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Daily-mcqs 10 Jul 2026

यूपीएससी और राज्य पीएससी परीक्षाओं के लिए समसामयिकी MCQs 10 Jul 2026

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यूपीएससी और राज्य पीएससी परीक्षाओं के लिए समसामयिकी MCQs

Q1:

इंडोनेशिया के प्रम्बानन (Prambanan) मंदिर के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

1.   यह इंडोनेशिया का सबसे बड़ा हिंदू मंदिर परिसर है तथा दक्षिण-पूर्व एशिया में शैव मंदिर वास्तुकला का सर्वोच्च उदाहरण माना जाता है।

2.   इस मंदिर का निर्माण 9वीं शताब्दी ईस्वी के आसपास संजय वंश (Sanjaya Dynasty) के शासनकाल में हुआ था।

3.   मंदिर परिसर का केंद्रीय मंदिर भगवान विष्णु को समर्पित है।

4.   मंदिर की दीवारों पर रामायण तथा भागवत पुराण के प्रसंगों का चित्रण करने वाली सुंदर उत्कीर्ण (रिलीफ) मूर्तियाँ अंकित हैं।

उपरोक्त में से कौन-से कथन सही हैं?

A: 1, 2 और 3 केवल

B: 1, 3 और 4 केवल

C: 1, 2 और 4 केवल

D: 1, 2, 3 और 4

उत्तर: C

स्पष्टीकरण:


  • कथन 1 – सही:
    प्रम्बानन इंडोनेशिया का सबसे बड़ा हिंदू मंदिर परिसर है और इसे दक्षिण-पूर्व एशिया में शैव मंदिर वास्तुकला के उत्कृष्टतम उदाहरणों में से एक माना जाता है।

  • कथन 2 – सही:
    इसका निर्माण लगभग 850 ईस्वी में संजय वंश (Sanjaya Dynasty) के शासनकाल के दौरान हुआ था। यह जावा में शैव हिंदू धर्म के पुनरुत्थान का प्रतीक माना जाता है।

  • कथन 3 – गलत:
    मंदिर परिसर का 47 मीटर ऊँचा केंद्रीय मंदिर भगवान शिव को समर्पित है, कि भगवान विष्णु को। त्रिमूर्ति मंदिरों में शिव, विष्णु और ब्रह्मा के अलग-अलग मंदिर हैं, जिनमें शिव का मंदिर सबसे ऊँचा और केंद्रीय है।

  • कथन 4 – सही:
    मंदिर की दीवारों पर रामायण तथा भागवत पुराण के प्रसंगों को दर्शाने वाली अत्यंत सुंदर उत्कीर्ण (रिलीफ) मूर्तियाँ बनी हुई हैं, जो भारतीय महाकाव्यों एवं पुराणों के गहरे सांस्कृतिक प्रभाव को प्रदर्शित करती हैं।


 


                            

Q2:

2026 के भारतइंडोनेशिया नेताओं के शिखर सम्मेलन  के दौरान शुरू की गई प्रम्बानन मंदिर संरक्षण पहल के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

1.   इस संरक्षण परियोजना का उद्देश्य भारत और इंडोनेशिया के बीच साझा सभ्यतागत संबंधों का प्रतीक यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल (UNESCO World Heritage Site) का संरक्षण करना है।

2.   यह पहल भारत की एक्ट ईस्ट नीति (Act East Policy) को सुदृढ़ करते हुए आसियान (ASEAN) के साथ सांस्कृतिक कूटनीति एवं पुरातात्त्विक सहयोग को बढ़ावा देती है।

3.   प्रम्बानन मंदिर परिसर को वर्ष 1991 में यूनेस्को द्वारा विश्व धरोहर स्थल घोषित किया गया था।

4.   इस मंदिर का निर्माण ईंट एवं चूने के गारे (Brick-and-Lime Mortar) का उपयोग करके किया गया था, जो मध्यकालीन दक्षिण-पूर्व एशियाई निर्माण तकनीकों को दर्शाता है।

नीचे दिए गए कूट (Code) का उपयोग करके सही उत्तर चुनिए:

A: 1, 2 और 3 केवल

B: 1, 3 और 4 केवल

C: 1, 2 और 4 केवल

D: 1, 2, 3 और 4

उत्तर: A

स्पष्टीकरण:


  • कथन 1 – सही:
    भारत और इंडोनेशिया की संयुक्त संरक्षण पहल दोनों देशों के गहरे सभ्यतागत एवं सांस्कृतिक संबंधों को दर्शाती है तथा वैश्विक महत्व वाले यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल के संरक्षण का उद्देश्य रखती है।

  • कथन 2 – सही:
    यह परियोजना सांस्कृतिक कूटनीति, विरासत संरक्षण, पुरातात्त्विक सहयोग तथा जन-से-जन संपर्क (People-to-People Ties) को मजबूत करती है। साथ ही, यह भारत की एक्ट ईस्ट नीति तथा आसियान (ASEAN) के साथ उसके सहयोग को भी सुदृढ़ बनाती है।

