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Daily-mcqs 11 Aug 2026

यूपीएससी और राज्य पीएससी परीक्षाओं के लिए समसामयिकी MCQs 11 Aug 2026

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यूपीएससी और राज्य पीएससी परीक्षाओं के लिए समसामयिकी MCQs

Q1:

2026 तक भारत की गैर-जीवाश्म ईंधन ऊर्जा स्थिति के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

1. गैर-जीवाश्म ईंधन स्रोत भारत की कुल स्थापित विद्युत उत्पादन क्षमता का 50% से अधिक हिस्सा रखते हैं।

2. सौर ऊर्जा का सबसे बड़ा हिस्सा है, जो कुल गैर-जीवाश्म क्षमता के आधे से अधिक का योगदान करती है।

3. नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय (MNRE) द्वारा गैर-जीवाश्म ईंधन क्षमता की गणना में परमाणु ऊर्जा को शामिल नहीं किया जाता है।

उपरोक्त में से कौन-से कथन सही हैं?

A: केवल 1 और 2

B: केवल 2

C: केवल 2 और 3

D: 1, 2, और 3

उत्तर: A

स्पष्टीकरण:

कथन 1 सही है:
भारत की कुल स्थापित विद्युत उत्पादन क्षमता लगभग 552 GW है, जबकि गैर-जीवाश्म ईंधन स्रोतों की क्षमता 300.50 GW तक पहुँच गई है। यह कुल स्थापित क्षमता का 54% से अधिक है।


कथन 2 सही है:
सौर ऊर्जा की स्थापित क्षमता 164.59 GW है, जबकि कुल गैर-जीवाश्म ईंधन क्षमता 300.50 GW है। इस प्रकार, सौर ऊर्जा कुल गैर-जीवाश्म ऊर्जा मिश्रण में 50% से अधिक का योगदान करती है।


कथन 3 गलत है:
गैर-जीवाश्म ईंधन क्षमता में नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों के साथ-साथ परमाणु ऊर्जा भी शामिल होती है। परमाणु ऊर्जा की स्थापित क्षमता 8.78 GW है। इसलिए यह कहना गलत है कि गैर-जीवाश्म ईंधन क्षमता की गणना में परमाणु ऊर्जा को शामिल नहीं किया जाता है।


                            

Q2:

भारत की जलवायु प्रतिबद्धताओं और अंतरराष्ट्रीय लक्ष्यों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

1. वर्ष 2030 तक 500 GW गैर-जीवाश्म ऊर्जा क्षमता प्राप्त करने का लक्ष्य पंचामृत (Panchamrit)’ प्रतिबद्धताओं का हिस्सा है, जिसकी घोषणा COP26 में की गई थी।

2. भारत ने पेरिस समझौते (Paris Agreement) के तहत वर्ष 2030 तक गैर-जीवाश्म ऊर्जा स्रोतों से कुल संचयी विद्युत स्थापित क्षमता का लगभग 50% प्राप्त करने की प्रतिबद्धता जताई है।

3. भारत ने 40% गैर-जीवाश्म ऊर्जा क्षमता प्राप्त करने के अपने पेरिस समझौते के लक्ष्य को निर्धारित समय-सीमा से काफी पहले हासिल कर लिया।

उपरोक्त में से कौन-से कथन सही हैं?

A: केवल 1 और 2

B: केवल 1 और 3

C: केवल 2 और 3

D: 1, 2, और 3

उत्तर: B

स्पष्टीकरण:

कथन 1 सही है:
ग्लासगो में आयोजित COP26 में भारत ने पंचामृतकार्ययोजना की घोषणा की थी। इसमें वर्ष 2030 तक 500 GW गैर-जीवाश्म विद्युत क्षमता प्राप्त करने का लक्ष्य शामिल है।


कथन 2 गलत है:
यहाँ 2015 के मूल पेरिस समझौते के तहत भारत की प्रतिबद्धता और बाद में किए गए संशोधित/अद्यतन NDC के बीच अंतर समझना आवश्यक है।


भारत की 2015 की मूल NDC प्रतिबद्धता में वर्ष 2030 तक कुल संचयी विद्युत स्थापित क्षमता का 40% गैर-जीवाश्म ऊर्जा स्रोतों से प्राप्त करने का लक्ष्य रखा गया था। बाद में इसे बढ़ाकर लगभग 50% किया गया, जो अद्यतन NDC और COP26 में घोषित व्यापक जलवायु प्रतिबद्धताओं का हिस्सा है।


इसलिए, यदि कथन 2 में इसे मूल पेरिस समझौते के तहत की गई प्रतिबद्धता के रूप में प्रस्तुत किया गया है, तो यह गलत है।


