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Daily-mcqs 07 May 2026
Q1:
हाल ही में केंद्र सरकार द्वारा स्वीकृत "मिशन फॉर कॉटन प्रोडक्टिविटी" के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिएः 1. यह मिशन सरकार के 5F विज़न (Farm to Fibre to Factory to Fashion to Foreign) के अनुरूप है। 2. इसका उद्देश्य कपास की उत्पादकता को वर्तमान 440 किग्रा/हेक्टेयर से बढ़ाकर वर्ष 2030-31 तक 700 किग्रा/हेक्टेयर से अधिक करना है। 3. यह मिशन केवल पारंपरिक कृषि पद्धतियों के माध्यम से उत्पादन बढ़ाने पर केंद्रित है तथा इसमें डिजिटल तकनीकों को शामिल नहीं किया गया है। उपरोक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
A: केवल 1 और 2
B: केवल 2
C: केवल 2 और 3
D: 1, 2, और 3
उत्तर: A
स्पष्टीकरण:
कथन 1 सही है:
मिशन फॉर कॉटन प्रोडक्टिविटी सरकार के 5F विज़न (Farm to Fibre to Factory to Fashion to Foreign) के अनुरूप है, जो संपूर्ण वस्त्र मूल्य श्रृंखला को एकीकृत करते हुए उत्पादकता और गुणवत्ता बढ़ाने का लक्ष्य रखता है।
कथन 2 सही है:
इस मिशन का लक्ष्य कपास की उत्पादकता को 440 किग्रा/हेक्टेयर से बढ़ाकर वर्ष 2031 तक 755 किग्रा/हेक्टेयर करना है तथा कुल उत्पादन को 498 लाख गांठ (bales) तक पहुँचाना है।
कथन 3 गलत है:
यह मिशन विज्ञान-आधारित हस्तक्षेपों पर विशेष बल देता है, जिसमें हाई डेंसिटी प्लांटिंग सिस्टम (HDPS), कीट-प्रतिरोधी बीजों के लिए उन्नत प्रजनन तकनीक, तथा मंडियों का ई-प्लेटफॉर्म्स से डिजिटल एकीकरण शामिल है। अतः यह केवल पारंपरिक पद्धतियों पर आधारित नहीं है।
Q2:
भारतीय कपास क्षेत्र तथा हाल ही में शुरू किए गए मिशन के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिएः 1. भारत कुल उत्पादन और क्षेत्रफल (acreage) दोनों के संदर्भ में विश्व का सबसे बड़ा कपास उत्पादक है। 2. यह मिशन भारतीय कपास की वैश्विक ब्रांडिंग और ट्रेसबिलिटी सुधारने के लिए “कस्तूरी कॉटन भारत” को बढ़ावा देने का लक्ष्य रखता है। 3. यह मिशन जलवायु-अनुकूल बीजों और आधुनिकीकृत प्रसंस्करण इकाइयों के माध्यम से कम उत्पादकता तथा कीट हमलों की समस्या का समाधान करने का प्रयास करता है। नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिएः
A: केवल 1 और 2
B: केवल 1 और 3
C: केवल 2 और 3
D: 1, 2, और 3
उत्तर: C
स्पष्टीकरण:
कथन 1 गलत है:
भारत कपास की खेती के क्षेत्रफल (acreage) के संदर्भ में विश्व का सबसे बड़ा देश है (जो वैश्विक क्षेत्रफल का लगभग 40% है), लेकिन कुल उत्पादन के मामले में यह चीन के बाद दूसरा सबसे बड़ा उत्पादक है।
कथन 2 सही है:
मिशन का एक प्रमुख उद्देश्य “कस्तूरी कॉटन भारत” को मजबूत बनाना है, ताकि भारतीय कपास की वैश्विक स्तर पर बेहतर ब्रांडिंग, गुणवत्ता आश्वासन तथा ट्रेसबिलिटी सुनिश्चित की जा सके।
कथन 3 सही है:
यह मिशन कम उत्पादकता, जलवायु परिवर्तन के प्रति संवेदनशीलता तथा गुलाबी सुंडी (Pink Bollworm) जैसे कीटों के हमलों जैसी चुनौतियों का समाधान उच्च उत्पादकता वाले जलवायु-अनुकूल बीजों और जिनिंग व प्रसंस्करण इकाइयों के आधुनिकीकरण के माध्यम से करने पर केंद्रित है।
Q3:
हाल ही में स्वीकृत सुप्रीम कोर्ट (न्यायाधीशों की संख्या) संशोधन विधेयक, 2026 के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिएः 1. यह विधेयक भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) को छोड़कर सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीशों की स्वीकृत संख्या को 38 तक बढ़ाता है। 2. भारतीय संविधान के अनुसार, सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीशों की संख्या बढ़ाने की शक्ति भारत के राष्ट्रपति के पास है। 3. सुप्रीम कोर्ट (न्यायाधीशों की संख्या) अधिनियम, 1956, सर्वोच्च न्यायालय की संरचना को विनियमित करता है। उपरोक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
A: केवल 1 और 2
B: केवल 1 और 3
C: केवल 3
D: 1, 2, और 3
उत्तर: C
स्पष्टीकरण:
कथन 1 गलत है:
कैबिनेट द्वारा स्वीकृत विधेयक में सुप्रीम कोर्ट की कुल स्वीकृत संख्या को 38 तक बढ़ाने का प्रस्ताव है, जिसमें भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) भी शामिल हैं (37 + 1 CJI)।
कथन 2 गलत है:
