संदर्भ:
हाल ही में, पश्चिम बंगाल सरकार और राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण (National Health Authority) के बीच एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर के बाद राज्य अंततः प्रमुख स्वास्थ्य बीमा योजना आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (AB-PMJAY) में शामिल हो गया है।
आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के बारे में:
आयुष्मान भारत, जिसे वर्ष 2018 में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के अंतर्गत शुरू किया गया था, भारत की प्रमुख पहल है जिसका उद्देश्य राष्ट्रीय स्वास्थ्य नीति 2017 तथा सतत विकास लक्ष्य 3 (अच्छा स्वास्थ्य और कल्याण) के अनुरूप सार्वभौमिक स्वास्थ्य कवरेज (Universal Health Coverage) प्राप्त करना है। यह “देखभाल की निरंतरता” (Continuum of Care) के दृष्टिकोण पर आधारित है और इसके चार एकीकृत स्तंभ हैं।
आयुष्मान आरोग्य मंदिर (AAM):
यह प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करता है, जिसके अंतर्गत उप-स्वास्थ्य केंद्रों और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों को स्वास्थ्य एवं कल्याण केंद्रों में उन्नत किया जाता है। इसमें निःशुल्क दवाएँ, जाँच, मातृ स्वास्थ्य सेवाएँ तथा मधुमेह, उच्च रक्तचाप और कैंसर जैसी गैर-संचारी बीमारियों की जाँच शामिल है।
एबी-पीएमजेएवाई बीमा घटक:
यह योजना प्रति परिवार प्रति वर्ष ₹5 लाख तक का कैशलेस और पेपरलेस स्वास्थ्य कवरेज प्रदान करती है। इसमें द्वितीयक और तृतीयक स्तर की अस्पताल सेवाएँ शामिल हैं। यह पहले से मौजूद बीमारियों को भी कवर करती है तथा परिवार के आकार, आयु या लिंग पर कोई प्रतिबंध नहीं है। यह सुविधा पूरे भारत में पोर्टेबल है।
प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत स्वास्थ्य अवसंरचना मिशन:
प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत स्वास्थ्य अवसंरचना मिशन (PM-ABHIM) सार्वजनिक स्वास्थ्य ढांचे, डायग्नोस्टिक नेटवर्क और महामारी तैयारी को मजबूत करने पर केंद्रित है।
आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन (ABDM):
यह डिजिटल स्वास्थ्य पारिस्थितिकी तंत्र विकसित करता है, जिसके अंतर्गत एक यूनिक हेल्थ अकाउंट आईडी के माध्यम से सुरक्षित मेडिकल रिकॉर्ड संग्रह और आदान-प्रदान संभव होता है।
पश्चिम बंगाल के शामिल होने की प्रमुख विशेषताएँ:
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- पश्चिम बंगाल AB-PMJAY में शामिल होने वाला अंतिम राज्य बना, जिससे योजना का राष्ट्रीय कवरेज पूरा हुआ।
- राज्य के लगभग 1.43 करोड़ परिवारों को लाभ मिलने की संभावना है।
- इसमें 1.24 करोड़ गरीब परिवार, 70 वर्ष से अधिक आयु के 15.95 लाख वरिष्ठ नागरिक, और 3 लाख से अधिक फ्रंटलाइन कर्मी शामिल हैं।
- केंद्र सरकार द्वारा प्रारंभिक सहायता के रूप में ₹976 करोड़ जारी किए गए हैं।
- प्रवासी श्रमिकों को अब पूरे देश में स्वास्थ्य सेवाओं की पोर्टेबिलिटी का लाभ मिलेगा।
- पश्चिम बंगाल AB-PMJAY में शामिल होने वाला अंतिम राज्य बना, जिससे योजना का राष्ट्रीय कवरेज पूरा हुआ।
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वित्तपोषण और कार्यान्वयन:
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- यह योजना केंद्र प्रायोजित (Centrally Sponsored Scheme) है, जिसे राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण और राज्य स्वास्थ्य एजेंसियों द्वारा लागू किया जाता है।
- सामान्य राज्यों के लिए 60:40
- पूर्वोत्तर और हिमालयी राज्यों के लिए 90:10
- केंद्र शासित प्रदेशों के लिए 100% केंद्र सरकार द्वारा वित्तपोषण किया जाता है
- सामान्य राज्यों के लिए 60:40
- यह योजना केंद्र प्रायोजित (Centrally Sponsored Scheme) है, जिसे राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण और राज्य स्वास्थ्य एजेंसियों द्वारा लागू किया जाता है।
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पश्चिम बंगाल के शामिल होने का महत्व:
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- पूरे भारत में सार्वभौमिक स्वास्थ्य कवरेज सुनिश्चित करता है।
- चिकित्सा आपात स्थितियों में व्यक्तिगत व्यय के बोझ को कम करता है।
- प्रवासी श्रमिकों के लिए पोर्टेबिलिटी सुविधा को मजबूत करता है।
- केंद्र और राज्यों के बीच सहकारी संघवाद को बढ़ावा देता है।
- द्वितीयक और तृतीयक स्वास्थ्य सेवाओं तक समान पहुंच सुनिश्चित करता है।
- पूरे भारत में सार्वभौमिक स्वास्थ्य कवरेज सुनिश्चित करता है।
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निष्कर्ष:
पश्चिम बंगाल का इस योजना में शामिल होना भारत की सार्वभौमिक स्वास्थ्य कवरेज की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। यद्यपि आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना ने स्वास्थ्य सेवाओं की वित्तीय बाधाओं को काफी हद तक कम किया है, इसकी दीर्घकालिक सफलता सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रणाली को मजबूत करने, कार्यान्वयन क्षमता सुधारने और सभी क्षेत्रों में समान पहुंच सुनिश्चित करने पर निर्भर करती है।

