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Daily-mcqs 06 Jul 2026

यूपीएससी और राज्य पीएससी परीक्षाओं के लिए समसामयिकी MCQs 06 Jul 2026

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यूपीएससी और राज्य पीएससी परीक्षाओं के लिए समसामयिकी MCQs

Q1:

हाल ही में उभरती (Emerging) उपचार पद्धतियों को केंद्रीय लाइसेंस अनुमोदन प्राधिकरण (Centrally Licensed Approving Authority - CLAA) के दायरे में लाने संबंधी संशोधन के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

1.   CLAA, औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम, 1940 (Drugs and Cosmetics Act, 1940) तथा औषधि नियम, 1945 (Drugs Rules, 1945) के प्रावधानों के अंतर्गत कार्य करता है।

2.   हालिया संशोधन के माध्यम से स्टेम सेल-व्युत्पन्न (Stem Cell-derived) उत्पाद, जीन चिकित्सीय (Gene Therapeutic) उत्पाद तथा ज़ेनोग्राफ्ट (Xenografts) को CLAA के दायरे में शामिल किया गया है।

3.   CLAA के अंतर्गत नियामक निगरानी केवल केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (CDSCO) द्वारा की जाती है तथा इसमें राज्य लाइसेंसिंग प्राधिकरणों (State Licensing Authorities) की कोई भूमिका नहीं होती।

उपरोक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?

A: 1 और 2 केवल

B: 1 और 3 केवल

C: 2 और 3 केवल

D: 1, 2 और 3

उत्तर: A

स्पष्टीकरण:

कथन 1 – सही है:
केंद्रीय लाइसेंस अनुमोदन प्राधिकरण (CLAA) एक नियामक व्यवस्था है, जिसकी स्थापना औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम, 1940 तथा औषधि नियम, 1945 के प्रावधानों के अंतर्गत की गई है।


कथन 2 – सही है:
हालिया संशोधन के माध्यम से CLAA के दायरे का विस्तार करते हुए निम्नलिखित उत्पादों को शामिल किया गया है:



  • स्टेम सेल-व्युत्पन्न (Stem Cell-derived) उत्पाद

  • जीन चिकित्सीय (Gene Therapeutic) उत्पाद

  • ज़ेनोग्राफ्ट (Xenografts)


कथन 3 – गलत है:
CLAA
के अंतर्गत नियामक व्यवस्था केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (CDSCO) तथा राज्य लाइसेंसिंग प्राधिकरणों (State Licensing Authorities) दोनों की संयुक्त निगरानी पर आधारित है। अतः यह कहना कि केवल CDSCO ही नियामक निगरानी करता है, गलत है।


                            

Q2:

कर्मचारी भविष्य निधि (Employees' Provident Fund - EPF) योजना, 2026 के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

1.   EPF योजना, 2026 को सामाजिक सुरक्षा संहिता (Code on Social Security), 2020 के अंतर्गत अधिसूचित किया गया है।

2.   कर्मचारी भविष्य निधि योजना, 1952 के अंतर्गत पहले से पंजीकृत EPF सदस्यों को नई योजना के अंतर्गत पुनः पंजीकरण (Fresh Registration) कराना आवश्यक है।

3.   अधिकांश प्रतिष्ठानों के लिए EPF में नियोक्ता तथा कर्मचारी दोनों का वेतन का 12% अनिवार्य अंशदान यथावत् बना हुआ है।

4.   यदि श्रमिक ऐसे ठेकेदार (Contractor) के माध्यम से नियोजित हैं, जो कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) में स्वतंत्र रूप से पंजीकृत नहीं है, तब भी EPF अंशदान जमा कराने की जिम्मेदारी प्रधान नियोक्ता (Principal Employer) की होगी।

उपरोक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?

A: 1, 2 और 3 केवल

B: 1, 3 और 4 केवल

C: 1, 2 और 4 केवल

D: 1, 2, 3 और 4

उत्तर: B

स्पष्टीकरण:

कथन 1 – सही है:
EPF
योजना, 2026 को सामाजिक सुरक्षा संहिता (Code on Social Security), 2020 के अंतर्गत अधिसूचित किया गया है, जिसने कर्मचारी भविष्य निधि योजना, 1952 का स्थान लिया है।


कथन 2 – गलत है:
जो कर्मचारी पहले से EPF योजना, 1952 के अंतर्गत सदस्य हैं, वे स्वतः ही नई योजना के सदस्य बने रहेंगे। उन्हें किसी नए पंजीकरण (Fresh Registration) की आवश्यकता नहीं है।


कथन 3 – सही है:
अनिवार्य EPF अंशदान की दर यथावत् है:



  • नियोक्ता द्वारा वेतन का 12%

  • कर्मचारी द्वारा वेतन का 12%

  • जबकि कुछ अधिसूचित प्रतिष्ठानों के लिए यह दर 10% निर्धारित है।


कथन 4 – सही है:
योजना के अनुसार, यदि श्रमिक ऐसे ठेकेदार के माध्यम से कार्यरत हैं जो EPFO में स्वतंत्र रूप से पंजीकृत नहीं है, तब भी नियोक्ता एवं कर्मचारी दोनों के EPF अंशदान तथा प्रशासनिक शुल्क जमा कराने की अंतिम जिम्मेदारी प्रधान नियोक्ता (Principal Employer) की होगी।


