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Daily-mcqs 07 Sep 2026
Q1:
2029 तक मादक पदार्थों के खतरे को समाप्त करने के लिए राष्ट्रीय रोडमैप के तहत निर्धारित समयबद्ध लक्ष्यों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. सरकार ने मार्च 2029 तक 100 राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मादक पदार्थ नेटवर्कों को नष्ट करने का लक्ष्य निर्धारित किया है। 2. इस रणनीति में केवल घरेलू पुलिसिंग पर निर्भर किया गया है तथा आपूर्ति श्रृंखला में वित्तीय जाँच या रिवर्स-इन्वेस्टिगेशन मॉडल को शामिल नहीं किया गया है। 3. इस रोडमैप में 1 लाख ‘नशा मुक्त मित्र’ तैयार करने और पूरे देश में नशा मुक्ति/डी-एडिक्शन केंद्रों का विस्तार करने की परिकल्पना की गई है। उपरोक्त में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
A: केवल 1 और 2
B: केवल 1 और 3
C: केवल 2 और 3
D: 1, 2, और 3
उत्तर: B
स्पष्टीकरण:
कथन 1 सही है:
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मार्च 2029 तक 100 राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय/अंतरराज्यीय ड्रग नेटवर्क को नष्ट करने तथा नशीले पदार्थों से जुड़े 100 भगोड़ों को वापस लाने का विशिष्ट लक्ष्य घोषित किया है।
कथन 2 गलत है:
रणनीति केवल सामान्य पुलिसिंग पर निर्भर नहीं है। इसमें वित्तीय जाँच (Financial Investigation) और “रिवर्स-इन्वेस्टिगेशन मॉडल” को सक्रिय रूप से लागू किया जा रहा है। इसका उद्देश्य नशीले पदार्थों तथा आतंकवाद के गठजोड़ को बढ़ावा देने वाले “गंदे धन” (Dirty Money) और उसके वित्तीय आधार पर प्रहार करना है।
कथन 3 सही है:
इस ढाँचे के तहत चलाए जा रहे जन-जागरूकता अभियान का लक्ष्य 50 करोड़ नागरिकों तक पहुँचना, जमीनी स्तर पर 1 लाख ‘नशा मुक्त मित्र’ तैयार करना और नशा मुक्ति/डी-एडिक्शन केंद्रों की संख्या बढ़ाकर 1,751 करना है।
Q2:
हाल ही में ISRO द्वारा प्रक्षेपित EOS-05 उपग्रह के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. EOS-05 भारत का पहला इमेजिंग उपग्रह है, जिसे भू-समकालिक कक्षा (Geosynchronous Orbit) से संचालित करने के लिए डिजाइन किया गया है। 2. इसे ध्रुवीय उपग्रह प्रक्षेपण यान (PSLV-C श्रृंखला) के माध्यम से सफलतापूर्वक प्रक्षेपित किया गया था। 3. यह उपग्रह भारतीय भू-भाग की लगभग वास्तविक समय (Near-real-time) और निरंतर भू-इमेजिंग निगरानी प्रदान करता है। उपरोक्त में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
A: केवल 1 और 2
B: केवल 1 और 3
C: केवल 2 और 3
D: 1, 2, और 3
उत्तर: B
स्पष्टीकरण:
कथन 1 सही है:
EOS-05 एक अत्याधुनिक पृथ्वी अवलोकन उपग्रह (Earth Observation Satellite) है और यह भारत का पहला इमेजिंग उपग्रह है जिसे भू-समकालिक कक्षा (Geosynchronous Orbit) में स्थापित किया गया है। यह कक्षा उपग्रह को पृथ्वी के घूर्णन के साथ समान गति से घूमने में सक्षम बनाती है, जिससे किसी क्षेत्र पर लगातार और लगभग स्थायी निगरानी रखी जा सकती है।
कथन 2 गलत है:
EOS-05 का प्रक्षेपण ध्रुवीय उपग्रह प्रक्षेपण यान (PSLV) से नहीं, बल्कि भू-समकालिक उपग्रह प्रक्षेपण यान (GSLV-F17) से किया गया था। यह मिशन GSLV की 19वीं उड़ान थी।
कथन 3 सही है:
लगभग 36,000 किलोमीटर की ऊँचाई से संचालित होकर यह उपग्रह एक “आसमान में आँख” (Eye in the Sky) की तरह कार्य करता है। यह लगातार, बड़े क्षेत्र की और लगभग वास्तविक समय की पृथ्वी की तस्वीरें/इमेजरी उपलब्ध कराता है, जो आपदा प्रबंधन, कृषि और रणनीतिक निगरानी के लिए महत्वपूर्ण हैं।
Q3:
हाल ही में जारी UNEP स्पॉटलाइट रिपोर्ट में चर्चा किए गए ‘क्लाइमेट ओवरशूट (Climate Overshoot)’ और 1.5°C वैश्विक तापमान वृद्धि की सीमा के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. किसी एक कैलेंडर वर्ष में 1.5°C की सीमा पार कर लेना स्वतः यह दर्शाता है कि 2015 के पेरिस समझौते के दीर्घकालिक तापमान लक्ष्यों की कानूनी और वैज्ञानिक रूप से विफलता हो गई है। 2. ओवरशूट (Overshoot) के परिप्रेक्ष्य में, कुछ पारिस्थितिकीय प्रभाव—जैसे ग्लेशियरों का पिघलना और प्रवाल भित्तियों (Coral Reefs) का क्षरण—अपरिवर्तनीय हो सकते हैं, भले ही भविष्य में वैश्विक औसत तापमान में फिर से कमी आ जाए। 3. वैज्ञानिक आकलन के अनुसार, वैश्विक तापमान वृद्धि की गणना के लिए उपयोग की जाने वाली पूर्व-औद्योगिक (Pre-industrial) आधार रेखा 1750–1800 की अवधि के औसत तापमान से निर्धारित की जाती है। उपरोक्त में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
A: केवल 1 और 2
B: केवल 2
C: केवल 2 और 3
D: 1, 2, और 3
उत्तर: B
स्पष्टीकरण:
कथन 1 गलत है:
UNFCCC के पेरिस समझौते के तहत 1.5°C तापमान वृद्धि की सीमा किसी एक वर्ष के तापमान में अचानक हुई वृद्धि के बजाय दीर्घकालिक औसत तापमान वृद्धि की प्रवृत्ति को दर्शाती है, जिसे सामान्यतः 20 या 30 वर्षों की अवधि में देखा जाता है। किसी एक वर्ष में 1.5°C की सीमा पार करना गंभीर चेतावनी है, लेकिन इसका अर्थ यह स्वतः नहीं है कि पेरिस समझौते के दीर्घकालिक लक्ष्य स्थायी रूप से विफल हो गए हैं।
कथन 2 सही है:
UNEP की रिपोर्ट ‘Managing 1.5°C Breach’ इस बात पर प्रकाश डालती है कि लंबे समय तक या बड़े पैमाने पर तापमान का ओवरशूट होने से अपरिवर्तनीय टिपिंग पॉइंट्स (Tipping Points) के सक्रिय होने का जोखिम बढ़ जाता है। ग्लेशियरों और बर्फ की चादरों का नुकसान, प्रवाल भित्तियों का नष्ट होना तथा गहरे महासागर का गर्म होना जैसे प्रभाव केवल बाद में वायुमंडलीय तापमान को कम कर देने से पूरी तरह वापस पूर्व स्थिति में नहीं आ सकते।
कथन 3 गलत है:
वैज्ञानिक आकलनों—जैसे IPCC द्वारा किए गए आकलनों और UNEP द्वारा उपयोग किए जाने वाले मानकों—में सामान्यतः 1850–1900 के औसत तापमान को मानक पूर्व-औद्योगिक आधार रेखा (Pre-industrial Baseline) के रूप में इस्तेमाल किया जाता है, न कि 1750–1800 की अवधि को।
Q4:
हाल ही में समाचारों में देखे गए “Chipflation” शब्द के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. यह पर्यावरण-अनुकूल ग्रीन चिप्स की उच्च विनिर्माण लागत के कारण उपभोक्ता इलेक्ट्रॉनिक्स की कीमतों में लगातार वृद्धि को संदर्भित करता है। 2. आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के वैश्विक विस्तार ने सेमीकंडक्टर विनिर्माण क्षमता को Dynamic Random Access Memory (DRAM) जैसे सामान्य मेमोरी कंपोनेंट्स से हटाकर AI-संबंधित चिप्स की ओर मोड़ दिया है। 3. इस घटना के तहत, बड़े क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर प्रदाताओं को चिप्स की आपूर्ति में प्राथमिकता मिलती है, जिसके कारण पारंपरिक उपभोक्ता इलेक्ट्रॉनिक्स निर्माताओं के लिए चिप्स की आपूर्ति सीमित हो जाती है। उपरोक्त में से कौन-से कथन सही हैं?