संविधान के अनुच्छेद 124(1) के अनुसार, सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीशों की संख्या को कानून द्वारा विनियमित करने की शक्ति संसद के पास है, न कि राष्ट्रपति के पास।
कथन 3 सही है:
सुप्रीम कोर्ट की न्यायाधीश संख्या का कानूनी विनियमन सुप्रीम कोर्ट (न्यायाधीशों की संख्या) अधिनियम, 1956 के अंतर्गत किया जाता है।
Q4:
भारत में जनहित याचिका (Public Interest Litigation - PIL) के विकास और वर्तमान स्थिति के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिएः 1. PIL की अवधारणा पारंपरिक लोकस स्टैंडी (locus standi) के नियम को बनाए रखने के लिए विकसित की गई थी, ताकि केवल पीड़ित पक्ष ही न्यायालय का दरवाज़ा खटखटा सके। 2. न्यायमूर्ति पी.एन. भगवती और वी.आर. कृष्ण अय्यर को 1970 के दशक के उत्तरार्ध में PIL की शुरुआत करने वाले अग्रदूत माना जाता है। 3. हाल ही में सुप्रीम कोर्ट ने चिंता व्यक्त की है कि PIL का उपयोग अब सामाजिक न्याय के बजाय निजी या राजनीतिक लाभ के लिए अधिक किया जा रहा है। उपरोक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
A: केवल 1 और 2
B: केवल 2
C: केवल 2 और 3
D: 1, 2, और 3
उत्तर: C
स्पष्टीकरण:
कथन 1 गलत है:
PIL की अवधारणा पारंपरिक लोकस स्टैंडी के नियम को शिथिल या समाप्त करने के लिए विकसित की गई थी। इस नियम के अनुसार केवल पीड़ित व्यक्ति ही याचिका दायर कर सकता था। PIL के माध्यम से जनहित में कार्य करने वाले नागरिकों को वंचित एवं कमजोर वर्गों की ओर से न्यायालय में याचिका दायर करने की अनुमति मिली।
कथन 2 सही है:
PIL का विकास 1970 के दशक के उत्तरार्ध और 1980 के दशक की शुरुआत में सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश पी.एन. भगवती और वी.आर. कृष्ण अय्यर द्वारा किया गया था, ताकि समाज के हाशिए पर रहने वाले लोगों को न्याय तक पहुँच प्रदान की जा सके।
कथन 3 सही है:
हाल के संदर्भ में, सुप्रीम कोर्ट की नौ-न्यायाधीशों की पीठ (सबरीमला पुनर्विचार मामले का उल्लेख करते हुए) ने कहा कि PIL सामाजिक न्याय के साधन से बदलकर ‘प्राइवेट’, ‘पब्लिसिटी’ या ‘पैसा’ हित याचिका बनती जा रही है। न्यायमूर्ति बी.वी. नागरत्ना ने विशेष रूप से इस दुरुपयोग पर चिंता व्यक्त की।
Q5:
“भारत में जनहित याचिका (Public Interest Litigation - PIL) को न्यायिक अतिक्रमण (Judicial Overreach) और न्यायिक समय की बर्बादी के लिए बढ़ती आलोचना का सामना करना पड़ रहा है।” इस कथन के संदर्भ में निम्नलिखित का विश्लेषण कीजिएः 1. निरर्थक (Frivolous) PIL न्यायालय का ध्यान आपराधिक न्याय जैसे महत्वपूर्ण मामलों से भटका देती हैं। 2. सुप्रीम कोर्ट ने सुझाव दिया है कि धार्मिक परंपराओं से संबंधित मामलों में PIL की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए। 3. PIL के दुरुपयोग से न्यायपालिका कार्यपालिका के कार्य करने लगती है, जिससे शक्तियों के पृथक्करण (Separation of Powers) के सिद्धांत का उल्लंघन होता है। उपरोक्त में से कौन-से तर्क PIL को लेकर हाल की चिंताओं को उचित ठहराते हैं?
A: केवल 1 और 2
B: केवल 1 और 3
C: केवल 2 और 3
D: 1, 2, और 3
उत्तर: B
स्पष्टीकरण:
तर्क 1 सही है:
पाठ में उल्लेख किया गया है कि अनेक PIL वास्तविक जन-पीड़ा के बजाय समाचार-पत्रों की रिपोर्टों पर आधारित होती हैं, जिससे न्यायिक समय की बर्बादी होती है और न्यायालय का ध्यान महत्वपूर्ण मामलों, जैसे सुओ मोटू कार्यवाहियों और आपराधिक न्याय से हट जाता है।
तर्क 2 गलत है:
हालाँकि सुप्रीम कोर्ट (मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत के माध्यम से) ने सबरीमला पुनर्विचार मामले में मंदिर परंपराओं से संबंधित याचिका में NGO की लोकस स्टैंडी पर प्रश्न उठाया था, लेकिन न्यायालय ने धार्मिक मामलों से संबंधित सभी PIL पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने का सुझाव नहीं दिया। न्यायालय का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि PIL वास्तविक जनहित में हो, न कि अनावश्यक हस्तक्षेप के लिए।
तर्क 3 सही है:
पाठ में यह भी रेखांकित किया गया है कि PIL के अत्यधिक उपयोग से न्यायपालिका उन क्षेत्रों में हस्तक्षेप करने लगती है, जो सामान्यतः कार्यपालिका के अधिकार क्षेत्र में आते हैं। इससे “न्यायिक अतिक्रमण” की स्थिति उत्पन्न होती है तथा शक्तियों के पृथक्करण के सिद्धांत का उल्लंघन होता है।