  • कथन 3 – सही:
    यूनेस्को ने 1991 में प्रम्बानन मंदिर परिसर (Prambanan Temple Compounds) को विश्व धरोहर स्थल (World Heritage Site) के रूप में सूचीबद्ध किया था।

  • कथन 4 – गलत:
    प्रम्बानन मंदिर का निर्माण बिना गारे (Mortar) के सूखी इंटरलॉकिंग पत्थर चिनाई (Dry Interlocking Stone Masonry) तकनीक से किया गया था। यह प्राचीन इंजीनियरिंग की उन्नत तकनीक का उत्कृष्ट उदाहरण है, कि ईंट और चूने के गारे से निर्मित संरचना।


 


                            

Q3:

भारत मेंभूल जाने का अधिकार के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

1.   भूल जाने का अधिकार (RTBF) को संविधान के अनुच्छेद 21 के अंतर्गत निजता के अधिकार (Right to Privacy) के एक भाग के रूप में मान्यता प्राप्त है।

2.   लक्ष वीर सिंह यादव बनाम भारत संघ (Laksh Vir Singh Yadav v. Union of India, 2026) मामले में दिल्ली उच्च न्यायालय ने माना कि उपयुक्त परिस्थितियों में भूल जाने का अधिकार का प्रयोग निजी डिजिटल प्लेटफॉर्मों एवं सर्च इंजनों के विरुद्ध भी किया जा सकता है।

3.   न्यायालय ने निर्णय दिया कि किसी व्यक्ति के अनुरोध पर व्यक्तिगत जानकारी वाले सभी न्यायिक अभिलेखों (Judicial Records) को स्थायी रूप से हटाना अनिवार्य होगा।

4.   न्यायालय ने निजता, खुली न्याय व्यवस्था (Open Justice) तथा जनहित के बीच संतुलन स्थापित करने के लिए संरचित आनुपातिकता परीक्षण (Structured Proportionality Test) प्रस्तुत किया।

उपरोक्त में से कौन-से कथन सही हैं?

A: 1, 2 और 3 केवल

B: 1, 3 और 4 केवल

C: 1, 2 और 4 केवल

D: 1, 2, 3 और 4

उत्तर: C

स्पष्टीकरण:


  • कथन 1 – सही:
    दिल्ली उच्च न्यायालय ने माना कि भूल जाने का अधिकार (RTBF) संविधान के अनुच्छेद 21 के अंतर्गत प्रदत्त निजता के अधिकार, गरिमा (Dignity) तथा सूचना संबंधी निजता (Informational Privacy) से उत्पन्न होता है।

  • कथन 2 – सही:
    न्यायालय ने स्पष्ट किया कि भूल जाने का अधिकार केवल राज्य (State) के विरुद्ध ही नहीं, बल्कि मामले के तथ्यों एवं परिस्थितियों के आधार पर निजी डिजिटल प्लेटफॉर्मों तथा सर्च इंजनों के विरुद्ध भी लागू हो सकता है।

  • कथन 3 – गलत:
    न्यायालय ने यह निर्देश नहीं दिया कि व्यक्तिगत जानकारी वाले सभी न्यायिक अभिलेख स्वतः या स्थायी रूप से हटा दिए जाएँ। इसके बजाय, प्रत्येक मामले में निजता के अधिकार और प्रतिस्पर्धी सार्वजनिक हितों के बीच संतुलन स्थापित करने की आवश्यकता पर बल दिया।

  • कथन 4 – सही:
    न्यायालय ने संरचित आनुपातिकता परीक्षण (Structured Proportionality Test) प्रस्तुत किया, जिसके अंतर्गत निम्नलिखित के बीच संतुलन स्थापित किया जाना आवश्यक है


    • निजता एवं गरिमा का अधिकार,

    • जनता का जानने का अधिकार (Right to Know),

    • खुली न्याय व्यवस्था (Open Justice) का सिद्धांत, तथा

    • वैध सार्वजनिक हित (Legitimate Public Interest)



                            

Q4:

भूल जाने के अधिकार’ (Right to be Forgotten - RTBF) के विकास के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

1.   इस अवधारणा को वर्ष 2014 में यूरोपीय न्यायालय के मारियो कोस्टेजा गोंज़ालेज़ मामले के निर्णय के माध्यम से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त हुई।

2.   भूल जाने के अधिकार को यूरोपीय संघ के सामान्य डेटा संरक्षण विनियमन के अनुच्छेद 17 के अंतर्गत स्पष्ट रूप से संहिताबद्ध (Codified) किया गया है।

3.   भारत में सूचना संबंधी निजता के संवैधानिक आधार को के.एस. पुट्टस्वामी बनाम भारत संघ मामले में मान्यता दी गई।

4.   डिजिटल व्यक्तिगत डेटा संरक्षण अधिनियम, 2023 स्पष्ट रूप से असीमित एवं पूर्ण (Absolute) भूल जाने का अधिकार प्रदान करता है।

उपरोक्त में से कौन-से कथन सही हैं?

