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Blog / 04 May 2026

नवल एंटी-शिप मिसाइल शॉर्ट रेंज (NASM-SR)

नवल एंटी-शिप मिसाइल शॉर्ट रेंज (NASM-SR)

संदर्भ:

हाल ही में भारतीय नौसेना और रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) ने ओडिशा तट के पास नौसेना के हेलीकॉप्टर से नवल एंटी-शिप मिसाइल शॉर्ट रेंज (NASM-SR) का पहली बार सल्वो (एक साथ कई मिसाइलों का प्रक्षेपण) परीक्षण सफलतापूर्वक किया।

NASM-SR के बारे में:

नवल एंटी-शिप मिसाइल शॉर्ट रेंज (NASM-SR) एक उन्नत एयर-लॉन्च्ड एंटी-शिप मिसाइल प्रणाली है, जिसे भारत की नौसैनिक आक्रामक क्षमता को बढ़ाने के लिए विकसित किया गया है।

      • इसका उद्देश्य पुराने विदेशी मूल के मिसाइलों जैसे ब्रिटिश Sea Eagle को बदलना है।
      • यह भारत की पहली स्वदेशी रूप से विकसित हेलीकॉप्टर से प्रक्षेपित एंटी-शिप मिसाइल है।
      • इसे रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) द्वारा रिसर्च सेंटर इमारत (RCI), हैदराबाद सहित अन्य DRDO प्रयोगशालाओं के सहयोग से विकसित किया गया है।
      • यह नौसैनिक स्ट्राइक सिस्टम में आत्मनिर्भरता (self-reliance) को मजबूत करता है।

Naval Anti-Ship Missile Short Range (NASM-SR)

NASM-SR की प्रमुख विशेषताएँ:

      • प्रणोदन प्रणाली
        • ठोस-प्रणोदक इंजन
        • प्रक्षेपण के लिए इजेक्टेबल बूस्टर
        • लंबी उड़ान के लिए लॉन्ग-बर्न सस्टेनर
      • रेंज और उड़ान प्रोफ़ाइल
        • रेंज: लगभग 55 किमी
        • रडार से बचने के लिए सबसोनिक सी-स्किमिंग उड़ान पथ
      • सटीक प्रहार क्षमता
        • जहाज की जलरेखा (waterline) को निशाना बनाने के लिए डिज़ाइन किया गया, जो सबसे कमजोर हिस्सा होता है।
        • अधिकतम जलभराव और संरचनात्मक क्षति पहुंचाता है।
      • मार्गदर्शन और नेविगेशन
        • फाइबर-ऑप्टिक जायरोस्कोप आधारित इनर्शियल नेविगेशन प्रणाली
        • ऊँचाई नियंत्रण के लिए रेडियो अल्टीमीटर
        • अंतिम चरण में सटीक लक्ष्य साधने के लिए उन्नत इमेजिंग इन्फ्रारेड (IIR) सीकर
      • डेटा और नियंत्रण प्रणाली
        • उच्च-बैंडविड्थ दो-तरफा डेटा लिंक
        • लॉन्च के बाद लक्ष्य लॉक करने और उड़ान के दौरान लक्ष्य बदलने की क्षमता
        • उच्च गतिशीलता के लिए इलेक्ट्रो-मैकेनिकल एक्ट्यूएटर और जेट वेन नियंत्रण
      • प्लेटफॉर्म एकीकरण
        • प्रारंभ में Sea King हेलीकॉप्टर से प्रक्षेपण
        • भविष्य में इन प्लेटफॉर्म्स पर एकीकरण की योजना:
          • MH-60R Seahawk
          • HAL ध्रुव (उन्नत हल्का हेलीकॉप्टर) 

NASM-SR का महत्व:

      • भारत की स्वदेशी समुद्री आक्रमण क्षमता को प्रमाणित करता है।
      • एक ही प्लेटफॉर्म से सफल सल्वो फायरिंग का प्रदर्शन करता है।
      • वास्तविक युद्ध स्थितियों में परिचालन तत्परता को बढ़ाता है।
      • Sea Eagle जैसे आयातित सिस्टम पर निर्भरता को कम करता है।
      • DRDO, MSME और स्टार्टअप्स के सहयोग वाले इकोसिस्टम को मजबूत करता है।
      • रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को बढ़ावा देता है।

भारत के लिए रणनीतिक महत्व:

NASM-SR भारत की तटीय रक्षा और नौसैनिक प्रतिरोध क्षमता को काफी मजबूत करता है। इसका सी-स्किमिंग और सटीक प्रहार डिजाइन इसे तटीय क्षेत्रों में दुश्मन के जहाजों के खिलाफ अत्यंत प्रभावी बनाता है, जिससे हिंद महासागर क्षेत्र (IOR) में भारत की समुद्री सुरक्षा को मजबूती मिलती है।

निष्कर्ष:

NASM-SR का सफल परीक्षण भारत की स्वदेशी रक्षा क्षमता में एक बड़ा कदम है। यह उन्नत मिसाइल प्रणालियों में देश की बढ़ती तकनीकी क्षमता को दर्शाता है और समुद्री सुरक्षा ढांचे को मजबूत करते हुए रक्षा उत्पादन में आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को आगे बढ़ाता है।

 

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