होम > Blog

Blog / 16 Jun 2026

लॉन्ग रेंज लैंड अटैक क्रूज़ मिसाइल (LRLACM)

संदर्भ:

हाल ही में, रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) ने 15 जून 2026 को ओडिशा स्थित डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम द्वीप से स्वदेशी रूप से विकसित लॉन्ग रेंज लैंड अटैक क्रूज़ मिसाइल (LRLACM) का सफल उड़ान परीक्षण किया।

लॉन्ग रेंज लैंड अटैक क्रूज़ मिसाइल (LRLACM) के बारे में:

LRLACM एक स्वदेशी, सबसोनिक (ध्वनि की गति से कम गति वाली), सतह से प्रक्षेपित क्रूज़ मिसाइल है, जिसे लंबी दूरी पर स्थित उच्च-मूल्य वाले जमीनी लक्ष्यों पर अत्यधिक सटीकता के साथ हमला करने के लिए विकसित किया गया है।

विकासकर्ता:

इसका डिजाइन और विकास बेंगलुरु स्थित एरोनॉटिकल डेवलपमेंट एस्टैब्लिशमेंट (ADE) द्वारा किया गया है, जो DRDO की एक प्रमुख प्रयोगशाला है। इसके विकास में आत्मनिर्भर भारत पहल के अंतर्गत विभिन्न घरेलू उद्योग साझेदारों का महत्वपूर्ण योगदान रहा है।

प्रमुख तकनीकी विनिर्देश

  • मारक क्षमता (Range): अनुमानित 1,000–1,500 किमी
  • गति: सबसोनिक (लगभग मैक 0.8)
  • लंबाई: लगभग 6 मीटर
  • वजन: लगभग 1–1.5 टन
  • वारहेड: 450 किलोग्राम तक का पारंपरिक विस्फोटक पेलोड
  • प्रणोदन प्रणाली: स्वदेशी टर्बोफैन इंजन

प्रमुख विशेषताएँ

  • लंबी दूरी तक सटीक प्रहार करने की क्षमता।
  • कम ऊँचाई पर उड़ान भरने वाली सबसोनिक क्रूज़ मिसाइल।
  • टेरेन-फॉलोइंग (Terrain Following) तथा टेरेन-हगिंग (Terrain Hugging) क्षमता।
  • उन्नत मार्गदर्शन, नेविगेशन एवं नियंत्रण प्रणाली।
  • जड़त्वीय (Inertial) तथा उपग्रह-आधारित नेविगेशन से सुसज्जित।
  • मध्य एवं अंतिम चरण में उच्च सटीकता।
  • शत्रु के रडार एवं वायु रक्षा प्रणालियों से बच निकलने की क्षमता।
  • बहु-प्रक्षेपण प्लेटफॉर्म के अनुकूल मॉड्यूलर डिजाइन।

परीक्षण का महत्व

  • प्रणोदन, मार्गदर्शन, नेविगेशन, नियंत्रण तथा वारहेड डिलीवरी प्रणालियों का सफल सत्यापन।
  • लक्ष्य भेदन एवं मिशन प्रदर्शन का सफल प्रदर्शन।
  • भारत की स्टैंड-ऑफ प्रिसीजन स्ट्राइक क्षमता को मजबूती।
  • संभावित विरोधियों के विरुद्ध प्रतिरोधक क्षमता (Deterrence) में वृद्धि।
  • स्वदेशी रक्षा विनिर्माण एवं तकनीकी आत्मनिर्भरता को बढ़ावा।

सामरिक महत्व

  • उच्च-मूल्य वाले रणनीतिक लक्ष्यों पर गहरे प्रहार (Deep Strike) की क्षमता प्रदान करता है।
  • कम दृश्यता वाले उड़ान मार्गों के कारण इसकी जीवित रहने की संभावना बढ़ती है।
  • नेटवर्क-केंद्रित एवं सटीक युद्ध (Precision Warfare) की आवश्यकताओं का समर्थन।
  • भारत की पारंपरिक एवं सामरिक प्रतिरोधक क्षमता को सुदृढ़ करता है।
  • विदेशी मिसाइल प्रौद्योगिकियों पर निर्भरता को कम करता है।