                            

Q3:

कर्मचारी भविष्य निधि (Employees' Provident Fund - EPF) योजना, 2026 के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

1.   आंशिक निकासी (Partial Withdrawal) के प्रावधानों को समेकित करके तीन व्यापक श्रेणियोंआवश्यक आवश्यकताएँ (Essential Needs), आवास संबंधी आवश्यकताएँ (Housing Needs) तथा विशेष परिस्थितियाँ (Special Circumstances)में विभाजित किया गया है।

2.   सामान्यतः EPF सदस्यों को अपनी संचित भविष्य निधि (Provident Fund) का कम-से-कम 25% शेष रखना अनिवार्य है, अर्थात वे पात्र शेष राशि का अधिकतम 75% तक निकाल सकते हैं।

3.   बेरोज़गार होने पर, बेरोज़गारी की अवधि की परवाह किए बिना, EPF की पूरी राशि तत्काल निकालने की अनुमति है।

4.   सामाजिक सुरक्षा संहिता (Code on Social Security), 2020 ने गिग श्रमिकों (Gig Workers) तथा प्लेटफ़ॉर्म श्रमिकों (Platform Workers) को सामाजिक सुरक्षा के दायरे में मान्यता प्रदान की है।

उपरोक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?

A: 1, 2 और 3 केवल

B: 1, 3 और 4 केवल

C: 1, 2 और 4 केवल

D: 1, 2, 3 और 4

उत्तर: C

स्पष्टीकरण:

कथन 1 – सही है:
EPF
योजना, 1952 के अंतर्गत उपलब्ध अनेक आंशिक निकासी श्रेणियों को सरल बनाकर तीन व्यापक वर्गों में समाहित किया गया है:



  • आवश्यक आवश्यकताएँ (Essential Needs): जैसे बीमारी, शिक्षा एवं विवाह

  • आवास संबंधी आवश्यकताएँ (Housing Needs)

  • विशेष परिस्थितियाँ (Special Circumstances)


कथन 2 – सही है:
सेवानिवृत्ति के लिए पर्याप्त बचत सुनिश्चित करने के उद्देश्य से सामान्यतः सदस्य को अपनी संचित EPF राशि का कम-से-कम 25% बनाए रखना आवश्यक है। इसलिए सामान्य परिस्थितियों में पात्र राशि का अधिकतम 75% तक निकाला जा सकता है।


कथन 3 – गलत है:
बेरोज़गार होते ही EPF की पूरी राशि निकालने की अनुमति नहीं है। सामान्यतः निर्धारित शर्तों के अधीन एक वर्ष की बेरोज़गारी के बाद ही पूर्ण निकासी की अनुमति दी जाती है।


कथन 4 – सही है:
सामाजिक सुरक्षा संहिता, 2020 ने सामाजिक सुरक्षा के दायरे का विस्तार करते हुए गिग श्रमिकों एवं प्लेटफ़ॉर्म श्रमिकों को मान्यता प्रदान की है तथा उनके एवं असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों के लिए सामाजिक सुरक्षा कोष (Social Security Fund) का भी प्रावधान किया है।


 


                            

Q4:

इलेक्ट्रिक वाहनों (Electric Vehicles - EVs) में प्रयुक्त बैटरी प्रबंधन प्रणाली (Battery Management System - BMS) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

1.   बैटरी प्रबंधन प्रणाली (BMS) बैटरी के वोल्टेज, धारा (Current), तापमान तथा चार्जिंग चक्रों (Charging Cycles) जैसे मानकों की निगरानी करती है।

2.   BMS का एक प्रमुख कार्य बैटरी की विभिन्न कोशिकाओं (Battery Cells) के बीच संतुलन बनाए रखना तथा अधिक चार्जिंग (Overcharging) और अधिक ताप (Overheating) को रोकना है।

3.   इलेक्ट्रिक वाहनों में प्रयुक्त सभी बैटरी प्रबंधन प्रणालियाँ इंटरनेट से जुड़ी होती हैं तथा क्लाउड-आधारित (Cloud-based) सर्वरों के माध्यम से नियंत्रित की जाती हैं।

4.   यदि किसी कमजोर (Vulnerable) BMS के माध्यम से बैटरी के डिस्चार्ज (Discharge) कार्य को निष्क्रिय कर दिया जाए, तो इलेक्ट्रिक वाहन तत्काल रुक सकता है।

उपरोक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?

