होम > Blog

Blog / 29 Jan 2026

अंतर्राष्ट्रीय डेटा गोपनीयता दिवस

संदर्भ:

भारत ने व्यक्तिगत डेटा सुरक्षा के बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिए 28 जनवरी को अंतर्राष्ट्रीय डेटा गोपनीयता दिवस मनाया। विश्व की तीसरी सबसे बड़ी डिजिटल अर्थव्यवस्था के रूप में, भारत इस अवसर का उपयोग नागरिक-केंद्रित डेटा गोपनीयता और मजबूत साइबर सुरक्षा उपायों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को उजागर करने के लिए करता है। 

अंतर्राष्ट्रीय डेटा गोपनीयतादिवस के विषय में:

        • डेटा गोपनीयता दिवस, जिसे यूरोप में 'डेटा सुरक्षा दिवस' के रूप में जाना जाता है, एक अंतर्राष्ट्रीय आयोजन है जो प्रतिवर्ष 28 जनवरी को मनाया जाता है।
        • इसका उद्देश्य व्यक्तिगत डेटा सुरक्षा के बारे में जागरूकता बढ़ाना, गोपनीयता के सर्वोत्तम अभ्यासों को बढ़ावा देना और जिम्मेदार डिजिटल व्यवहार को प्रोत्साहित करना है।
        • पहली बार 2007 में 'काउंसिल ऑफ यूरोप' द्वारा मनाया गया था, अब यह संयुक्त राज्य अमेरिका, कनाडा, कतर, नाइजीरिया, इजरायल और 47 यूरोपीय देशों में मनाया जाता है।

International Data Privacy Day and India's evolving digital ecosystem

भारत के डिजिटल फुटप्रिंट:

        • डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर (DPI): आधार, यूपीआई, -संजीवनी और MyGov जैसे प्लेटफॉर्म बड़े पैमाने पर सेवा वितरण और नागरिक भागीदारी को सक्षम बनाते हैं।
        • कनेक्टिविटी और समावेशन: भारत में 101.7 करोड़ ब्रॉडबैंड ग्राहक हैं, मोबाइल डेटा की लागत $0.10 प्रति GB जितनी कम है, और डिजिटल प्लेटफॉर्म भुगतान, स्वास्थ्य सेवा, शिक्षा और शासन में गहराई से समाहित हैं।
        • बजट आवंटन: साइबर सुरक्षा पहलों के लिए ₹782 करोड़ (2025–26) आवंटित किए गए हैं।

भारत में कानूनी और नियामक ढांचा:

        • सूचना प्रौद्योगिकी (IT) अधिनियम, 2000:
          • -गवर्नेंस, डिजिटल कॉमर्स और साइबर सुरक्षा के लिए कानूनी आधार प्रदान करता है।
          • साइबर घटनाओं पर प्रतिक्रिया के लिए CERT-In की स्थापना करता है। 
        • IT (मध्यवर्ती दिशा-निर्देश और डिजिटल मीडिया आचार संहिता) नियम, 2021:
          • इंटरमीडिएरीज द्वारा उचित तत्परता, शिकायत निवारण तंत्र और पारदर्शिता दायित्वों को अनिवार्य बनाता है।
        • डिजिटल व्यक्तिगत डेटा संरक्षण (DPDP) अधिनियम 2023 और DPDP नियम 2025:
          • गोपनीयता, नवाचार और जनहित के बीच संतुलन बनाने वाला एक नागरिक-केंद्रित ढांचा पेश करता है।
          • प्रवर्तन और शिकायत निवारण के लिए भारतीय डेटा संरक्षण बोर्ड (DPBI) की स्थापना करता है।
          • नागरिकों को स्पष्ट अधिकार प्रदान करता है, जिसमें सहमति (Consent), पहुँच, सुधार, विलोपन (Erasure) और बच्चों व विकलांग व्यक्तियों के लिए विशेष सुरक्षा शामिल है। 

भारत में साइबर सुरक्षा उपाय:

        • ​CERT-In: साइबर घटना की रोकथाम और खतरों को कम करना। 
        • भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (I4C) और राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP): साइबर अपराध की रोकथाम, रिपोर्टिंग और जन जागरूकता के लिए राष्ट्रीय समन्वय। 
        • ​CFMC और सहयोग पोर्टल: रीयल-टाइम धोखाधड़ी निगरानी और सामग्री को हटाना ।
        • क्षमता निर्माण: एक कुशल साइबर सुरक्षा कार्यबल विकसित करने के लिए साइट्रैन, साइबर कमांडो प्रोग्राम और CSPAI जैसी पहल।
        • जन जागरूकता: 'साइबर स्वच्छता केंद्र' उपयोगकर्ताओं को टूल, अलर्ट और मालवेयर हटाने के मार्गदर्शन प्रदान करता है।

महत्व:

        • डेटा गोपनीयता डिजिटल शासन में विश्वास पैदा करती है, व्यक्तिगत जानकारी की रक्षा करती है और नैतिक, सुरक्षित व नागरिक-केंद्रित नवाचार सुनिश्चित करती है।
        • डेटा गोपनीयता दिवस का पालन व्यक्तिगत डेटा की सुरक्षा में सरकारों, डिजिटल प्लेटफॉर्मों और नागरिकों की साझा जिम्मेदारी को मजबूत करता है।
        • मजबूत कानूनी और संस्थागत ढांचे यह सुनिश्चित करते हैं कि भारत का डिजिटल परिवर्तन समावेशी, लचीला और भविष्य के लिए तैयार रहे।