कथन 3 सही है:
भारत ने अपने प्रारंभिक 40% गैर-जीवाश्म स्थापित विद्युत क्षमता के लक्ष्य को निर्धारित समय-सीमा 2030 से काफी पहले हासिल कर लिया था।


 


                            

Q3:

राज्य गीत तमिल थाई वल्थु'के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

1. यह माँ तमिल (Mother Tamil) को समर्पित एक प्रार्थना/वंदना गीत है, जो मनोनमनियम सुंदरणार (P. Sundaram Pillai) द्वारा रचित वर्ष 1891 के तमिल साहित्यिक कृति मनोनमनियम से लिया गया है।

2. इसे वर्ष 2021 में तमिलनाडु के आधिकारिक राज्य गीत का दर्जा दिया गया।

3. राष्ट्रगान जन गण मन की तरह, किसी राज्य गीत को भी भारत के संविधान के पाठ से सीधे स्पष्ट और समान रूप से अनिवार्य संवैधानिक दर्जा प्राप्त होता है।

उपरोक्त में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?

A: केवल 1 और 2

B: केवल 1 और 3

C: केवल 2 और 3

D: 1, 2, और 3

उत्तर: A

स्पष्टीकरण:

कथन 1 सही है:
तमिल थाई वल्थुमाँ तमिल को समर्पित एक वंदना/प्रार्थना गीत है। यह प्रसिद्ध 1891 में रचित पद्य-नाटक/महाकाव्य मनोनमनियम से लिया गया है, जिसके रचयिता पी. सुंदरम पिल्लै (मनोनमनियम सुंदरणार) थे।


कथन 2 सही है:
यद्यपि 1970 के दशक से इसे विभिन्न सरकारी कार्यक्रमों और मंचों पर व्यापक रूप से गाया जाता रहा है, लेकिन वर्ष 2021 में इसे तमिलनाडु के औपचारिक राज्य गीत के रूप में आधिकारिक कानूनी मान्यता प्रदान की गई।


कथन 3 गलत है:
भारतीय संविधान में राष्ट्रगान जन गण मन जैसे राष्ट्रीय प्रतीकों के संबंध में विशेष उल्लेख और सम्मान के मानक मौजूद हैं। उदाहरण के लिए, अनुच्छेद 51A(a) प्रत्येक नागरिक को संविधान, राष्ट्रीय ध्वज और राष्ट्रगान का सम्मान करने का कर्तव्य निर्धारित करता है।


हालाँकि, संविधान किसी राज्य के राज्य गीत को राष्ट्रगान के समान या उसके समकक्ष प्रत्यक्ष एवं समान संवैधानिक दर्जा प्रदान नहीं करता है। किसी राज्य गीत का सरकारी संस्थानों में अनिवार्य उपयोग संबंधित राज्य सरकार के कार्यकारी/प्रशासनिक आदेशों के माध्यम से निर्धारित किया जा सकता है, कि संविधान के सीधे प्रावधान द्वारा।


                            

Q4:

राज्य गीतों और हाल के औपचारिक प्रोटोकॉल से संबंधित निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

1. भारतीय संविधान का अनुच्छेद 162 किसी राज्य की कार्यपालिका शक्ति की सीमा निर्धारित करता है। इसके अंतर्गत राज्य द्वारा नियंत्रित सार्वजनिक कार्यालयों और शैक्षणिक संस्थानों के लिए आंतरिक प्रोटोकॉल तथा औपचारिक/सांस्कृतिक प्रक्रियाएँ निर्धारित की जा सकती हैं।

2. किसी सार्वजनिक कार्यक्रम के प्रारंभ में राज्य गीत का अनिवार्य रूप से संस्थागत रूप से गाया जाना, स्वतः ही प्रत्येक उपस्थित व्यक्ति के लिए मौलिक कर्तव्यों के तहत कानूनी रूप से बाध्यकारी रूप से उस गीत को गाना अनिवार्य कर देता है।

3. सुप्रीम कोर्ट ने Bijoe Emmanuel v. State of Kerala (1986) में कहा था कि किसी व्यक्ति को राष्ट्रीय प्रतीक के प्रति सम्मान व्यक्त करने के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता, यदि ऐसा करना उसकी व्यक्तिगत मान्यताओं या अंतरात्मा के विरुद्ध हो।

उपरोक्त में से कौन-से कथन सही हैं?