A: 1, 2 और 3 केवल

B: 1, 3 और 4 केवल

C: 1, 2 और 4 केवल

D: 1, 2, 3 और 4

उत्तर: C

स्पष्टीकरण:

कथन 1 – सही है:
बैटरी प्रबंधन प्रणाली (BMS) एक इलेक्ट्रॉनिक नियंत्रण इकाई (Electronic Control Unit) है, जो निरंतर निम्नलिखित मानकों की निगरानी करती है:



  • बैटरी का वोल्टेज (Voltage)

  • धारा (Current)

  • तापमान (Temperature)

  • चार्जिंग एवं डिस्चार्जिंग चक्र (Charging and Discharging Cycles)

  • बैटरी का समग्र स्वास्थ्य (Overall Battery Health)


कथन 2 – सही है:
BMS
बैटरी की सुरक्षा और दक्षता बढ़ाने के लिए:



  • प्रत्येक बैटरी सेल के बीच संतुलन (Cell Balancing) बनाए रखती है।

  • अधिक चार्जिंग (Overcharging) तथा अत्यधिक डिस्चार्ज (Deep Discharge) को रोकती है।

  • अधिक ताप (Overheating) को रोकती है।

  • बैटरी के जीवनकाल (Battery Life) को बढ़ाती है।


कथन 3 – गलत है:
सभी BMS इंटरनेट से जुड़े या क्लाउड-आधारित नहीं होते। अनेक कम लागत वाले BMS केवल ब्लूटूथ (Bluetooth) के माध्यम से कार्य करते हैं, जबकि प्रीमियम इलेक्ट्रिक वाहनों में सुरक्षित एवं एन्क्रिप्टेड (Encrypted) संचार प्रणाली का उपयोग किया जाता है। इसलिए इंटरनेट कनेक्टिविटी प्रत्येक BMS की अनिवार्य विशेषता नहीं है।


कथन 4 – सही है:
रिपोर्ट की गई सुरक्षा कमजोरी (Vulnerability) में बैटरी के डिस्चार्ज नियंत्रण (Discharge Control) का दुरुपयोग किया गया। जब डिस्चार्ज सर्किट बंद कर दिया जाता है, तो मोटर को विद्युत आपूर्ति रुक जाती है, जिससे -रिक्शा या अन्य इलेक्ट्रिक वाहन तुरंत रुक सकता है।


                            

Q5:

भारत में जल सुरक्षा (Water Security) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

1.   जल सुरक्षा का अर्थ केवल कृषि एवं घरेलू उपयोग के लिए पर्याप्त जल उपलब्ध कराना है।

2.   भारत के पास विश्व के कुल मीठे जल (Freshwater) संसाधनों का लगभग 4% है, जबकि यहाँ विश्व की लगभग 18% जनसंख्या निवास करती है।

3.   प्रति व्यक्ति वार्षिक जल उपलब्धता 1,000 घन मीटर (Cubic Metres) से कम होने को सामान्यतः गंभीर जल अभाव (Severe Water Scarcity) का संकेत माना जाता है।

4.   जल सुरक्षा प्राप्त करने के लिए कुशल जल प्रबंधन, जल संरक्षण, पुनः उपयोग (Reuse), पुनर्चक्रण (Recycling) तथा जल संसाधनों का न्यायसंगत एवं समान वितरण (Equitable Allocation) आवश्यक है।

उपरोक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?

A: 1, 2 और 3 केवल

B: 1, 3 और 4 केवल

C: 2, 3 और 4 केवल

D: 1, 2, 3 और 4

उत्तर: C

स्पष्टीकरण:

कथन 1 – गलत है:
जल सुरक्षा केवल पर्याप्त जल उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं है। यह एक व्यापक अवधारणा है, जिसमें शामिल हैं:



  • सुरक्षित एवं स्वच्छ जल की सतत उपलब्धता,

  • पारिस्थितिक तंत्रों (Ecosystems) का संरक्षण,

  • जल संसाधनों का कुशल एवं न्यायसंगत आवंटन,

  • सूखा, बाढ़, जल प्रदूषण तथा भूजल के अत्यधिक दोहन जैसी चुनौतियों का प्रभावी प्रबंधन।


कथन 2 – सही है:
भारत के पास विश्व के कुल मीठे जल संसाधनों का लगभग 4% ही है, जबकि यहाँ विश्व की लगभग 18% जनसंख्या निवास करती है। इसलिए भारत में कुशल एवं टिकाऊ जल प्रबंधन अत्यंत आवश्यक है।


कथन 3 – सही है:
प्रति व्यक्ति वार्षिक जल उपलब्धता 1,000 घन मीटर से कम होने को व्यापक रूप से गंभीर जल अभाव (Severe Water Scarcity) का संकेत माना जाता है। कृष्णा (Krishna) तथा कावेरी (Cauvery) नदी बेसिन इस सीमा को पहले ही पार कर चुके हैं।


कथन 4 – सही है:
आधुनिक जल सुरक्षा की अवधारणा निम्नलिखित पर बल देती है:



  • जल संरक्षण (Water Conservation)

  • जल का पुनर्चक्रण (Recycling) एवं पुनः उपयोग (Reuse)

  • परिपत्र जल अर्थव्यवस्था (Circular Water Economy) को बढ़ावा देना

  • आँकड़ा-आधारित (Data-driven) जल शासन (Water Governance)

  • विभिन्न क्षेत्रों के बीच जल संसाधनों का न्यायसंगत एवं संतुलित आवंटन।


                            
Aliganj Gomti Nagar Prayagraj