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Blog / 12 Mar 2026

लेबनान में श्वेत फॉस्फोरस का उपयोग

लेबनान में श्वेत फॉस्फोरस का उपयोग

संदर्भ:

हाल ही में ह्यूमन राइट्स वॉच (HRW) ने आरोप लगाया है कि इज़राइल ने दक्षिणी लेबनान में सैन्य अभियानों के दौरान श्वेत फॉस्फोरस वाले हथियारों का इस्तेमाल किया।

घटना की पृष्ठभूमि:

      • ये आरोप उस समय सामने आए जब इज़राइल और हिज़्बुल्लाह के बीच तनाव लगातार बढ़ रहा है। दोनों पक्ष लंबे समय से इज़राइल-लेबनान सीमा पर कई बार टकरा चुके हैं।
      • 3 मार्च 2026 को ह्यूमन राइट्स वॉच (HRW) ने बताया कि इज़राइली बलों ने योहमोर (Yohmor) नामक क्षेत्र के रिहायशी इलाकों में हवा में फटने वाले श्वेत फॉस्फोरस के गोले दागे। इसके कारण घरों और वाहनों में आग लग गई।
      • ह्यूमन राइट्स वॉच के अनुसार, उन्होंने कई तस्वीरों की पुष्टि की है जिनमें इन गोला-बारूद के इस्तेमाल के संकेत दिखाई देते हैं। साथ ही आपातकालीन सेवाओं के कर्मियों को प्रभावित इलाकों में लगी आग बुझाते हुए देखा गया।
      • इस संघर्ष के कारण पहले से ही गंभीर मानवीय स्थिति पैदा हो चुकी है। दक्षिणी लेबनान में इज़राइल और हिज़्बुल्लाह के बीच बढ़ती लड़ाई में सैकड़ों लोगों की मौत हुई और बड़ी संख्या में नागरिक विस्थापित हुए हैं।

Use White Phosphorus in Lebanon

श्वेत फॉस्फोरस के बारे में:

      • श्वेत फॉस्फोरस एक रासायनिक पदार्थ है जो ऑक्सीजन के संपर्क में आते ही जल उठता है और अत्यधिक गर्मी व घना धुआँ पैदा करता है।
      • सेना में इसके प्रमुख उपयोग हैं:
        • सैनिकों की गतिविधियों को छिपाने के लिए धुएँ की दीवार बनाना
        • रात के समय युद्धक्षेत्र को रोशन करना
        • तोपखाने के लिए लक्ष्यों को चिन्हित करना
      • लेकिन श्वेत फॉस्फोरस एक ज्वलनशील हथियार की तरह भी काम कर सकता है। यदि यह मानव त्वचा के संपर्क में आए तो यह गंभीर जलन, सांस लेने में कठिनाई, अंगों को नुकसान और यहाँ तक कि मृत्यु का कारण बन सकता है। इसी कारण नागरिक क्षेत्रों में इसके इस्तेमाल को लेकर गंभीर विवाद रहता है।

अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत स्थिति:

      • श्वेत फॉस्फोरस स्वयं अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत पूरी तरह प्रतिबंधित नहीं है। इसका उपयोग धुआँ पैदा करने या रोशनी देने जैसे वैध सैन्य उद्देश्यों के लिए किया जा सकता है।
      • हालांकि, अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून आबादी वाले क्षेत्रों में इसके उपयोग को सीमित करता है। संयुक्त राष्ट्र पारंपरिक हथियार सम्मेलन (सीसीडब्ल्यू)) के प्रोटोकॉल-III के अनुसार नागरिकों के बीच स्थित सैन्य लक्ष्यों पर ज्वलनशील हथियारों का उपयोग प्रतिबंधित है।
      • ह्यूमन राइट्स वॉच का कहना है कि आवासीय क्षेत्रों में श्वेत फॉस्फोरस के गोले दागना इन कानूनी नियमों का उल्लंघन हो सकता है, क्योंकि इस हथियार के अनियंत्रित प्रभाव से नागरिक और उनकी संपत्ति जोखिम में पड़ती है।

मानवीय चिंताएँ:

      • मानवाधिकार संगठनों के अनुसार श्वेत फॉस्फोरस का उपयोग गंभीर मानवीय संकट पैदा कर सकता है:
        • गहरी और गंभीर रासायनिक जलन, जिनका इलाज कठिन होता है।
        • जहरीले धुएँ से सांस संबंधी चोटें
        • लंबे समय तक पर्यावरण को नुकसान और आग लगने का खतरा
      • नागरिक क्षेत्रों में ऐसे हथियारों के इस्तेमाल से युद्ध के दो महत्वपूर्ण सिद्धांत “भेद (distinction) और अनुपातिकता (proportionality)” के पालन पर गंभीर सवाल उठते हैं।

निष्कर्ष:

ह्यूमन राइट्स वॉच द्वारा इज़राइल पर लेबनान में श्वेत फॉस्फोरस के इस्तेमाल के आरोप आधुनिक युद्ध, अंतरराष्ट्रीय कानून और मानवीय सुरक्षा के बीच जटिल संबंध को उजागर करते हैं। हालाँकि श्वेत फॉस्फोरस के कुछ वैध सैन्य उपयोग हैं, लेकिन आबादी वाले क्षेत्रों में इसका इस्तेमाल नागरिकों के लिए गंभीर खतरा पैदा कर सकता है और अंतरराष्ट्रीय मानकों का उल्लंघन भी हो सकता है। यह विवाद आधुनिक संघर्षों में अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून के कड़ाई से पालन और जवाबदेही सुनिश्चित करने की आवश्यकता को रेखांकित करता है।