संदर्भ:
हाल ही में दिल्ली के निकट स्थित ओखला पक्षी अभयारण्य में एक दुर्लभ सफेद सारस (White Stork) देखा गया, जिसने पक्षी प्रेमियों, प्रकृतिविदों और वन्यजीव फोटोग्राफरों का ध्यान आकर्षित किया है।
सफेद सारस (Ciconia ciconia) के बारे में:
सफेद सारस एक बड़ा जल में विचरण करने वाला पक्षी है, जो सिकोनीडी (Ciconiidae) परिवार से संबंधित है। इसकी पहचान इसके विशिष्ट सफेद पंखों, काले पंखों एवं कंधे के हिस्सों, लंबी लाल चोंच और लाल पैरों से होती है। इसकी ऊँचाई लगभग 95–110 सेंटीमीटर तथा पंखों का फैलाव 183–217 सेंटीमीटर तक होता है। नर और मादा देखने में एक जैसे होते हैं, हालाँकि नर सामान्यतः आकार में बड़े होते हैं। यह पक्षी 40 वर्ष तक जीवित रह सकता है।
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- आवास एवं वितरण: सफेद सारस यूरोप, एशिया माइनर, उत्तरी अफ्रीका और मध्य पूर्व के क्षेत्रों में पाया जाता है। सर्दियों के दौरान यह उष्णकटिबंधीय अफ्रीका, मध्य पूर्व के कुछ हिस्सों और भारतीय उपमहाद्वीप की ओर प्रवास करता है। यह घास के मैदानों, कृषि क्षेत्रों, चरागाहों, स्टेपी क्षेत्रों, सवाना और उथले आर्द्रभूमि क्षेत्रों में निवास करता है। यह सामान्यतः घनी लंबी घास और झाड़ियों वाले क्षेत्रों से दूर रहता है।
- खाद्य आदतें एवं व्यवहार: सफेद सारस मुख्य रूप से उथले जल और कृषि क्षेत्रों में पाए जाने वाले छोटे जीवों को भोजन के रूप में ग्रहण करता है। इसके आहार में छोटे जलीय और स्थलीय जीव शामिल होते हैं। यह सामान्यतः समूहों में रहने वाला और गैर-क्षेत्रीय पक्षी है। यह अक्सर भोजन और विश्राम के लिए उपयुक्त आवासों में समूहों में एकत्रित होता है।
- संरक्षण स्थिति: IUCN की रेड लिस्ट में सफेद सारस को ‘कम चिंताजनक’ (Least Concern-LC) श्रेणी में वर्गीकृत किया गया है। हालाँकि, प्रवासी पक्षियों की आबादी को बनाए रखने के लिए आर्द्रभूमियों और उपयुक्त भोजन स्थलों का संरक्षण महत्त्वपूर्ण है।
- आवास एवं वितरण: सफेद सारस यूरोप, एशिया माइनर, उत्तरी अफ्रीका और मध्य पूर्व के क्षेत्रों में पाया जाता है। सर्दियों के दौरान यह उष्णकटिबंधीय अफ्रीका, मध्य पूर्व के कुछ हिस्सों और भारतीय उपमहाद्वीप की ओर प्रवास करता है। यह घास के मैदानों, कृषि क्षेत्रों, चरागाहों, स्टेपी क्षेत्रों, सवाना और उथले आर्द्रभूमि क्षेत्रों में निवास करता है। यह सामान्यतः घनी लंबी घास और झाड़ियों वाले क्षेत्रों से दूर रहता है।
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ओखला पक्षी अभयारण्य के बारे में:
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- ओखला पक्षी अभयारण्य उत्तर प्रदेश के गौतम बुद्ध नगर जिले में नोएडा के प्रवेश द्वार पर स्थित है। यह उस स्थान पर स्थित है, जहाँ यमुना नदी दिल्ली के राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCT) से निकलकर उत्तर प्रदेश में प्रवेश करती है। लगभग 4 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैले इस अभयारण्य की प्रमुख विशेषता नदी पर बाँध बनाकर निर्मित एक बड़ी झील है।
- बर्डलाइफ इंटरनेशनल (BirdLife International) द्वारा इस अभयारण्य को एक महत्त्वपूर्ण पक्षी एवं जैव विविधता क्षेत्र (Important Bird and Biodiversity Area-IBA) के रूप में मान्यता दी गई है। इसका आर्द्रभूमि पारिस्थितिकी तंत्र स्थानीय और प्रवासी पक्षियों को आवास प्रदान करता है।
- ओखला पक्षी अभयारण्य उत्तर प्रदेश के गौतम बुद्ध नगर जिले में नोएडा के प्रवेश द्वार पर स्थित है। यह उस स्थान पर स्थित है, जहाँ यमुना नदी दिल्ली के राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCT) से निकलकर उत्तर प्रदेश में प्रवेश करती है। लगभग 4 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैले इस अभयारण्य की प्रमुख विशेषता नदी पर बाँध बनाकर निर्मित एक बड़ी झील है।
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निष्कर्ष:
ओखला पक्षी अभयारण्य में सफेद सारस का देखा जाना प्रवासी पक्षियों के महत्त्वपूर्ण आवास के रूप में यमुना की आर्द्रभूमियों के पारिस्थितिक महत्त्व को रेखांकित करता है। भारत की जैव विविधता की रक्षा और पारिस्थितिक संतुलन बनाए रखने के लिए प्रदूषण नियंत्रण, आवास पुनर्स्थापन तथा सतत प्रबंधन के माध्यम से आर्द्रभूमियों का संरक्षण आवश्यक है।
