यूपीएससी और राज्य पीसीएस परीक्षा के लिए ब्रेन बूस्टर (विषय: भारत-यूरोपीय संघ के नेताओं के बीच बैठक (India-EU Leaders Meeting)

यूपीएससी और राज्य पीसीएस परीक्षा के लिए ब्रेन बूस्टर (Brain Booster for UPSC & State PCS Examination)


यूपीएससी और राज्य पीसीएस परीक्षा के लिए करेंट अफेयर्स ब्रेन बूस्टर (Current Affairs Brain Booster for UPSC & State PCS Examination)


विषय (Topic): भारत-यूरोपीय संघ के नेताओं के बीच बैठक (India-EU Leaders Meeting)

भारत-यूरोपीय संघ के नेताओं के बीच बैठक (India-EU Leaders Meeting)

चर्चा में क्यों?

  • हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत-यूरोपीय संघ के राष्ट्राध्यक्षों और शासनाध्यक्षों के साथ शिखर बैठक की। यह प्रथम अवसर है जब यूरोपीय संघ ने भारत के साथ यूरोपीय संघ + 27 प्रारूप में एक बैठक की मेजबानी की है।

प्रमुख बिन्दु

  • भारत-यूरोपीय संघ रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत बनाने के साथ साथ तीन प्रमुख विषयगत क्षेत्रों
  1. विदेश नीति और सुरक्षा
  2. कोविड-19, जलवायु और पर्यावरण तथा
  3. व्यापार, संपर्क और प्रौद्योगिकी पर विचार-विमर्श किया गया।
  • सभी नेताओं ने कोविड-19 महामारी से मुकाबला और आर्थिक सुधारों की दिशा में कार्य करने, जलवायु परिवर्तन से निपटने और बहुपक्षीय संस्थानों में सुधार लाने में निकट सहयोग करने पर भी विचार-विमर्श किया। भारत ने दूसरी कोविड लहर का मुकाबला करने के लिए यूरोपीय संघ और उसके सदस्य देशों द्वारा प्रदान की गई त्वरित सहायता की सराहना की।
  • इस बैठक का एक प्रमुख परिणाम दोनों पक्षों को आर्थिक साझेदारी की पूर्ण क्षमता का अनुभव कराने में सक्षम बनाना है। भारत और यूरोपीय संघ ने डब्ल्यूटीओ मुद्दों, विनियामक सहयोग, बाजार पहुंच मुद्दों और आपूर्ति श्रृंखला में लचीलापन अपनाने पर समर्पित संवादों की घोषणा की, जो आर्थिक संबंधों को और मजबूत और भविष्य में और परिपुष्ट बनाने की इच्छा को प्रदर्शित करते हैं।
  • भारत और यूरोपीय संघ ने डिजिटल, ऊर्जा, परिवहन और लोगों से लोगों के बीच संपर्क बढ़ाने पर केंद्रित एक महत्वाकांक्षी और व्यापक संपर्क साझेदारी का भी शुभारंभ किया। यह साझेदारी सामाजिक, आर्थिक, राजकोषीय, जलवायु और पर्यावरणीय स्थिरता एवं अंतर्राष्ट्रीय कानून और प्रतिबद्धताओं के सम्मान के साझा सिद्धांतों पर आधारित है। यह साझेदारी संपर्क परियोजनाओं के लिए निजी और सार्वजनिक वित्तपोषण को प्रोत्साहन देगी। यह भारत-प्रशांत सहित अन्य देशों में संपर्क पहल का समर्थन करने के लिए नए संबंधों को बढ़ावा देगी।

भारत और यूरोपीय संघ के बीच जलवायु मुद्दे को लेकर बातचीत

  • भारत और यूरोपीय संघ के नेताओं ने पेरिस समझौते के लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए अपनी प्रतिबद्धता को दोहराया और जलवायु परिवर्तन के प्रभावों के शमन, अनुकूलन और लचीलेपन के संयुक्त प्रयासों को और दृढ़ बनाने के साथ-साथ सीओपी 26 के संदर्भ में वित्तपोषण सहित कार्यान्वयन के साधन प्रदान करने पर सहमति व्यक्त की।
  • भारत ने सीडीआरआई में शामिल होने के यूरोपीय संघ के फैसले का स्वागत किया। भारत और यूरोपीय संघ ने डिजिटल और उभरती प्रौद्योगिकियों जैसे 5जी, एआई, क्वांटम और हाई-परफॉर्मेंस कंप्यूटिंग पर द्विपक्षीय सहयोग बढ़ाने के लिए भी सहमति व्यक्त की, जिसमें एआई और डिजिटल निवेश फोरम पर संयुक्त कार्यबल का प्रारंभिक परिचालन शामिल है। पेरिस समझौते के लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए अपनी प्रतिबद्धता को दोहराया।

क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर बातचीत

  • सभी नेताओं ने आतंकवाद, साइबर सुरक्षा और समुद्री सहयोग जैसे क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर बढ़ती सांमजस्यता पर संतोष व्यक्त किया।
  • वैश्विक नेताओं ने एक स्वतंत्र, मुत्तफ़, समावेशी और नियम-आधारित भारत-प्रशांत के महत्व को स्वीकार किया और इस क्षेत्र में भारत की इंडो-पैसिफिक महासागर पहल और इंडो-पैसिफिक पर यूरोपीय संघ की नई रणनीति के संदर्भ में निकटता से जुड़ने पर भी सहमति जताई।

भारत के लिए यूरोपीय संघ का महत्व

  • यूरोपीय संघ, भारत के लिये सामरिक रूप से महत्वपूर्ण समूह है और यह 2018 में भारत का सबसे बड़ा कारोबारी सहयोगी रहा है।
  • यूरोपीय संघ के साथ भारत का द्विपक्षीय कारोबार वर्ष 2018-19 में 115.6 अरब डॉलर का था, जिसमें निर्यात 57.17 अरब डॉलर तथा आयात 58.42 अरब डॉलर का रहा।
  • बैठक में भारत और यूरोपीय संघ ने संतुलित, महत्वाकांक्षी एवं समग्र कारोबार समझौते और ‘स्टैंड-अलोन’ निवेश संरक्षण समझौता पर बातचीत शुरू करने पर सहमति जताई।