A: केवल 1 और 2
B: केवल 1 और 3
C: केवल 2 और 3
D: 1, 2, और 3
उत्तर: C
स्पष्टीकरण:
कथन 1 गलत है:
Chipflation का संबंध “ग्रीन” या पर्यावरण-अनुकूल चिप्स से नहीं है। यह शब्द Morgan Stanley के विश्लेषकों द्वारा प्रचलित किया गया है। इसका अर्थ है कि Artificial Intelligence (AI) के लिए बड़े पैमाने पर बढ़ती इंफ्रास्ट्रक्चर मांग से सेमीकंडक्टर मेमोरी चिप्स की लागत बढ़ रही है। यह Moore’s Law की पारंपरिक धारणा को चुनौती देता है, जिसके अनुसार समय के साथ चिप्स अधिक सस्ते और अधिक कुशल होते जाते हैं।
कथन 2 सही है:
TSMC, Samsung और SK Hynix जैसे वैश्विक चिप निर्माताओं ने AI डेटा सेंटरों के लिए आवश्यक उच्च-मार्जिन और हाई-बैंडविड्थ मेमोरी (HBM) चिप्स के उत्पादन को प्राथमिकता दी है। इसके परिणामस्वरूप रोजमर्रा के उपभोक्ता इलेक्ट्रॉनिक्स—जैसे स्मार्टफोन, टेलीविजन और लैपटॉप—में व्यापक रूप से उपयोग होने वाली सामान्य DRAM चिप्स के लिए उपलब्ध विनिर्माण क्षमता कम हो गई है, जिससे उनकी कीमतों में वृद्धि हुई है।
कथन 3 सही है:
Chipflation एक असंतुलित दो-स्तरीय बाजार (Two-tier Market) का निर्माण कर रहा है। Hyperscalers यानी बड़े AI/क्लाउड खरीदार, जैसे Microsoft, Google और Meta, के पास प्राथमिकता वाली आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक विशाल पूंजी होती है। इसके विपरीत, पारंपरिक उपभोक्ता इलेक्ट्रॉनिक्स कंपनियों को बची हुई चिप विनिर्माण क्षमता के लिए प्रतिस्पर्धा करनी पड़ती है, जिससे अंतिम उपभोक्ताओं के लिए कीमतों में वृद्धि और अधिक गंभीर हो जाती है।
Q5:
1. अरुणाचल प्रदेश के पूर्वी क्षेत्र में पहली बार कोर कमांडर स्तर की वार्ता वाचा-दामाई सीमा बैठक स्थल पर आयोजित की गई। 2. वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) भारत और चीन के बीच कानूनी रूप से सीमांकित तथा दोनों देशों द्वारा पारस्परिक रूप से स्वीकृत अंतरराष्ट्रीय सीमा है। 3. भारत-चीन सीमा मामलों पर परामर्श एवं समन्वय के लिए कार्य तंत्र (WMCC) की स्थापना वर्ष 2012 में सीमा प्रबंधन से संबंधित मुद्दों को संबोधित करने के लिए की गई थी।भारत–चीन के बीच हाल ही में हुई कोर कमांडर स्तर की वार्ता के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
A: केवल 1 और 2
B: केवल 1 और 3
C: केवल 2 और 3
D: 1, 2, और 3
उत्तर: B
स्पष्टीकरण:
कथन 1 सही है:
भारत और चीन ने स्थानीय तनाव को कम करने के उद्देश्य से पूर्वी क्षेत्र में वाचा-दामाई सीमा कार्मिक बैठक स्थल (Border Personnel Meeting Point) पर पहली कोर कमांडर स्तर की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की। यह बैठक अरुणाचल प्रदेश के किबिथू सेक्टर में हुई। इसका उद्देश्य ऊपरी सुबनसिरी के तक्सिंग क्षेत्र में सामने आए स्थानीय तनाव जैसे मुद्दों को कम करना था।
कथन 2 गलत है:
LAC भारत और चीन के बीच पारस्परिक रूप से स्वीकृत या कानूनी रूप से सीमांकित अंतरराष्ट्रीय सीमा नहीं है। दोनों देशों की विभिन्न क्षेत्रों में LAC के वास्तविक संरेखण को लेकर अलग-अलग धारणाएँ हैं। यही अंतर समय-समय पर दोनों देशों के गश्ती दलों के बीच आमना-सामना और तनाव का कारण बन सकता है।
कथन 3 सही है:
भारत-चीन सीमा मामलों पर परामर्श एवं समन्वय के लिए कार्य तंत्र (WMCC) की स्थापना वर्ष 2012 में की गई थी। यह सीमा से जुड़े मामलों पर दोनों देशों के बीच परामर्श, समन्वय और संवाद के लिए एक संस्थागत तंत्र के रूप में कार्य करता है।