यूपीएससी और राज्य पीसीएस परीक्षा के लिए ब्रेन बूस्टर (विषय: राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम (National Clean Air Programme)

यूपीएससी और राज्य पीसीएस परीक्षा के लिए ब्रेन बूस्टर (Brain Booster for UPSC & State PCS Examination)


यूपीएससी और राज्य पीसीएस परीक्षा के लिए करेंट अफेयर्स ब्रेन बूस्टर (Current Affairs Brain Booster for UPSC & State PCS Examination)


विषय (Topic): राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम (National Clean Air Programme)

राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम (National Clean Air Programme)

चर्चा का कारण

  • हाल ही में पर्यावरण और वन मंत्रलय द्वारा राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम (National Clean Air Programme NCAP) के तहत एक रिपोर्ट जारी की गयी है, जिसमें वर्ष 2024 तक वायु प्रदूषण में 20-30% तक कमी लाने का प्रस्ताव किया गया है।

NGT की प्रतिक्रिया

  • एनजीटी ने पर्यावरण मंत्रलय के इस प्रस्तुतिकरण को अस्वीकार कर दिया कि एनसीएपी के तहत 20-30% प्रदूषक कमी यथार्थवादी लगती है।
  • रिपोर्ट के अनुसार NCAP के तहत, 10 वर्षों में सभी मानदंडों को प्राप्त करने का लक्ष्य रखा गया है, जिसमें पहले तीन सालों में प्रदूषण के भार में 35% की कमी की जायेगी तथा उसके बाद शेष प्रदूषण को समाप्त किया जायेगा। ((अर्थात दस वर्षों तक प्रदूषण की समस्या बनी रहेगी, जोकि जीवन के अधिकार के तहत स्वच्छ वायु से वंचित रहने के लिए काफी लंबी अवधि है। ((इस संदर्भ में एनजीटी ने कहा कि यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि इस अवधि में किस प्रकार के प्रदूषकों को कम किया जाएगा।
  • इसके अलावा एनजीटी का मानना है कि एमओईएफ का दृष्टिकोण अनुच्छेद 21 के तहत संवैधानिक प्रावधानों के विरुद्ध है।
  • स्वच्छ वायु के अधिकार को ‘जीवन के अधिकार’ के एक भाग के रूप में मान्यता दी गयी है, और वायु प्रदूषण की समस्या के समाधान में विफलता ‘जीवन के अधिकार’ का उल्लंघन है।

डेटा की अपर्याप्तता

  • रिपोर्ट में यह स्पष्ट नहीं है कि क्या, निगरानी तंत्र प्रवर्तन के लिए है।
  • पिछले दो साल में प्रदूषण कितना कम हुआ, इससे संबंधित कोई आंकड़ा उपलब्ध नहीं है।
  • एनजीटी ने कहा कि कई नॉन एटेनमेंट सिटीज (गैर-प्राप्ति वाले शहर) हैं जो लगातार पाँच वर्ष तक PM10 अथवा नाइट्रोजन डाइऑक्साइड के लिये राष्ट्रीय परिवेशी वायु गुणवत्ता मानकों (National Ambient Air Quakity Standards - NAAQS) को पूरा करने में विफल रहते हैं।

मंत्रलय की प्रतिक्रिया

  • एमओईएफ ने न्यायाधिकरण को बताया कि हवा की गुणवत्ता के स्तर पर तकनीकी और नीतिगत हस्तक्षेपों के प्रभाव का आकलन करने के लिए, पहचाने गए तकनीकी विशेषज्ञों की मदद से भविष्य में एक मिडटर्म राष्ट्रव्यापी समीक्षा की जा सकती है और यदि आवश्यक हो, तो लक्ष्य को अद्यतन किया जा सकता है।

स्वच्छ वायु कार्यक्रम (National Clean Air Programme NCAP)

  • यह भारत में वायु-प्रदूषण के संबंध में राष्ट्रीय ढाचें का निर्माण करके, समयबद्ध तरीके से काम करने का सबसे पहला प्रयास है जिसे केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रलय द्वारा वर्ष 2019 में शुरू किया गया था।
  • हालांकि ध्यान देने योग्य बात यह है कि इस कार्यक्रम को Environment Protection Act या किसी अन्य कानून द्वारा संरक्षित नहीं किया गया है।

NCAP का उद्देश्य

  • वर्ष 2024 तक वायुमंडल में कम से कम 20% लघु तथा सूक्ष्म कणों की मात्र को कम करना।
  • साथ ही राष्ट्रीय वायु गुणवत्ता निगरानी नेटवर्क का विस्तार करना।
  • इसके अलावा वायु प्रदूषण प्रबंधन के लिए क्षमता का निर्माण करना तथा इसके खतरों के बारे में सार्वजनिक जागरूकता बढ़ाना।
  • एनसीएपी का उद्देश्य वायु प्रदूषण की रोकथाम, प्रबंधन और नियंत्रण के लिए एक व्यवहार्य योजना बनाना भी है।