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Daily-mcqs 06 Aug 2026

यूपीएससी और राज्य पीएससी परीक्षाओं के लिए समसामयिकी MCQs 06 Aug 2026

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यूपीएससी और राज्य पीएससी परीक्षाओं के लिए समसामयिकी MCQs

Q1:

भारत में नवविकसित स्वदेशी अफ्रीकी स्वाइन फीवर (ASF) वैक्सीन के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

1.   यह MA-104 सेल लाइन का उपयोग करके विकसित की गई जीवित-क्षीणीकृत (Live-attenuated) वैक्सीन है।

2.   अफ्रीकी स्वाइन फीवर वायरस (ASFV) एक जूनोटिक (Zoonotic) रोगजनक है, जो संक्रमित सूअर का मांस खाने वाले मनुष्यों में गंभीर रक्तस्रावी (हेमरेजिक) बुखार उत्पन्न कर सकता है।

3.   इसका विकास आईसीएआर-राष्ट्रीय उच्च सुरक्षा पशु रोग संस्थान (ICAR-NIHSAD) द्वारा किया गया है।

उपरोक्त में से कौन-से कथन सही हैं?

A: केवल 1 और 2

B: केवल 1 और 3

C: केवल 2 और 3

D: 1, 2, और 3

उत्तर: B

स्पष्टीकरण:

कथन 1 सही है:
भारत की पहली स्वदेशी अफ्रीकी स्वाइन फीवर (ASF) वैक्सीन एक जीवित-क्षीणीकृत (Live-attenuated) वैक्सीन है, जिसे व्यापक रूप से उपलब्ध MA-104 सेल लाइन का उपयोग करके विकसित किया गया है। यह तकनीक विदेशी स्वामित्व वाली (प्रोप्राइटरी) तकनीकों पर निर्भर हुए बिना कम लागत में बड़े पैमाने पर उत्पादन को संभव बनाती है।


कथन 2 गलत है:
अफ्रीकी स्वाइन फीवर (ASF) एक जूनोटिक रोग नहीं है यह मनुष्यों को संक्रमित नहीं करता, इसलिए यह मानव स्वास्थ्य के लिए प्रत्यक्ष खतरा नहीं है। हालांकि, यह सूअरों में अत्यधिक घातक रोग है, जिससे सूअर पालन उद्योग और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भारी नुकसान होता है।


कथन 3 सही है:
इस वैक्सीन का अनुसंधान एवं विकास आईसीएआर-राष्ट्रीय उच्च सुरक्षा पशु रोग संस्थान (ICAR-NIHSAD), भोपाल (मध्य प्रदेश) के वैज्ञानिकों द्वारा किया गया है।


                            

Q2:

अफ्रीकी स्वाइन फीवर (ASF) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

1.   यह एक संक्रामक विषाणुजनित (वायरल) रोग है, जो केवल घरेलू मवेशियों (गाय-बैल) और भेड़ों को प्रभावित करता है।

2.   इसका कारक (Causative Agent) Asfarviridae कुल (Family) का एक द्वि-सूत्री डीएनए (Double-stranded DNA) विषाणु है।

3.   भारत में अफ्रीकी स्वाइन फीवर (ASF) का पहला आधिकारिक प्रकोप वर्ष 2020 में दर्ज किया गया था।

उपरोक्त में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?

A: केवल 1 और 2

B: केवल 1 और 3

C: केवल 2 और 3

D: 1, 2, और 3

उत्तर: C

स्पष्टीकरण:

कथन 1 गलत है:
अफ्रीकी स्वाइन फीवर (ASF) गायों या भेड़ों को प्रभावित नहीं करता। यह एक सीमापार (Transboundary) विषाणुजनित रोग है, जो विशेष रूप से घरेलू एवं जंगली सूअरों (Suids) को प्रभावित करता है।


कथन 2 सही है:
यह रोग अफ्रीकी स्वाइन फीवर वायरस (African Swine Fever Virus – ASFV) के कारण होता है, जो Asfarviridae कुल का एक बड़ा एवं जटिल द्वि-सूत्री डीएनए (Double-stranded DNA) विषाणु है।


