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Blog / 10 Apr 2026

राष्ट्रीय क्वांटम मिशन: भारत ने 1000 किलोमीटर का सुरक्षित क्वांटम नेटवर्क बनाया।

राष्ट्रीय क्वांटम मिशन के क्षेत्र में बड़ी उपलब्धि

संदर्भ:

हाल ही में, भारत के राष्ट्रीय क्वांटम मिशन (NQM) ने अपनी शुरुआत के मात्र तीन वर्षों के भीतर 1,000 किलोमीटर लंबा सुरक्षित क्वांटम संचार नेटवर्क सफलतापूर्वक विकसित करके एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। यह उपलब्धि भारत को उभरती हुई क्वांटम प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में एक मजबूत वैश्विक स्थिति में स्थापित करती है।

मुख्य उपलब्धि:

      • NQM ने अपनी निर्धारित समय-सीमा से काफी पहले 1,000 किमी का क्वांटम संचार नेटवर्क प्रदर्शित किया।
      • यह नेटवर्क विश्व के सबसे लंबे सुरक्षित क्वांटम संचार नेटवर्क में से एक माना जाता है।
      • यह भारत की तेजी से बढ़ती वैज्ञानिक और तकनीकी क्षमता को दर्शाता है।

इस उपलब्धि का महत्व:

      • राष्ट्रीय सुरक्षा को मजबूत करना: यह तकनीक अत्यंत सुरक्षित संचार सुनिश्चित करती है:
        • रक्षा (Defence)
        • खुफिया (Intelligence)
        • महत्वपूर्ण सरकारी प्रणालियाँ
      • साइबर सुरक्षा में क्रांति: क्वांटम संचार पारंपरिक एन्क्रिप्शन की तुलना में अधिक सुरक्षित है, जिससे डिजिटल सुरक्षा ढांचा काफी मजबूत होता है।
      • आत्मनिर्भर भारत की ओर कदम: यह उपलब्धि भारत की स्वदेशी तकनीकी क्षमता और डीप-टेक क्षेत्रों में बढ़ती आत्मनिर्भरता को दर्शाती है।
      • वैश्विक नेतृत्व की ओर कदम: इस सफलता के साथ, भारत क्वांटम प्रौद्योगिकी विकास में एक अग्रणी देश के रूप में उभर रहा है।

क्वांटम संचार नेटवर्क के बारे में:

      • यह तकनीक मुख्य रूप से क्वांटम की डिस्ट्रीब्यूशन (Quantum Key Distribution - QKD) पर आधारित है।
      • क्वांटम की डिस्ट्रीब्यूशन (QKD) एक सुरक्षित संचार तकनीक है जो क्वांटम यांत्रिकी के सिद्धांतों का उपयोग करके दो पक्षों के बीच एक साझा गुप्त कोड उत्पन्न करती है।
      • कार्य प्रणाली:
        • यह डेटा को फोटॉन (प्रकाश के कण) के माध्यम से भेजता है।
        • क्वांटम भौतिकी के नो-क्लोनिंग प्रमेय (no-cloning theorem) के अनुसार, किसी अज्ञात क्वांटम अवस्था की पूरी तरह नकल नहीं की जा सकती।
      • अभेद्य सुरक्षा:
        • यदि कोई हैकर संचार को रोकने या मापने की कोशिश करता है, तो फोटॉन की क्वांटम अवस्था तुरंत बदल जाती है।
        • यह तुरंत संचार करने वाले पक्षों को चेतावनी देता है कि छेड़छाड़ हुई है और कुंजी अमान्य हो जाती है।
      • महत्व:
        • पारंपरिक एन्क्रिप्शन गणितीय समस्याओं पर आधारित होता है, जिन्हें भविष्य के क्वांटम कंप्यूटर तोड़ सकते हैं।
        • QKD भौतिकी के नियमों पर आधारित है, इसलिए सिद्धांततः यह लगभग अभेद्य (unbreakable) है।

राष्ट्रीय क्वांटम मिशन के विषय में:

भारत सरकार ने इस मिशन को अप्रैल 2023 में ₹6,003.65 करोड़ के बजट के साथ मंजूरी दी थी, और इसे विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग (DST) द्वारा लागू किया जा रहा है।

चार प्रमुख विषय क्षेत्र:

      • क्वांटम कंप्यूटिंग: 8 वर्षों में 50 से 1,000 क्यूबिट्स वाले मध्यम-स्तरीय क्वांटम कंप्यूटरों का विकास
      • क्वांटम संचार: भारत भर में सुरक्षित स्थलीय और उपग्रह आधारित संचार नेटवर्क की स्थापना
      • क्वांटम सेंसिंग और मेट्रोलॉजी: अत्यंत संवेदनशील सेंसर और परमाणु घड़ियों का विकास
      • क्वांटम सामग्री और उपकरण: क्वांटम सूचना प्रसंस्करण के लिए नए पदार्थों का निर्माण

निष्कर्ष:

1,000 किमी का क्वांटम संचार उपलब्धि केवल एक तकनीकी उपलब्धि नहीं है, बल्कि यह आत्मनिर्भर भारत की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम भी है। यह भविष्य के क्वांटम इंटरनेट की नींव रखता है, जो भारत की डिजिटल संप्रभुता और सुरक्षित संचार अवसंरचना को मजबूत करेगा।