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Daily-mcqs 11 Jun 2026

यूपीएससी और राज्य पीएससी परीक्षाओं के लिए समसामयिकी MCQs 11 Jun 2026

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यूपीएससी और राज्य पीएससी परीक्षाओं के लिए समसामयिकी MCQs

Q1:

चंद्रयान-3 मिशन के पेलोड उपकरणों के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

1.   RAMBHA-LP को चंद्रमा की सतह के निकट उपस्थित प्लाज़्मा में इलेक्ट्रॉन घनत्व (Electron Density) और तापमान मापने के लिए डिज़ाइन किया गया है।

2.   ChaSTE चंद्रमा के ध्रुवीय क्षेत्र के निकट सतह के तापीय (Thermal) गुणों को मापता है।

3.   ILSA चंद्रमा के लैंडिंग स्थल के आसपास की भूकंपीय (Seismic) गतिविधियों को मापता है।

उपरोक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?

A: केवल 1 और 2

B: केवल 2

C: केवल 2 और 3

D: 1, 2, और 3

उत्तर: D

स्पष्टीकरण:

कथन 1 सही है:


RAMBHA-LP (Radio Anatomy of Moon Bound Hypersensitive Ionosphere and Atmosphere - Langmuir Probe) लैंडर पर स्थापित एक महत्वपूर्ण पेलोड है। इसका मुख्य कार्य चंद्रमा की सतह के निकट प्लाज़्मा वातावरण का अध्ययन करना है, जिसमें इलेक्ट्रॉन घनत्व और तापमान का मापन शामिल है। यह सौर पवन (Solar Wind) और चंद्र सतह के बीच होने वाली अंतःक्रियाओं को समझने में सहायता करता है।


कथन 2 सही है:


ChaSTE (Chandra's Surface Thermophysical Experiment) को चंद्र सतह की तापमान प्रोफाइलिंग करने के लिए विकसित किया गया था। इसने दक्षिणी ध्रुव के निकट चंद्र मिट्टी की तापीय चालकता (Thermal Conductivity) तथा तापमान प्रवणता (Temperature Gradient) का अध्ययन किया।


कथन 3 सही है:


ILSA (Instrument for Lunar Seismic Activity) का उद्देश्य लैंडिंग स्थल के आसपास होने वाले कंपन, भूकंपीय गतिविधियों तथा संभावित "मूनक्वेक" (Moonquakes) को रिकॉर्ड करना है। इससे वैज्ञानिकों को चंद्रमा की भूपर्पटी (Crust) और मैंटल (Mantle) की संरचना को बेहतर ढंग से समझने में मदद मिलती है।


                            

Q2:

भारत के अंतरिक्ष अभियानों के संदर्भ में, चंद्रयान-3 के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

1.   अपने पूर्ववर्ती चंद्रयान-2 के विपरीत, चंद्रयान-3 में कोई समर्पित वैज्ञानिक ऑर्बिटर (Scientific Orbiter) शामिल नहीं था।

2.   इस अंतरिक्ष यान को GSLV-Mk3 (जिसे LVM3 भी कहा जाता है) प्रक्षेपण यान द्वारा लॉन्च किया गया था।

3.   प्रोपल्शन मॉड्यूल (Propulsion Module) में SHAPE नामक एक पेलोड था, जिसका उद्देश्य चंद्र कक्षा (Lunar Orbit) से पृथ्वी का अध्ययन करना था।

उपरोक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?