कथन 3 सही है:
भारत में वर्ष 2020 में पहली बार अफ्रीकी स्वाइन फीवर (ASF) के आधिकारिक प्रकोप की पुष्टि असम और अरुणाचल प्रदेश सहित पूर्वोत्तर राज्यों में हुई थी, जिससे छोटे सूअर पालकों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर गंभीर आर्थिक प्रभाव पड़ा।


                            

Q3:

नए राष्ट्रीय अंग प्रत्यारोपण पोर्टल (National Organ Transplant Portal) के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

1.   यह पोर्टल आधार (Aadhaar) से जुड़ी अंगदान प्रतिज्ञा (Organ Pledge) की सुविधा प्रदान करता है तथा अंग प्रत्यारोपण के बाद रोगी के स्वास्थ्य की स्थिति (Post-transplant Health Status) का रिकॉर्ड भी रखता है।

2.   भारत में अंग प्रत्यारोपण मानव अंग एवं ऊतक प्रत्यारोपण अधिनियम, 1994 (Transplantation of Human Organs and Tissues Act – THOTA) तथा उसके संशोधनों के अंतर्गत कानूनी रूप से विनियमित है।

3.   इस डिजिटल पोर्टल का विकास राष्ट्रीय अंग एवं ऊतक प्रत्यारोपण संगठन (NOTTO) द्वारा किया गया है।

उपरोक्त में से कौन-से कथन सही हैं?

A: केवल 1 और 2

B: केवल 2

C: केवल 2 और 3

D: 1, 2, और 3

उत्तर: D

स्पष्टीकरण:

कथन 1 सही है:
यह पोर्टल आधार-लिंक्ड अंगदान प्रतिज्ञा (Aadhaar-linked Organ Pledge) की सुविधा उपलब्ध कराता है तथा अंग प्रत्यारोपण के बाद रोगियों के स्वास्थ्य की स्थिति का रिकॉर्ड रखता है। इससे प्रत्यारोपण के परिणामों (Transplant Outcomes) का राष्ट्रीय डेटाबेस तैयार करने में सहायता मिलेगी।


कथन 2 सही है:
भारत में अंग प्रत्यारोपण मानव अंग एवं ऊतक प्रत्यारोपण अधिनियम, 1994 (THOTA) तथा उसके समय-समय पर किए गए संशोधनों के अनुसार कानूनी रूप से संचालित एवं विनियमित किया जाता है।


कथन 3 सही है:
इस डिजिटल पोर्टल का विकास राष्ट्रीय अंग एवं ऊतक प्रत्यारोपण संगठन (NOTTO) तथा सेंटर फॉर डेवलपमेंट ऑफ एडवांस्ड कंप्यूटिंग (C-DAC) ने स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के अंतर्गत संयुक्त रूप से किया है। इसलिए कथन 3 सही है।


 


                            

Q4:

राष्ट्रीय अंग एवं ऊतक प्रत्यारोपण संगठन (National Organ and Tissue Transplant Organization – NOTTO) के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

1.   यह स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के अंतर्गत संसद के एक अधिनियम द्वारा प्रत्यक्ष रूप से स्थापित एक वैधानिक (Statutory) निकाय है।

2.   यह स्वास्थ्य सेवा महानिदेशालय (Directorate General of Health Services – DGHS) के अंतर्गत कार्य करता है।

3.   इसमें दो प्रमुख प्रभाग (Divisions) हैं: राष्ट्रीय मानव अंग एवं ऊतक निष्कासन एवं भंडारण नेटवर्क (National Human Organ and Tissue Removal and Storage Network) तथा राष्ट्रीय जैव-सामग्री केंद्र (National Biomaterial Centre)

उपरोक्त में से कौन-से कथन सही हैं?