क्रूज़ मिसाइल और बैलिस्टिक मिसाइल में अंतर

क्रूज़ मिसाइल

बैलिस्टिक मिसाइल

वायुमंडल के भीतर उड़ान भरती है

बैलिस्टिक प्रक्षेप पथ का अनुसरण करती है

अधिकांश उड़ान के दौरान इंजन से संचालित रहती है

केवल प्रारंभिक चरण में संचालित होती है

अत्यधिक सटीक एवं अधिक गतिशील

अधिक गति एवं लंबी दूरी की क्षमता

भू-भाग का अनुसरण करने की क्षमता

अपेक्षाकृत पूर्वानुमेय प्रक्षेप पथ

कम ऊँचाई के कारण पहचानना कठिन

प्रक्षेपण के बाद अपेक्षाकृत आसानी से ट्रैक की जा सकती है

भारत की स्वदेशी क्रूज़ मिसाइलें

  • निर्भय क्रूज़ मिसाइल
  • लॉन्ग रेंज लैंड अटैक क्रूज़ मिसाइल (LRLACM)
  • ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज़ मिसाइल (भारत और रूस द्वारा संयुक्त रूप से विकसित)

निष्कर्ष:

लॉन्ग रेंज लैंड अटैक क्रूज़ मिसाइल (LRLACM) का सफल परीक्षण भारत के स्वदेशी मिसाइल विकास कार्यक्रम की एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। यह भारत की लंबी दूरी की सटीक प्रहार क्षमता को बढ़ाने के साथ-साथ विदेशी तकनीकों पर निर्भरता को कम करता है तथा देश की रक्षा तैयारियों, सामरिक प्रतिरोधक क्षमता और महत्वपूर्ण रक्षा प्रौद्योगिकियों में आत्मनिर्भरता को मजबूत करता है।

 

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

1. LRLACM क्या है?

यह एक लंबी दूरी की, सतह से प्रक्षेपित क्रूज़ मिसाइल है, जो स्वदेशी टर्बोफैन इंजन से संचालित होती है। इसे बहुत कम ऊँचाई पर उड़ान भरकर शत्रु के रडार से बचने तथा 450 किलोग्राम तक के पारंपरिक वारहेड को अत्यधिक सटीकता के साथ लक्ष्य तक पहुँचाने के लिए डिज़ाइन किया गया है।

2. इस मिसाइल की मारक क्षमता कितनी है?

इसकी परिचालन मारक क्षमता लगभग 1,000 किमी है। हालांकि, इसकी मूल तकनीक को भविष्य में अधिक दूरी वाले संस्करणों के विकास हेतु विस्तारित किया जा सकता है।

3. LRLACM का विकास किसने किया है?

इसका डिजाइन एवं विकास बेंगलुरु स्थित एरोनॉटिकल डेवलपमेंट एस्टैब्लिशमेंट (ADE) द्वारा किया गया है, जो DRDO की एक प्रमुख प्रयोगशाला है। इसके विकास में आत्मनिर्भर भारत पहल के अंतर्गत विभिन्न घरेलू उद्योगों का सहयोग रहा है।

4. भारतीय सेना की कौन-कौन सी शाखाएँ इसका उपयोग करेंगी?

इसे भारतीय सशस्त्र बलों की तीनों शाखाओं के उपयोग हेतु विकसित किया गया है-

  • भारतीय थल सेना (Indian Army)
  • भारतीय नौसेना (Indian Navy)
  • भारतीय वायु सेना (Indian Air Force)

5. यह बैलिस्टिक मिसाइल से किस प्रकार भिन्न है?

क्रूज़ मिसाइल:

  • पूरी उड़ान के दौरान वायुमंडल के भीतर रहती है।
  • वायुगतिकीय उत्थापन (Aerodynamic Lift) का उपयोग करती है।
  • पूरी उड़ान के दौरान जेट इंजन से संचालित रहती है।
  • बहुत कम ऊँचाई पर उड़कर शत्रु की पहचान से बच सकती है।

बैलिस्टिक मिसाइल:

  • केवल प्रारंभिक प्रक्षेपण चरण में इंजन से संचालित होती है।
  • चापाकार (Arc-shaped) बैलिस्टिक प्रक्षेप पथ का अनुसरण करती है।
  • वायुमंडल के बाहर तक जा सकती है।
  • अंतिम चरण में गुरुत्वाकर्षण के प्रभाव से लक्ष्य की ओर गिरती है।
Aliganj Gomti Nagar Prayagraj