यूपीएससी और राज्य पीसीएस परीक्षा के लिए ब्रेन बूस्टर (विषय: वर्जिन हाइपरलूप टेक्नोलॉजी (Virgin Hyperloop Technology)

यूपीएससी और राज्य पीसीएस परीक्षा के लिए ब्रेन बूस्टर (Brain Booster for UPSC & State PCS Examination)


यूपीएससी और राज्य पीसीएस परीक्षा के लिए करेंट अफेयर्स ब्रेन बूस्टर (Current Affairs Brain Booster for UPSC & State PCS Examination)


विषय (Topic): वर्जिन हाइपरलूप टेक्नोलॉजी (Virgin Hyperloop Technology)

वर्जिन हाइपरलूप टेक्नोलॉजी (Virgin Hyperloop Technology)

चर्चा का कारण

  • हाल ही में भारत सरकार के थिंक-टैंक नीति आयोग (NITI Aayog) ने भारत में तेज रफ़्तार वाली यात्र के लिए ‘वर्जिन हाइपरलूप टेक्नोलॉजी’ (Virgin Hyperloop technology) की प्रौद्योगिकीय और वाणिज्यिक व्यावहारिकता (technological and commercial viability) का पता लगाने के लिए एक उच्चस्तरीय समिति (high-level panel) का गठन किया है।

प्रमुख बिन्दु

  • हाल ही में भारत सरकार के थिंक-टैंक नीति आयोग (NITI Aayog) ने अपने एक दस्तावेज में कहा है कि परिवहन को लेकर उभरती प्रौद्योगिकी के मद्देनजर ‘वर्जिन हाइपरलूप टेक्नोलॉजी’ (Virgin Hyperloop technology) की व्यावहारिकता का पता लगाना जरूरी है।
  • इस दस्तावेज में कहा गया है कि नयी प्रौद्योगिकी हासिल करने के संबंध में प्रौद्योगिकी की वाणिज्यिक, वित्तीय (व्यावहारिकता) और सुरक्षा मानक तथा नियमन पर गौर करने की आवश्यकता है। इसके लिए एक विशेषज्ञ समिति बनाने का फैसला किया गया है।
  • समिति में नीति आयोग के अलावा रेलवे, डीआरडीओ, सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय आदि से भी सदस्य शामिल हैं।

हाइपरलूप टेक्नोलॉजी (Hyperloop technology)

  • हाइपरलूप परिवहन तकनीक, जमीनी यातायात का एक नया रूप है। इसमें परिवहन एक लूप के माध्यम से सम्पन्न होता है, जो काफी द्रुत-गति से चलता है।
  • ‘हाइपरलूप’ के वाहन को ‘कैप्सूल या पॉड्स’ कहा जाता है। इन ‘कैप्सूल या पॉड्स’ में यात्रियों को बिठाकर या कार्गो को लोड कर जमीन के ऊपर बड़े-बड़े पारदर्शी पाइपों में इलेक्ट्रिकल चुंबक पर चलाया जाएगा और चुंबकीय प्रभाव से ये ‘कैप्सूल या पॉड्स’ से कुछ ऊपर उठ जाएंगे जिससे घर्षण काफी कम होगा तथा तीव्र गति प्राप्त होगी।
  • हाल ही में ‘वर्जिन हाइपरलूप’ का परीक्षण अमेरिका के लॉस वेगास में 500 मीटर की लाइन पर एक ‘पॉड’ के साथ किया गया। इसकी रफ़्तार 161 किलोमीटर प्रति घंटा थी। इस परीक्षण के दौरान ‘पॉड’ में एक भारतीय भी सवार था।
  • उल्लेखनीय है कि हाईपरलूप के संबंध में सबसे पहले टेस्ला और स्पेसक्स के सीईओ एलन मास्क ने 2013 में अल्फा पेपर जारी करके बताया था कि निर्वात ट्यूब के प्रयोग से 760 मील प्रति घंटा की गति प्राप्त की जा सकती है।
  • हाईपरलूप पॉड को विषेशरूप से डिजाइन किए गए ट्यूब के अंदर मैग्नेटिक एनर्जी से चलाया जाता है।
  • इन ट्यूब के अंदर घर्षण को कम करने (लगभग शून्य) के लिए इनके अंदर निर्वात की स्थिति बनाई जाती है।
  • ये पॉड बिना पहियों के होते है ट्यूब के अंदर खाली स्थान में तैरते हुए आगे बढ़ते हैं।
  • ट्यूब के अंदर इन पॉड्स को 1200 किमी प्रतिघण्टा तक की गति से दौड़ाया जा सकता है।
  • दिसंबर 2017 में लास वेगास में किए गए तीसरे परीक्षण के दौरान इस पॉड में 387 किमी प्रति घंटा की रफ़्तार का रिकार्ड बनाया था।
  • यह पॉड सिस्टम वाणिज्यिक वायु परिवहन से दोगुना और उच्च गति ट्रेन की तुलना में 4 गुना अधिक तेज है।