यूपीएससी और राज्य पीसीएस परीक्षा के लिए ब्रेन बूस्टर (विषय: विश्व पोलियो दिवस 2020 (World Polio Day 2020)

यूपीएससी और राज्य पीसीएस परीक्षा के लिए ब्रेन बूस्टर (Brain Booster for UPSC & State PCS Examination)


यूपीएससी और राज्य पीसीएस परीक्षा के लिए करेंट अफेयर्स ब्रेन बूस्टर (Current Affairs Brain Booster for UPSC & State PCS Examination)


विषय (Topic): विश्व पोलियो दिवस 2020 (World Polio Day 2020)

विश्व पोलियो दिवस 2020 (World Polio Day 2020)

चर्चा का कारण

  • हाल ही में हर साल की तरह 24 अक्टूबर को ‘विश्व पोलियो दिवस’ मनाया गया।
  • 24 अक्टूबर को विश्व पोलियो दिवस के रूप में मनाने की शुरुआत एक दशक पहले रोटरी इंटरनेशनल द्वारा की गयी थी।

क्या है पोलियो?

  • पोलियो एक अत्यधिक संक्रामक और खतरनाक बीमारी है, जो वायरस के कारण होती है जो हमारे नर्वस सिस्टम पर हमला करती है।
  • पोलियो मुख्य रूप से संक्रमित मल, दूषित पानी (संक्रमित मानव अपशिष्ट के कारण) से फैलता है, और यहां तक कि एक व्यत्तिफ़ से दूसरे व्यत्तिफ़ में खांसी या छींक के माध्यम से भी फैल सकता है।
  • किसी भी उम्र का व्यत्तिफ़ इस बीमारी का शिकार हो सकता है, लेकिन यह मुख्य रूप से 5 वर्ष से कम आयु के बच्चों तथा गर्भवती महिलाओं को प्रभावित करता है।
  • रोग के दो बुनियादी पैटर्न हैं-पहला प्रकार एक छोटी बीमारी है, जिसे पोलियोमाइलाइटिस कहा जाता है, जो केंद्रीय तंत्रिका तंत्र (सीएनएस) को प्रभावित नहीं करता है। दूसरा प्रकार अधिक महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह सीधे सीएनएस को प्रभावित करता है और लकवाग्रस्त या गैर-लकवाग्रस्त हो सकता है। लगभग 95% मामलों में, रोग कोई लक्षण नहीं दिखता है।

दिवस के रूप में मनाने की आवश्यकता

  • इस बीमारी का खतरा इस स्तर का है कि विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के अनुसार 200 संक्रमित लोगों में से 1 को स्थायी पक्षाघात का खतरा है। इसलिए, वैश्विक स्तर पर पोलियो के उन्मूलन को महत्वपूर्ण माना गया। यही कारण है कि विश्व पोलियो दिवस एक महत्वपूर्ण अवसर है जिसे, पोलियो टीकाकरण और पोलियो के उन्मूलन के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए मनाया जाता है।
  • इस वर्ष, विश्व पोलियो दिवस की थीम "Stories of Progress : Past and Present" है। यह पोलियो उन्मूलन के साथ-साथ प्रक्रिया में शामिल सभी लोगों के प्रयासों को पहचानने के संघर्ष में अब तक हुई प्रगति को स्वीकार करने के लिए चुना गया है ।
  • 1988 में आरम्भ किए गए पोलियो उन्मूलन कार्यक्रम को 32 वर्ष बीत चुके हैं विश्व भर में अरबों डॉलर खर्च करने और भरसक प्रयासों के बाद पोलियो पर काफी हद तक नियंत्रण पा लिया गया है।
  • कई साल की कोशिशों के परिणामस्वरूप साल 2014 में भारत पोलियो मुत्तफ़ घोषित हुआ। लेकिन भारत के दो पड़ोसी देश पाकिस्तान और अफगानिस्तान में इसे अभी भी खत्म किया जाना बाकी है।

आगे की राह

  • हालाँकि 2020 तक, पोलियोमाइलाइटिस उन्मूलन के वैश्विक आयोग ने घोषणा की है कि पोलियो वायरस टाइप 3 को वैश्विक स्तर पर मिटा दिया गया है।
  • परन्तु पोलियो का कोई इलाज नहीं है, इसलिए इसके फैलने को रोकने का कोई दूसरा तरीका नहीं है अतः यह जरूरी हो जाता है कि आप अपने बच्चे को जल्द से जल्द टीकाकरण कराएं और सुनिश्चित करें कि आप उसे समय पर टीकाकरण प्रदान करके अपने बच्चे के जीवन की रक्षा करें, और बदले में, इस घातक वायरस के संचरण को कम करने में भी अपनी भागीदारी सुनिश्चित करें।