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Blog / 27 Aug 2026

मिशन समृद्ध गाँव: ग्रामीण बदलाव, मुख्य विशेषताएँ और योजनाएँ

संदर्भ:

हाल ही में केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री ने नई दिल्ली स्थित कृषि भवन में मिशन समृद्ध गाँव का शुभारंभ किया। इसका प्रायोगिक चरण मध्य प्रदेश के सीहोर जिले के बुधनी विकासखंड और देवास जिले के खातेगाँव विकासखंड में शुरू होगा।

मिशन समृद्ध गाँव क्या है?

      • 'मिशन समृद्ध गाँव' ग्रामीण विकास मंत्रालय (MoRD) के तहत ग्रामीण परिवर्तन और आजीविका के पूर्ण कवरेज के लिए एक एकीकृत ढांचा है। इसका उद्देश्य ऐसे आत्मनिर्भर, गरीबी-मुक्त और आर्थिक रूप से समृद्ध गाँवों का निर्माण करना है, जहाँ प्रत्येक ग्रामीण परिवार के पास स्थायी आजीविका के अवसर तथा मूलभूत सुविधाओं तक पहुँच हो।
      • यह निचले स्तर से ऊपर की ओर तथा परिवार-केंद्रित दृष्टिकोण अपनाता है। इसके अंतर्गत परिवार, ग्राम पंचायत और विकासखंड स्तर पर योजनाएँ तैयार की जाती हैं। ग्राम पंचायतें योजनाओं के अभिसरण और अंतिम छोर तक सेवाओं की पहुँच के लिए प्रमुख केंद्र-बिंदु हैं।

प्रमुख विशेषताएँ:

      • परिवार-स्तरीय संतृप्ति (Family-level saturation): परिवारों की आवश्यकताओं की पहचान करना और पात्र परिवारों को संबंधित योजनाओं से जोड़ना।
      • एकीकृत कृषि: आय के विविधीकरण के लिए फसलों को बागवानी, पशुपालन, मत्स्य पालन, कुक्कुट पालन और मधुमक्खी पालन के साथ जोड़ना।
      • महिला किसान: व्यापक लखपति दीदी रूपरेखा के माध्यम से ऋण, परामर्श सेवाओं और उद्यम के अवसरों को बढ़ावा देना।
      • बुनियादी ढाँचा एवं मूल्य संवर्धन: फसल कटाई के बाद होने वाली क्षति को कम करने के लिए भंडारगृहों, शीत-शृंखलाओं और गाँव-स्तरीय प्रसंस्करण इकाइयों का विकास करना।
      • विभागों के बीच अभिसरण: कृषि, स्वास्थ्य, शिक्षा, कौशल विकास और ग्रामीण विकास कार्यक्रमों के बीच समन्वय स्थापित करना।

ग्रामीण परिवर्तन में सहायक प्रमुख योजनाएँ:

रोजगार एवं आजीविका

      • वीबी-जी राम जी अधिनियम: पात्र ग्रामीण परिवारों को प्रत्येक वित्तीय वर्ष में अधिकतम 125 दिनों का मजदूरी रोजगार प्रदान करता है।
      • डीएवाई-एनआरएलएम: 10 करोड़ से अधिक ग्रामीण परिवारों को स्वयं सहायता समूहों में संगठित किया गया है, जिससे महिलाओं की आजीविका और लखपति दीदियों को सहायता मिल रही है।
      • डीडीयू-जीकेवाई: ग्रामीण गरीब युवाओं को रोजगार से जुड़े कौशल का प्रशिक्षण प्रदान करता है।

बुनियादी ढाँचा एवं डिजिटल शासन

      • पीएमएवाई-जी: इसके अंतर्गत 3.13 करोड़ से अधिक ग्रामीण आवास पूरे किए जा चुके हैं।
      • पीएमजीएसवाई: पात्र ग्रामीण बस्तियों को हर मौसम में उपयोग योग्य सड़क संपर्क प्रदान करता है।
      • भारतनेट एवं ई-ग्रामस्वराज: ग्रामीण व्यापकपट्टी संपर्क और डिजिटल पंचायत शासन को सहायता प्रदान करते हैं। इसके अंतर्गत 2.19 लाख से अधिक ग्राम पंचायतों तक व्यापकपट्टी संपर्क का विस्तार किया गया है।

मूलभूत सेवाएँ एवं सामाजिक संरक्षण

      • जल जीवन मिशन: ग्रामीण नल-जल सुविधा का दायरा 15.91 करोड़ परिवारों को पार कर गया है।
      • प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना: 81.35 करोड़ से अधिक लाभार्थियों को निःशुल्क खाद्यान्न प्रदान करती है।
      • आयुष्मान भारत: ग्रामीण स्वास्थ्य क्षेत्र में 45 करोड़ से अधिक आयुष्मान कार्ड जारी किए जा चुके हैं।
      • स्वच्छ भारत मिशन-ग्रामीण: स्वच्छता, अपशिष्ट प्रबंधन और खुले में शौच से मुक्त स्थिति को बनाए रखने पर ध्यान केंद्रित करता है।

लक्षित विकास

      • पीएम-जनमन: विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूहों के लिए आवश्यक सेवाओं पर ध्यान केंद्रित करता है।
      • पीएम-अजय: आदर्श ग्राम पहलों के माध्यम से अनुसूचित जाति-बहुल गाँवों के विकास को बढ़ावा देता है।

महत्व:

      • यह मिशन ग्रामीण विकास को योजना-केंद्रित से परिवार एवं गाँव-केंद्रित मॉडल की ओर ले जा सकता है। इससे अंतिम छोर तक सेवाओं की पहुँच में सुधार, स्थानीय रोजगार का सृजन, महिलाओं की उद्यमिता को बढ़ावा, कृषि आय का विविधीकरण तथा मजबूरी के कारण होने वाले ग्रामीण-से-शहरी प्रवासन में कमी लाई जा सकती है।
      • यह ग्राम पंचायतों के माध्यम से जमीनी स्तर की योजना-निर्माण प्रक्रिया को भी मजबूत करता है और विकसित भारत @2047 के व्यापक दृष्टिकोण का समर्थन करता है।

निष्कर्ष:

मिशन समृद्ध गाँव का उद्देश्य आत्मनिर्भर और आर्थिक रूप से समृद्ध गाँवों का निर्माण करना है। इसके लिए कल्याणकारी योजनाओं की पहुँच को आजीविका, बुनियादी ढाँचे और जमीनी स्तर की योजना-निर्माण प्रक्रिया के साथ एकीकृत किया जाएगा। इसकी सफलता प्रभावी अभिसरण, सशक्त ग्राम पंचायतों और ग्रामीण समुदायों की सक्रिय भागीदारी पर निर्भर करेगी।

 

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