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Blog / 22 Jun 2026

प्रोजेक्ट निंबस: गूगल और अमेज़न का इज़राइल AI प्रोजेक्ट

प्रोजेक्ट निम्बस (Project Nimbus)

संदर्भ:

हाल ही में स्टैनफोर्ड विश्वविद्यालय में दीक्षांत समारोह (Commencement Speech) के दौरान सैकड़ों छात्रों और प्रदर्शनकारियों ने इज़राइल सरकार के साथ गूगल की क्लाउड कंप्यूटिंग और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) संबंधी परियोजना प्रोजेक्ट निम्बस (Project Nimbus) में उसकी भागीदारी का विरोध किया।

प्रोजेक्ट निम्बस के बारे में:

प्रोजेक्ट निम्बस 1.2 बिलियन अमेरिकी डॉलर की एक क्लाउड कंप्यूटिंग परियोजना है, जिसे वर्ष 2021 में इज़राइल सरकार द्वारा शुरू किया गया था और जिसे संयुक्त रूप से गूगल क्लाउड तथा अमेज़न वेब सर्विसेज (AWS) को प्रदान किया गया। इस परियोजना का उद्देश्य इज़राइली सरकारी एजेंसियों को उन्नत क्लाउड अवसंरचना, डेटा भंडारण, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) और मशीन लर्निंग सेवाएँ उपलब्ध कराना है।

मुख्य विशेषताएँ:

      • इज़राइल के भीतर स्थानीय क्लाउड अवसंरचना की स्थापना।
      • कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) और मशीन लर्निंग उपकरणों की उपलब्धता।
      • वित्त, स्वास्थ्य, शिक्षा और परिवहन जैसे सरकारी क्षेत्रों को समर्थन।
      • सरकारी डेटा को इज़राइल के भीतर सुरक्षित रखकर डेटा संप्रभुता को सुदृढ़ करना।

विरोध का कारण:

      • सैन्य उपयोग के आरोप: आलोचकों का तर्क है कि प्रोजेक्ट निम्बस के अंतर्गत प्रदान की जाने वाली क्लाउड और AI सेवाएँ अप्रत्यक्ष रूप से संघर्ष क्षेत्रों में सैन्य अभियानों का समर्थन कर सकती हैं, जिनमें फ़िलिस्तीनी आबादी की निगरानी तथा डेटा-आधारित लक्ष्य निर्धारण (Targeting Systems) जैसी गतिविधियाँ शामिल हैं।
      • मानवाधिकार संबंधी चिंताएँ: छात्र कार्यकर्ताओं और कर्मचारियों का दावा है कि तकनीकी कंपनियाँ ऐसी प्रणालियों को सक्षम बना रही हैं जो इज़राइल-फ़िलिस्तीन संघर्ष में नागरिकों को नुकसान पहुँचाने में योगदान देती हैं। उनका तर्क है कि कॉर्पोरेट अनुबंधों को अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून (International Humanitarian Law) के अनुरूप होना चाहिए।
      • तकनीकी कंपनियों के भीतर असहमति: परियोजना के आरंभ होने के बाद से गूगल और अमेज़न के सैकड़ों कर्मचारियों ने निम्बस परियोजना का विरोध करते हुए याचिकाओं पर हस्ताक्षर किए हैं और इसे अनैतिक बताया है। विरोध प्रदर्शनों में कार्यस्थलों पर धरना, प्रदर्शन तथा आंतरिक सक्रियता अभियान शामिल रहे हैं।
      • गाजा संघर्ष का व्यापक प्रभाव: अक्टूबर 2023 के बाद गाजा में हिंसा बढ़ने के पश्चात प्रोजेक्ट निम्बस के विरोध में और अधिक तीव्रता आई। प्रदर्शनकारियों ने बिग टेक (Big Tech) कंपनियों की अवसंरचना को व्यापक भू-राजनीतिक और मानवीय संकटों से जोड़कर देखा।

कॉर्पोरेट प्रतिक्रिया:

गूगल और अमेज़न का कहना है कि प्रोजेक्ट निम्बस का उद्देश्य स्वास्थ्य सेवाओं, परिवहन और सार्वजनिक प्रशासन जैसी नागरिक सरकारी सेवाओं को समर्थन प्रदान करना है। दोनों कंपनियों ने यह भी स्पष्ट किया है कि यह परियोजना हथियारों या गोपनीय सैन्य अभियानों के लिए डिज़ाइन नहीं की गई है। हालांकि, आलोचकों का प्रश्न है कि तकनीक के तैनात हो जाने के बाद ऐसी आश्वस्तियों को प्रभावी रूप से कैसे लागू किया जा सकता है।

सुशासन और नैतिकता के लिए महत्व:

      • प्रोजेक्ट निम्बस शासन व्यवस्था में कृत्रिम बुद्धिमत्ता और क्लाउड कंप्यूटिंग के उपयोग से जुड़े उभरते नैतिक द्वंद्व को उजागर करता है:
        • AI की द्वैध-उपयोग (Dual-use) प्रकृति (नागरिक बनाम सैन्य अनुप्रयोग)।
        • संघर्ष क्षेत्रों में निजी तकनीकी कंपनियों की जवाबदेही।
        • सरकार और कॉर्पोरेट अनुबंधों में पारदर्शिता की आवश्यकता।
        • डिजिटल अवसंरचना में गोपनीयता और मानवाधिकारों की सुरक्षा।

निष्कर्ष:

प्रोजेक्ट निम्बस के विरुद्ध हो रहे विरोध प्रदर्शन युद्ध और शासन में कृत्रिम बुद्धिमत्ता तथा क्लाउड प्रौद्योगिकियों की नैतिक सीमाओं पर चल रही व्यापक वैश्विक बहस को दर्शाते हैं। जैसे-जैसे AI राज्य की कार्यप्रणालियों में गहराई से समाहित होता जा रहा है, चुनौती यह सुनिश्चित करने की है कि तकनीकी प्रगति मानवाधिकारों, जवाबदेही और अंतरराष्ट्रीय मानवीय मानकों से समझौता न करे।

 

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