A: 1, 2 और 3 केवल

B: 1, 3 और 4 केवल

C: 1, 2 और 4 केवल

D: 1, 2, 3 और 4

उत्तर: A

स्पष्टीकरण:


  • कथन 1 – सही:
    मारियो कोस्टेजा गोंज़ालेज़ (2014) मामले में यूरोपीय न्यायालय (European Court of Justice) ने गूगल को पुराने एवं अप्रासंगिक व्यक्तिगत जानकारी से संबंधित लिंक हटाने का निर्देश दिया। इस निर्णय ने भूल जाने के अधिकार’ (Right to be Forgotten) को वैश्विक स्तर पर महत्वपूर्ण मान्यता दिलाई।

  • कथन 2 – सही:
    बाद में इस अधिकार को यूरोपीय संघ के GDPR के अनुच्छेद 17 के अंतर्गत विधिक रूप से संहिताबद्ध किया गया। इसे सामान्यतः राइट टू इरेज़र’ (Right to Erasure) भी कहा जाता है।

  • कथन 3 – सही:
    के.एस. पुट्टस्वामी बनाम भारत संघ (2017) मामले में भारत के सर्वोच्च न्यायालय ने निजता के अधिकार, जिसमें सूचना संबंधी निजता (Informational Privacy) भी शामिल है, को संविधान के अनुच्छेद 21 के अंतर्गत मौलिक अधिकार घोषित किया। इसी निर्णय ने भारत में भूल जाने के अधिकार (RTBF) के संवैधानिक आधार को स्थापित किया।

  • कथन 4 – गलत:
    डिजिटल व्यक्तिगत डेटा संरक्षण अधिनियम (DPDP Act), 2023 असीमित या पूर्ण (Absolute) भूल जाने का अधिकार प्रदान नहीं करता। इस अधिकार का प्रयोग कानून में निर्धारित प्रावधानों एवं सीमाओं के अधीन होता है।


 


                            

Q5:

2026 के तीसरे भारतऑस्ट्रेलिया वार्षिक शिखर सम्मेलन के दौरान निम्नलिखित में से कौन-सी पहलें शुरू की गईं या क्रियान्वित की गईं?

1.   समर्पित क्रिटिकल मिनरल्स कॉरिडोर (Dedicated Critical Minerals Corridor)

2.   ऑस्ट्रेलियाभारत साइबर, क्रिटिकल टेक्नोलॉजीज़ एवं सप्लाई चेन साझेदारी

3.   गुजरात में रूफटॉप सोलर प्रशिक्षण अकादमी

4.   अंतर्राष्ट्रीय सौर गठबंधन सचिवालय

नीचे दिए गए कूट (Code) का उपयोग करके सही उत्तर चुनिए:

A: 1, 2 और 3 केवल

B: 1, 3 और 4 केवल

C: 1, 2 और 4 केवल

D: 1, 2, 3 और 4

उत्तर: A

स्पष्टीकरण:


  • समर्पित क्रिटिकल मिनरल्स कॉरिडोर (Dedicated Critical Minerals Corridor) – सही:
    भारत और ऑस्ट्रेलिया ने लिथियम, कोबाल्ट, रेयर अर्थ एलिमेंट्स (दुर्लभ मृदा तत्वों) तथा अन्य रणनीतिक खनिजों की सुदृढ़ एवं लचीली आपूर्ति शृंखला (Resilient Supply Chain) विकसित करने के लिए इस पहल की शुरुआत की। इसका उद्देश्य इलेक्ट्रिक वाहन (EV), सेमीकंडक्टर, नवीकरणीय ऊर्जा और रक्षा विनिर्माण जैसे क्षेत्रों को मजबूत करना है।

  • AI-PACTS – सही:
    शिखर सम्मेलन के दौरान ऑस्ट्रेलियाभारत साइबर, क्रिटिकल टेक्नोलॉजीज़ एवं सप्लाई चेन साझेदारी (AI-PACTS) को औपचारिक रूप से क्रियान्वित किया गया। इसका उद्देश्य उभरती प्रौद्योगिकियों, साइबर सुरक्षा तथा आपूर्ति शृंखला की मजबूती के क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाना है।

  • रूफटॉप सोलर प्रशिक्षण अकादमीसही:
    दोनों देशों ने गुजरात स्थित रूफटॉप सोलर प्रशिक्षण अकादमी के माध्यम से नवीकरणीय ऊर्जा सहयोग का विस्तार किया। यह पहल विशेष रूप से महिलाओं और युवाओं के कौशल विकास पर केंद्रित है।

  • अंतर्राष्ट्रीय सौर गठबंधन (ISA) सचिवालयगलत:
    अंतर्राष्ट्रीय सौर गठबंधन (ISA) तथा उसका सचिवालय पहले ही स्थापित किए जा चुके थे। ये 2026 के भारतऑस्ट्रेलिया शिखर सम्मेलन का परिणाम नहीं हैं।


 


                            
Aliganj Gomti Nagar Prayagraj