Zachillhu (1992) के फैसले में सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि दसवें अनुसूची के तहत स्पीकर के निर्णय न्यायिक समीक्षा के अधीन हैं।
Q3:
सांसदीय लोकतंत्र के संदर्भ में, स्पीकर की निष्पक्षता आवश्यक है क्योंकि: 1. स्पीकर विरोधी पार्टी छोड़ने/दल बदल कानून (Anti-Defection Law) के तहत निर्णय करते हैं। 2. स्पीकर मनी बिल (Money Bills) को प्रमाणित करते हैं। 3. स्पीकर विधानमंडल की कार्यसूची और बोलने का समय नियंत्रित करते हैं। उपरोक्त में से कौन-से कथन सही हैं?
A: केवल 1 और 2
B: केवल 2
C: केवल 2 और 3
D: 1, 2, और 3
उत्तर: D
स्पष्टीकरण:
इन तीनों अधिकारों के लिए निष्पक्षता आवश्यक है:
· विरोधी पार्टी छोड़ने/दल बदल कानून के निर्णय → सरकार के अस्तित्व पर असर डाल सकते हैं।
· मनी बिल का प्रमाणन (अनुच्छेद 110) → राज्यसभा को बायपास कर सकता है।
· संसदीय कार्यवाही और बोलने का समय नियंत्रित करना → बहस की दिशा तय करता है।
इस प्रकार, स्पीकर की निष्पक्षता संवैधानिक कार्यप्रणाली के लिए मौलिक है।
Q4:
भ्रष्टाचार धारणा सूचकांक (Corruption Perceptions Index – CPI) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार करें: 1. इसे ट्रांसपेरेंसी इंटरनेशनल (Transparency International) द्वारा वार्षिक रूप से जारी किया जाता है। 2. यह प्रत्येक देश में दर्ज वास्तविक भ्रष्टाचार मामलों को मापता है। 3. यह कई स्वतंत्र डेटा स्रोतों का उपयोग करता है, जिसमें वैश्विक संस्थाओं द्वारा किए गए मूल्यांकन शामिल हैं। 4. उच्च CPI स्कोर का अर्थ है अधिक भ्रष्टाचार की धारणा। उपरोक्त में से कौन-से कथन सही हैं?
A: केवल 1 और 2
B: केवल 1 और 3
C: केवल 1,2 और 3
D: 1, 2, 3 और 4
उत्तर: B
स्पष्टीकरण:
कथन 1 – सही।
CPI को ट्रांसपेरेंसी इंटरनेशनल, जो कि बर्लिन स्थित एक नागरिक समाज संगठन है, द्वारा वार्षिक रूप से जारी किया जाता है।
कथन 2 – गलत।
CPI वास्तविक भ्रष्टाचार मामलों को मापता नहीं है। यह जनता क्षेत्र में भ्रष्टाचार की धारणा को मापता है, जो विशेषज्ञ मूल्यांकन और सर्वेक्षणों पर आधारित है।
कथन 3 – सही।
यह 13 स्वतंत्र डेटा स्रोतों का उपयोग करता है, जिनमें विश्व बैंक, वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम, और अन्य शोध संस्थान शामिल हैं।
कथन 4 – गलत।
CPI का स्कोर 0 (अत्यधिक भ्रष्ट) से लेकर 100 (बहुत साफ-सुथरा) तक होता है। इसलिए, अधिक स्कोर का अर्थ है कम भ्रष्टाचार की धारणा, न कि अधिक।
Q5:
भारत में भ्रष्टाचार विरोधी संस्थाओं के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार करें: 1. लोकपाल एक सांविधिक (statutory) संस्था है, जिसे लोकपाल और लोकायुक्त अधिनियम, 2013 के तहत स्थापित किया गया। 2. केंद्रीय सतर्कता आयोग (CVC) एक संवैधानिक संस्था है। 3. भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम (1988, संशोधित 2018) में लालच लेना और देना दोनों को दंडनीय बनाया गया है। 4. व्हिसलब्लोअर्स प्रोटेक्शन एक्ट, 2014 सूचनाकर्ताओं (informants) को प्रतिशोध से बचाने के लिए सुरक्षा प्रदान करता है। उपरोक्त में से कौन-से कथन सही हैं?
A: केवल 1 और 2
B: केवल 1,3 और 4
C: केवल 1,2 और 3
D: 1, 2, 3 और 4
उत्तर: B
स्पष्टीकरण:
कथन 1 – सही।
लोकपाल को लोकपाल और लोकायुक्त अधिनियम, 2013 के तहत एक सांविधिक संस्था के रूप में स्थापित किया गया है।
कथन 2 – गलत।
CVC एक सांविधिक संस्था है, संवैधानिक संस्था नहीं।
कथन 3 – सही।
2018 के संशोधन ने घूस देने को भी दंडनीय बनाया।
कथन 4 – सही।
व्हिसलब्लोअर्स प्रोटेक्शन एक्ट, 2014 भ्रष्टाचार की सूचना देने वाले व्यक्तियों को प्रतिशोध से बचाता है।