A: केवल 1 और 2

B: केवल 1 और 3

C: केवल 2 और 3

D: 1, 2, और 3

उत्तर: C

स्पष्टीकरण:

कथन 1 गलत है:
NOTTO
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के अंतर्गत स्वास्थ्य सेवा महानिदेशालय (DGHS) के अधीन स्थापित एक राष्ट्रीय स्तर का संगठन है। यद्यपि इसका कार्य मानव अंग एवं ऊतक प्रत्यारोपण अधिनियम, 1994 (THOTA) के अनुरूप संचालित होता है, लेकिन यह स्वयं उस अधिनियम द्वारा प्रत्यक्ष रूप से स्थापित स्वतंत्र वैधानिक निकाय नहीं है।


कथन 2 सही है:
NOTTO
प्रशासनिक रूप से स्वास्थ्य सेवा महानिदेशालय (DGHS) के अंतर्गत कार्य करता है।


कथन 3 सही है:
NOTTO
के अंतर्गत आधिकारिक रूप से दो प्रमुख प्रभाग कार्यरत हैं



  • राष्ट्रीय मानव अंग एवं ऊतक निष्कासन एवं भंडारण नेटवर्क (National Human Organ and Tissue Removal and Storage Network)

  • राष्ट्रीय जैव-सामग्री केंद्र (National Biomaterial Centre)


                            

Q5:

भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 498A / भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 85 पर सर्वोच्च न्यायालय के हालिया निर्णय के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

1.   घरेलू क्रूरता (Domestic Cruelty) से संरक्षण अब भारत में सभी प्रकार के लिव-इन संबंधों (Live-in Relationships) पर स्वतः लागू हो गया है।

2.   न्यायालय ने कहा कि विवाह-सदृश (Marriage-like) लिव-इन संबंध में रहने वाली महिला को केवल औपचारिक विवाह के अभाव में घरेलू क्रूरता विरोधी कानूनी संरक्षण से वंचित करना, संविधान के अनुच्छेद 14 के तहत समानता के अधिकार का उल्लंघन है।

3.   न्यायालय ने मनमानी गिरफ्तारियों को रोकने के लिए अर्नेश कुमार बनाम बिहार राज्य (Arnesh Kumar v. State of Bihar) मामले में निर्धारित दिशानिर्देशों के कड़ाई से पालन का निर्देश दिया।

उपरोक्त में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?

A: केवल 1 और 2

B: केवल 2

C: केवल 2 और 3

D: 1, 2, और 3

उत्तर: C

स्पष्टीकरण:

कथन 1 गलत है:
सर्वोच्च न्यायालय ने स्पष्ट किया कि यह विस्तृत व्याख्या सभी प्रकार के सामान्य या आकस्मिक (Casual) लिव-इन संबंधों पर लागू नहीं होगी। यह केवल उन संबंधों तक सीमित है जो "विवाह-सदृश संबंध (Relationship in the Nature of Marriage)" की श्रेणी में आते हैं, जहाँ विवाह करने का स्पष्ट आशय (Intention to Marry) विद्यमान हो।


कथन 2 सही है:
पीठ ने कहा कि जो महिलाएँ लंबे समय तक विवाह-सदृश संबंधों में रही हैं, उन्हें केवल औपचारिक विवाह होने के आधार पर घरेलू क्रूरता संबंधी कानूनी उपचार (Anti-Cruelty Provisions) से वंचित करना संविधान के अनुच्छेद 14 द्वारा प्रदत्त समानता के अधिकार का उल्लंघन होगा।


कथन 3 सही है:
आपराधिक कानून की व्यापक व्याख्या के कारण संभावित दुरुपयोग या निरर्थक मुकदमों (Frivolous Litigation) की संभावना को ध्यान में रखते हुए, सर्वोच्च न्यायालय ने अर्नेश कुमार बनाम बिहार राज्य मामले में निर्धारित दिशानिर्देशों के कड़ाई से पालन का निर्देश दिया। इसके तहत यांत्रिक (Mechanical) गिरफ्तारी से पहले प्रारंभिक जांच (Preliminary Inquiry) सुनिश्चित करने पर बल दिया गया है।


 


                            
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