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Daily-mcqs 01 Jul 2026
Q1:
सिजेरियन डिलीवरी में ऑक्सीटोसिन के उपयोग के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार करें: 1. ऑक्सीटोसिन का संश्लेषण हाइपोथैलेमस में होता है और यह पश्च पिट्यूटरी ग्रंथि (posterior pituitary gland) से स्रावित होता है। 2. सिजेरियन सेक्शन (Caesarean section) से गुजरने वाली महिलाओं को अक्सर सिंथेटिक ऑक्सीटोसिन की आवश्यकता होती है क्योंकि प्रसव के दौरान होने वाली प्राकृतिक हार्मोनल वृद्धि (hormonal surge) अपर्याप्त हो सकती है। 3. सी-सेक्शन के दौरान डिलीवरी के बाद ऑक्सीटोसिन मुख्य रूप से गर्भाशय के संकुचन (uterine contraction) को बढ़ाकर प्रसवोत्तर रक्तस्राव (postpartum haemorrhage) को रोकने के लिए दिया जाता है। उपरोक्त में से कौन-से कथन सही हैं?
A: केवल 1 और 3
B: केवल 1 और 2
C: केवल 2 और 3
D: 1, 2 और 3
उत्तर: D
स्पष्टीकरण:
• कथन 1 – सही।
ऑक्सीटोसिन एक पेप्टाइड हार्मोन है जो हाइपोथैलेमस में बनता है और पश्च पिट्यूटरी ग्रंथि में संग्रहित होकर वहीं से स्रावित होता है।
• कथन 2 – सही।
सामान्य योनि प्रसव के दौरान शरीर में प्राकृतिक रूप से ऑक्सीटोसिन का स्तर बढ़ता है। लेकिन कई सिजेरियन डिलीवरी, विशेषकर स्पाइनल या एपिड्यूरल एनेस्थीसिया के तहत, यह प्राकृतिक हार्मोनल वृद्धि पर्याप्त नहीं होती, इसलिए सिंथेटिक ऑक्सीटोसिन देना पड़ता है।
• कथन 3 – सही।
सिंथेटिक ऑक्सीटोसिन आमतौर पर डिलीवरी के तुरंत बाद दिया जाता है ताकि गर्भाशय संकुचन को बढ़ावा मिले, प्लेसेंटा स्थल पर रक्त वाहिकाओं को संकुचित किया जा सके, रक्तस्राव कम हो और प्रसवोत्तर रक्तस्राव (PPH) को रोका जा सके, जो मातृ मृत्यु का एक प्रमुख कारण है।
Q2:
ऑक्सीटोसिन और भारत में इसके विनियमन (regulation) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार करें: 1. सिंथेटिक ऑक्सीटोसिन को WHO (विश्व स्वास्थ्य संगठन) की आवश्यक दवाओं की मॉडल सूची (Model List of Essential Medicines) में शामिल किया गया है। 2. नकली या घटिया गुणवत्ता वाला ऑक्सीटोसिन पर्याप्त गर्भाशय संकुचन (uterine contractions) उत्पन्न करने में विफल हो सकता है, जिससे प्रसवोत्तर रक्तस्राव (postpartum haemorrhage) का जोखिम बढ़ जाता है। 3. सेंट्रल ड्रग्स स्टैंडर्ड कंट्रोल ऑर्गेनाइजेशन (CDSCO) ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट, 1940 के अंतर्गत कार्य करता है और भारत में दवा अनुमोदन तथा गुणवत्ता मानकों को नियंत्रित करता है। 4. भारत सरकार ने केवल ऑक्सीटोसिन इंजेक्शन के लिए ही QR कोड और बारकोड आधारित ट्रेसबिलिटी अनिवार्य की है। उपरोक्त में से कौन-से कथन सही हैं?
