संदर्भ:
हाल ही में इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) ने 'इंडिया AI इम्पैक्ट समिट 2026' में VoicERA नामक एक ओपन-सोर्स वॉयस AI स्टैक लॉन्च किया है। इस प्लेटफॉर्म को भारत के राष्ट्रीय भाषा बुनियादी ढांचे, भाषिणी (BHASHINI) पर तैनात किया गया है, जो देश की डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना (DPI) यात्रा में एक महत्वपूर्ण विकास है।
VoicERA क्या है?
● VoicERA (वॉयस एरा) एक एंड-टू-एंड, ओपन-सोर्स वॉयस AI निष्पादन स्टैक है, जिसे जनसंख्या के पैमाने पर बहुभाषी, आवाज-आधारित सेवाएं सक्षम करने के लिए डिज़ाइन किया गया है। एकस्टेप फाउंडेशन , IIIT बेंगलुरु और AI4Bharat जैसे संस्थानों के सहयोग से विकसित यह प्लेटफॉर्म, वॉयस और संवादात्मक AI प्रणालियों के लिए एक राष्ट्रीय निष्पादन परत (Execution Layer) के रूप में कार्य करता है।
यह प्लेटफॉर्म मॉड्यूलर, इंटरऑपरेबल (आपस में जुड़ने योग्य), प्लगेबल, क्लाउड-डिप्लॉयबल और ऑन-प्रिमाइसेस के लिए तैयार है। तकनीकी प्रयासों के दोहराव को कम करके और वेंडर लॉक-इन (किसी एक कंपनी पर निर्भरता) को समाप्त करके, VoicERA सरकारी विभागों, अनुसंधान संस्थानों और स्टार्टअप्स के बीच सुरक्षित और स्केलेबल तैनाती सुनिश्चित करता है।
महत्व और अनुप्रयोग:
● VoicERA 'भाषिणी' की क्षमताओं का विस्तार केवल अनुवाद से आगे बढ़ाकर रीयल-टाइम स्पीच सिस्टम, संवादात्मक AI और बहुभाषी टेलीफोनी तक करता है। यह विभिन्न क्षेत्रों में वॉयस-सक्षम नागरिक सेवाओं को तेजी से जोड़ने में सक्षम बनाता है, जैसे:
● कृषि परामर्श
● शिक्षा सहायता
● आजीविका सेवाएं
● शिकायत निवारण
● योजनाओं की खोज और नागरिक फीडबैक
आवाज को प्राथमिक इंटरफेस बनाकर, VoicERA अंतिम छोर तक समावेशिता को बढ़ाता है, विशेष रूप से उन नागरिकों के लिए जिनकी साक्षरता या डिजिटल पहुंच सीमित है। यह UPI और आधार की तरह डिजिटल पब्लिक गुड्स बनाने के भारत के मॉडल को भाषा और वॉयस AI के क्षेत्र में और मजबूत करता है।
भाषिणी के बारे में:
भाषिणी डिजिटल इंडिया कार्यक्रम के तहत भारत का राष्ट्रीय भाषा बुनियादी ढांचा है। इसका उद्देश्य AI-आधारित अनुवाद और भाषा प्रौद्योगिकियों के माध्यम से डिजिटल सेवाओं तक बहुभाषी पहुंच सक्षम बनाना है। यह पहल विशेष रूप से गैर-अंग्रेजी भाषी नागरिकों के लिए समावेशिता, सुलभता और डिजिटल सशक्तिकरण को बढ़ावा देती है।
निष्कर्ष:
VoicERA का लॉन्च AI-सक्षम शासन के एक नए चरण में भारत के प्रवेश का संकेत है, जहां 'आवाज' नागरिकों और सरकार के बीच सबसे स्वाभाविक इंटरफेस बन जाती है। भाषिणी के भीतर संप्रभु, समावेशी और इंटरऑपरेबल वॉयस AI को शामिल करके, भारत राष्ट्रीय स्तर पर डिजिटल सशक्तिकरण, AI संप्रभुता और न्यायसंगत सार्वजनिक सेवा वितरण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को मजबूत करता है।