A: केवल 1 और 2

B: केवल 1 और 3

C: केवल 2 और 3

D: 1, 2, और 3

उत्तर: B

स्पष्टीकरण:

कथन 1 सही है:
संविधान के अनुच्छेद 162 के तहत राज्य की कार्यपालिका शक्ति उन विषयों तक विस्तृत होती है, जिनके संबंध में राज्य विधानमंडल को कानून बनाने की शक्ति प्राप्त है। राज्य के कार्यालयों में प्रशासनिक या औपचारिक/प्रोटोकॉल संबंधी नियम निर्धारित करना इसी क्षेत्र के अंतर्गत आता है।


कथन 2 गलत है:
यहाँ संस्थागत कर्तव्य और व्यक्तिगत बाध्यता के बीच स्पष्ट अंतर है।


यदि किसी संस्था या सरकारी कार्यालय को किसी सार्वजनिक कार्यक्रम की शुरुआत एक निश्चित राज्य गीत के साथ करने का निर्देश दिया जाता है, तो इसका यह अर्थ स्वतः नहीं है कि वहाँ उपस्थित प्रत्येक व्यक्ति पर उस गीत को स्वयं गाने का कानूनी दायित्व भी लागू हो जाता है। विशेष रूप से, व्यक्ति की मौलिक स्वतंत्रताओं और अंतरात्मा की स्वतंत्रता को ध्यान में रखना आवश्यक है।


कथन 3 सही है:
प्रसिद्ध Bijoe Emmanuel मामले (1986), जिसे Jehovah's Witnesses Case के नाम से भी जाना जाता है, में सर्वोच्च न्यायालय ने उन विद्यार्थियों के अधिकारों की रक्षा की जिन्हें उनकी धार्मिक/अंतरात्मा संबंधी मान्यताओं के कारण राष्ट्रगान गाने में शामिल होने से आपत्ति थी


न्यायालय ने यह स्पष्ट किया कि राष्ट्रीय प्रतीक के प्रति सम्मान बनाए रखना महत्वपूर्ण है, लेकिन किसी व्यक्ति को उसकी अंतरात्मा या धार्मिक विश्वास के विरुद्ध अभिव्यक्ति के लिए पूर्ण रूप से बाध्य नहीं किया जा सकता


                            

Q5:

भारत में पहुँच एवं लाभ-साझाकरण (Access and Benefit Sharing – ABS) तंत्र के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

1. भारत में ABS ढाँचे को कानूनी आधार जैव विविधता अधिनियम, 2002 (Biological Diversity Act, 2002) से प्राप्त होता है।

2. भारत की ABS व्यवस्था, जैव-सुरक्षा पर कार्टाजेना प्रोटोकॉल (Cartagena Protocol on Biosafety) के अनुरूप है।

3. राष्ट्रीय जैव विविधता प्राधिकरण (National Biodiversity Authority – NBA), ABS के अंतर्गत एकत्रित धनराशि को राज्य जैव विविधता बोर्डों (State Biodiversity Boards) और स्थानीय जैव विविधता प्रबंधन समितियों (Biodiversity Management Committees) को वितरित करता है।

उपरोक्त में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?

A: केवल 1 और 2

B: केवल 2

C: केवल 1 और 3

D: 1, 2, और 3

उत्तर: C

स्पष्टीकरण:

कथन 1 सही है:
भारत में पहुँच एवं लाभ-साझाकरण (ABS) की कानूनी व्यवस्था का आधार जैव विविधता अधिनियम, 2002 है। यह अधिनियम जैव विविधता पर कन्वेंशन (Convention on Biological Diversity – CBD) के उद्देश्यों को भारत में लागू करने के लिए कानूनी ढाँचा प्रदान करता है।


कथन 2 गलत है:
ABS
तंत्र और लाभ-साझाकरण के सिद्धांत कार्टाजेना प्रोटोकॉल के बजाय नागोया प्रोटोकॉल (Nagoya Protocol) के अनुरूप हैं।


नागोया प्रोटोकॉल आनुवंशिक संसाधनों तक पहुँच तथा उनसे प्राप्त लाभों के निष्पक्ष और न्यायसंगत साझाकरण से संबंधित है।


इसके विपरीत, कार्टाजेना प्रोटोकॉल आधुनिक जैव प्रौद्योगिकी से उत्पन्न जीवित संशोधित जीवों (Living Modified Organisms – LMOs) के सुरक्षित संचालन, परिवहन और उपयोग से संबंधित है।


कथन 3 सही है:
राष्ट्रीय जैव विविधता प्राधिकरण (NBA) ABS तंत्र के माध्यम से एकत्रित धनराशि को राज्य जैव विविधता बोर्डों (SBBs), केंद्रशासित प्रदेश जैव विविधता परिषदों (UTBCs) तथा स्थानीय संस्थाओं को वितरित करता है। इसका उद्देश्य जैव विविधता संरक्षण और स्थानीय समुदायों के कल्याण को बढ़ावा देना है।


 


                            
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