A: केवल 1, 2 और 3
B: केवल 2 और 4
C: केवल 1 और 3
D: 1, 2, 3 और 4
उत्तर: A
स्पष्टीकरण:
• कथन 1 – सही।
सिंथेटिक ऑक्सीटोसिन को WHO की आवश्यक दवाओं की मॉडल सूची में शामिल किया गया है, जो मातृ स्वास्थ्य देखभाल में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका को दर्शाता है।
• कथन 2 – सही।
नकली या निम्न गुणवत्ता वाला ऑक्सीटोसिन, जिसमें पर्याप्त सक्रिय औषधीय घटक (API) नहीं होता, प्रभावी गर्भाशय संकुचन उत्पन्न नहीं कर पाता, जिससे गंभीर प्रसवोत्तर रक्तस्राव, आपातकालीन रक्त आधान और मातृ मृत्यु का जोखिम बढ़ जाता है।
• कथन 3 – सही।
सेंट्रल ड्रग्स स्टैंडर्ड कंट्रोल ऑर्गेनाइजेशन (CDSCO) भारत की राष्ट्रीय नियामक संस्था है, जो ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट, 1940 के तहत कार्य करती है। यह दवा अनुमोदन, गुणवत्ता नियंत्रण, नैदानिक परीक्षण और राज्य औषधि नियंत्रण संगठनों के साथ समन्वय के लिए जिम्मेदार है।
• कथन 4 – गलत।
सरकार ने ट्रेसबिलिटी बढ़ाने के लिए QR कोड और बारकोड प्रणाली कई श्रेणियों की दवाओं (जैसे वैक्सीन, एंटीमाइक्रोबियल, कैंसर-रोधी दवाएँ, नारकोटिक्स और Schedule H2 दवाएँ) के लिए अनिवार्य की है, केवल ऑक्सीटोसिन इंजेक्शन के लिए नहीं।
Q3:
2026 यूरोप हीटवेव संकट (Europe Heatwave Crisis 2026) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार करें: 1. ओमेगा ब्लॉक (Omega Block) एक मौसम संबंधी घटना है जिसमें एक उच्च-दाब प्रणाली (high-pressure system) दो निम्न-दाब प्रणालियों (low-pressure systems) के बीच फँस जाती है, जिससे लंबे समय तक हीटवेव की स्थिति बनी रहती है। 2. ओमेगा ब्लॉक से जुड़ी उच्च-दाब प्रणाली बादलों के निर्माण और वर्षा को बढ़ावा देती है, जिससे तापमान नियंत्रित रहता है। 3. यूरोप वैश्विक औसत की तुलना में लगभग दोगुनी दर से गर्म हो रहा है, जिसका एक कारण आर्कटिक प्रवर्धन (Arctic amplification) है। 4. शहरी ऊष्मा द्वीप प्रभाव (Urban Heat Island Effect) शहरों में तापमान को बढ़ाता है क्योंकि यह ऊष्मा के अवशोषण और उसके बने रहने (retention) को बढ़ा देता है। उपरोक्त में से कौन-से कथन सही हैं?
A: केवल 1, 3 और 4
B: केवल 1 और 2
C: केवल 2, 3 और 4
D: 1, 2, 3 और 4
उत्तर: A
स्पष्टीकरण:
कथन 1 – सही
यूरोप हीटवेव संकट 2026 का प्रमुख कारण ओमेगा ब्लॉक माना गया है। यह एक स्थिर वायुमंडलीय परिसंचरण पैटर्न है जिसमें उच्च-दाब प्रणाली दो निम्न-दाब प्रणालियों के बीच फँस जाती है और यह ग्रीक अक्षर Ω (ओमेगा) जैसा दिखता है।
यह प्रणाली कई दिनों तक स्थिर रहती है, जिससे मौसम प्रणालियों की सामान्य गति रुक जाती है और लंबे समय तक गर्मी बनी रहती है।
कथन 2 – गलत
यह कथन वास्तविक प्रक्रिया के विपरीत है।
उच्च-दाब प्रणाली के कारण:
कथन 3 – सही
यूरोप को दुनिया का सबसे तेजी से गर्म होने वाला महाद्वीप माना जाता है, जो वैश्विक औसत से लगभग दोगुनी दर से गर्म हो रहा है।
इसके प्रमुख कारण हैं:
कथन 4 – सही
शहरी ऊष्मा द्वीप प्रभाव (Urban Heat Island Effect) के कारण शहरों का तापमान अधिक होता है क्योंकि:
Q4:
पीएम फैमिली केयर ट्रैकर (PM Family Care Tracker) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार करें: 1. यह मातृ एवं शिशु कल्याण के लिए एक AI-सक्षम एकीकृत शासन मंच (integrated governance platform) है। 2. यह नागरिक पंजीकरण, स्वास्थ्य, शिक्षा और सामाजिक कल्याण के डेटाबेस को एकीकृत करता है। 3. प्रत्येक बच्चे को 18 वर्ष की आयु तक ट्रैकिंग के लिए एक विशिष्ट डिजिटल पहचान (unique digital identity) प्रदान की जाती है। उपरोक्त में से कौन-से कथन सही हैं?