A: केवल 1 और 2

B: केवल 1 और 3

C: केवल 2 और 3

D: 1, 2, और 3

उत्तर: D

स्पष्टीकरण:

कथन 1 सही है:


चंद्रयान-3, चंद्रयान-2 मिशन का पुनरावृत्त (Repeat) मिशन था, लेकिन इसमें कोई समर्पित वैज्ञानिक ऑर्बिटर शामिल नहीं किया गया था। इसके स्थान पर एक हल्के प्रोपल्शन मॉड्यूल (PM) का उपयोग किया गया, जिसने लैंडर और रोवर मॉड्यूल को चंद्र कक्षा तक पहुँचाने का कार्य किया।


कथन 2 सही है:


इस मिशन का सफल प्रक्षेपण ISRO के सबसे शक्तिशाली परिचालन रॉकेट LVM3 (Launch Vehicle Mark-3) द्वारा किया गया था, जिसे पहले GSLV-Mk3 के नाम से जाना जाता था।


कथन 3 सही है:


प्रोपल्शन मॉड्यूल में SHAPE (Spectro-polarimetry of Habitable Planet Earth) नामक एक प्रयोगात्मक पेलोड लगाया गया था। इसका मुख्य उद्देश्य चंद्र कक्षा से पृथ्वी के वायुमंडल और उसके वर्णक्रमीय (Spectral) संकेतों का अध्ययन करना था। यह अध्ययन भविष्य में रहने योग्य बाह्यग्रहों (Habitable Exoplanets) की पहचान करने में सहायता प्रदान करेगा।


                            

Q3:

ज़ोजिला सुरंग (Zojila Tunnel) के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

1.   यह उच्च ऊँचाई पर स्थित एशिया की सबसे लंबी द्वि-दिशात्मक (Bi-directional) एकल-ट्यूब (Single-Tube) सड़क सुरंग है।

2.   यह सुरंग जम्मू-कश्मीर के गांदरबल (Ganderbal) को लद्दाख के द्रास (Dras) से जोड़ती है।

3.   यह पूर्णतः राष्ट्रीय राजमार्ग-1 (NH-1) पर स्थित है।

4.   इसका निर्माण कट एंड कवर (Cut and Cover) विधि से किया जा रहा है।

उपरोक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?

A: केवल 1 और 2

B: केवल 1,3 और 4

C: केवल 1,2 और 3

D: 1, 2, 3 और 4

उत्तर: C

स्पष्टीकरण:

कथन 1 और 2 सही हैं:


Zojila Tunnel के पूर्ण रूप से चालू होने पर यह 11,578 फीट की रिकॉर्ड ऊँचाई पर निर्मित एशिया की सबसे लंबी द्वि-दिशात्मक एकल-ट्यूब सड़क सुरंग होगी। यह जम्मू-कश्मीर के गांदरबल जिले में स्थित Baltal (सोनमर्ग के निकट) को लद्दाख के द्रास क्षेत्र में स्थित Minamarg से जोड़ती है।


कथन 3 सही है:


यह सुरंग National Highway 1 (श्रीनगरकारगिललेह राष्ट्रीय राजमार्ग-1) पर एक अत्यंत महत्वपूर्ण अवसंरचना परियोजना है, जो पूरे वर्ष संपर्क बनाए रखने में मदद करेगी।


कथन 4 गलत है:


इस सुरंग का निर्माण न्यू ऑस्ट्रियन टनलिंग मेथड (NATM) द्वारा किया जा रहा है। यह एक आधुनिक इंजीनियरिंग तकनीक है, जो हिमालयी क्षेत्रों की जटिल एवं संवेदनशील भूगर्भीय परिस्थितियों के लिए विशेष रूप से उपयुक्त है। अतः इसका निर्माण कट एंड कवर (Cut and Cover) विधि से नहीं किया जा रहा है।


                            

Q4:

ज़ोजिला सुरंग (Zojila Tunnel) के सामरिक (Strategic) और आर्थिक महत्व के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

1.   यह हिमस्खलन (Avalanche) प्रभावित ज़ोजिला दर्रे (Zojila Pass) को बायपास करके वर्ष के 365 दिनों निर्बाध संपर्क सुनिश्चित करती है।

2.   यह ज़ोजिला मार्ग पर यात्रा समय को घटाकर केवल 15 मिनट कर देगी।

3.   यह नियंत्रण रेखा (LoC) और वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) के निकट सैन्य गतिशीलता (Military Mobility) को बढ़ाएगी।

उपरोक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?