A: केवल 1 और 3
B: केवल 1 और 2
C: केवल 2 और 3
D: 1, 2 और 3
उत्तर: D
स्पष्टीकरण:
• कथन 1 – सही
PM Family Care Tracker एक AI-सक्षम एकीकृत शासन मंच है, जिसका उद्देश्य मातृ एवं शिशु कल्याण सेवाओं में सुधार करना है। यह डेटा विश्लेषण (data analytics) और डिजिटल एकीकरण के माध्यम से लाभार्थियों की समय पर पहचान और कल्याण सेवाओं की निगरानी सुनिश्चित करता है।
• कथन 2 – सही
यह प्लेटफॉर्म कई डेटाबेस को एकीकृत करता है, जैसे नागरिक पंजीकरण प्रणाली (जन्म और मृत्यु रिकॉर्ड), स्वास्थ्य रिकॉर्ड (टीकाकरण, मातृ देखभाल), शिक्षा डेटा और सामाजिक कल्याण योजनाएँ। इससे सेवाओं में समन्वय और निरंतरता बनी रहती है।
• कथन 3 – सही
इसकी एक प्रमुख विशेषता “यूनिक चाइल्ड डिजिटल आइडेंटिटी” है, जिसके माध्यम से बच्चे को गर्भावस्था से लेकर 18 वर्ष की आयु तक ट्रैक किया जा सकता है। यह जीवन-चक्र (lifecycle) आधारित दृष्टिकोण यह सुनिश्चित करता है कि कोई भी पात्र लाभार्थी कल्याण योजनाओं से वंचित न रहे।
Q5:
दवाओं के लिए QR कोड आधारित ट्रैक एंड ट्रेस सिस्टम (QR Code-Based Track and Trace System for Medicines) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार करें: 1. यह निर्माण इकाई (manufacturing) से लेकर खुदरा वितरण (retail distribution) तक दवाओं की एंड-टू-एंड ट्रैकिंग सक्षम करता है। 2. यह केवल ड्रग्स रूल्स, 1945 के तहत Schedule H2 दवाओं के लिए ही अनिवार्य है। 3. QR कोड में बैच नंबर, समाप्ति तिथि (expiry date) और निर्माण लाइसेंस संख्या जैसी जानकारी शामिल होती है। 4. इस प्रणाली का उद्देश्य दवाओं की प्रामाणिकता (authentication) बढ़ाना और नकली दवाओं के प्रचलन को कम करना है। उपरोक्त में से कौन-से कथन सही हैं?
A: केवल 1, 3 और 4
B: केवल 1 और 2
C: केवल 2 और 3
D: 1, 2, 3 और 4
उत्तर: A
स्पष्टीकरण:
• कथन 1 – सही
QR कोड आधारित ट्रैक एंड ट्रेस सिस्टम का उद्देश्य पूरी दवा आपूर्ति श्रृंखला (supply chain) में पारदर्शिता सुनिश्चित करना है—निर्माण इकाई से लेकर वितरक, थोक विक्रेता और खुदरा फार्मेसी तक। इससे प्रत्येक दवा यूनिट को उसके स्रोत तक ट्रैक किया जा सकता है।
• कथन 2 – गलत
यह प्रणाली केवल Schedule H2 दवाओं तक सीमित नहीं है। इसका दायरा अधिक व्यापक है और इसमें टीके (vaccines), एंटीमाइक्रोबियल, नारकोटिक्स, लत लगाने वाली दवाएँ और कैंसर-रोधी दवाएँ जैसी उच्च जोखिम वाली श्रेणियाँ शामिल हैं।
• कथन 3 – सही
QR कोड में बैच नंबर, निर्माण तिथि, समाप्ति तिथि, निर्माता की जानकारी, लाइसेंस संख्या और प्रत्येक यूनिट के लिए एक विशिष्ट पहचान कोड जैसी महत्वपूर्ण जानकारी होती है।
• कथन 4 – सही
इस प्रणाली का मुख्य उद्देश्य नकली और निम्न गुणवत्ता वाली दवाओं के प्रसार को रोकना है। रियल-टाइम सत्यापन और ट्रेसबिलिटी के माध्यम से यह सुनिश्चित किया जाता है कि नकली दवाएँ आपूर्ति श्रृंखला में प्रवेश न कर सकें।