A: केवल 1 और 2

B: केवल 1 और 3

C: केवल 2 और 3

D: 1, 2, और 3

उत्तर: D

स्पष्टीकरण:

कथन 1 सही है:


वर्तमान में Zojila Pass भारी बर्फबारी और हिमस्खलनों से प्रभावित रहता है तथा प्रत्येक सर्दी में लगभग 3 से 4 महीने तक बंद रहता है। इसके कारण लद्दाख का शेष देश से संपर्क अस्थायी रूप से कट जाता है। Zojila Tunnel इस दर्रे का स्थायी विकल्प प्रदान करेगी, जिससे पूरे वर्ष निर्बाध आवागमन संभव होगा।


कथन 2 सही है:


यह सुरंग ज़ोजिला पर्वतीय मार्ग को पार करने में लगने वाले समय को लगभग 3.5 घंटे से घटाकर केवल 15 मिनट कर देगी। इससे ईंधन की खपत, परिवहन लागत तथा आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति में लगने वाला समय काफी कम हो जाएगा।


कथन 3 सही है:


राष्ट्रीय सुरक्षा की दृष्टि से यह सुरंग एक महत्वपूर्ण सामरिक संपत्ति है। नियंत्रण रेखा (LoC) और वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) के निकट स्थित होने के कारण यह अत्यधिक ठंड और प्रतिकूल मौसम में भी सैनिकों, भारी सैन्य उपकरणों तथा रसद सामग्री की तेज़ और निर्बाध तैनाती सुनिश्चित करेगी।


                            

Q5:

विदेशी मुद्रा अनिवासी (बैंक) [FCNR(B)] जमा खातों के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

1.   ये खाते अनिवासी भारतीयों (NRIs) को अपनी राशि को भारतीय रुपये में परिवर्तित किए बिना विदेशी मुद्राओं में जमा करने की अनुमति देते हैं।

2.   विनिमय दर (Exchange Rate) में उतार-चढ़ाव का जोखिम जमाकर्ता (Depositor) द्वारा वहन किया जाता है।

3.   FCNR(B) जमा पर अर्जित ब्याज भारत में करयोग्य (Taxable) होता है।

उपरोक्त कथनों में से कितने सही हैं?

A: केवल एक

B: केवल दो

C: सभी तीनो

D: कोई नहीं

उत्तर: A

स्पष्टीकरण:

कथन 1 सही है:


FCNR(B) (Foreign Currency Non-Resident Bank) Deposit एक सावधि जमा (Fixed-Term Deposit) खाता है, जिसे अनिवासी भारतीय (NRI), भारतीय मूल के व्यक्ति (PIO) तथा प्रवासी भारतीय नागरिक (OCI) भारत में खोल सकते हैं। इन खातों में अमेरिकी डॉलर (USD), ब्रिटिश पाउंड (GBP), यूरो (EUR) आदि निर्दिष्ट विदेशी मुद्राओं में राशि जमा की जा सकती है, बिना उसे भारतीय रुपये में परिवर्तित किए।


कथन 2 गलत है:


FCNR(B) जमा में विदेशी मुद्रा विनिमय दर में उतार-चढ़ाव का पूरा जोखिम बैंक वहन करता है, कि जमाकर्ता। इसलिए यह अनिवासी जमाकर्ताओं के लिए अपेक्षाकृत सुरक्षित निवेश विकल्प माना जाता है।


कथन 3 गलत है:


FCNR(B) जमा पर अर्जित ब्याज पात्र अनिवासी व्यक्तियों के लिए भारत में पूर्णतः कर-मुक्त (Tax-Free) होता है। यही कारण है कि यह निवेश साधन अनिवासियों के बीच काफी लोकप्रिय है।


 


                            
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