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Blog / 21 Jul 2025

इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ क्रिएटिव टेक्नोलॉजीज़ (IICT)

सन्दर्भ:
हाल ही में इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ क्रिएटिव टेक्नोलॉजीज़ (IICT) का पहला कैंपस मुंबई में नेशनल फिल्म डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (NFDC) के परिसर में शुरू किया गया। इस कैंपस का उद्घाटन केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने किया, जो रेलवे, सूचना और प्रसारण, और इलेक्ट्रॉनिक्स व आईटी मंत्रालय का कार्यभार संभालते हैं। उन्होंने देशभर में IICT की स्थापना का विज़न साझा किया, जो IITs और IIMs की तर्ज पर होगा।

भारत का AVGC-XR क्षेत्र:

IICT की स्थापना भारत में तेजी से बढ़ते AVGC-XR (एनीमेशन, विजुअल इफेक्ट्स, गेमिंग, कॉमिक्स और एक्सटेंडेड रियलिटी) क्षेत्र की आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए की गई है।
वैश्विक स्तर पर यह क्षेत्र 2021 में 366 बिलियन डॉलर से अधिक का था।
हालांकि भारत की हिस्सेदारी फिलहाल 1% से कम है, लेकिन आने वाले वर्षों में इसमें जबरदस्त वृद्धि की संभावना है।

उद्योग का अनुमान है कि भारत का AVGC-XR बाज़ार 2030 तक 26 बिलियन डॉलर तक पहुँच सकता है, जिसकी मुख्य वजह है इमर्सिव (डूबाव अनुभव वाले) कंटेंट, इंटरैक्टिव मीडिया और डिजिटल स्टोरीटेलिंग की बढ़ती माँग।

कर्नाटक, जो पहले से ही भारत का आईटी हब माना जाता है, अब AVGC-XR क्षेत्र में भी अग्रणी बनकर उभर रहा है। राज्य सरकार की अनुकूल नीतियाँ और ढाँचागत सुविधाएँ निवेश और प्रतिभा को आकर्षित कर रही हैं।

AVGC-XR क्षेत्र में वृद्धि के मुख्य कारण

1.        OTT उपयोगकर्ताओं में तेजी: 2024 में भारत में लगभग 547 मिलियन OTT यूज़र हैं और 38.4% की पहुँच दर के साथ भारत दुनिया के सबसे तेज़ी से बढ़ते डिजिटल कंटेंट बाज़ारों में से एक है।

2.      स्मार्टफोन और इंटरनेट की पहुँच: 2025 तक भारत में 900 मिलियन से अधिक इंटरनेट उपयोगकर्ता होने की संभावना है, जिनमें ग्रामीण क्षेत्रों की हिस्सेदारी महत्वपूर्ण होगी। इससे स्थानीय और क्षेत्रीय भाषाओं में कंटेंट की माँग बढ़ेगी।

3.      विभिन्न क्षेत्रों में उपयोग: अब AVGC-XR तकनीक सिर्फ मनोरंजन तक सीमित नहीं रही। इसका उपयोग एजुटेक, मेडिकल सिमुलेशन, आर्किटेक्चर, वर्चुअल ट्रेनिंग और सांस्कृतिक धरोहर संरक्षण जैसे क्षेत्रों में भी बढ़ रहा है।

4.     नई तकनीकों का आगमन: ऑगमेंटेड रियलिटी (AR) और वर्चुअल रियलिटी (VR) में निवेश हर साल बढ़ रहा है इसमें निजी क्षेत्र और सरकारी शोध दोनों शामिल हैं।

5.      सहायक आधारभूत ढाँचा: 5G का तेज़ विस्तार, बढ़ता R&D निवेश और राज्य सरकारों की अनुकूल नीतियाँ इस क्षेत्र को वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार कर रही हैं।

IICT के बारे में:

IICT का उद्देश्य है शिक्षा और उद्योग की जरूरतों के बीच की दूरी को पाटना।
अपने पहले वर्ष में यह संस्थान लगभग 300 छात्रों और प्रशिक्षकों को VFX, एनीमेशन, गेमिंग, पोस्ट-प्रोडक्शन और XR तकनीकों में शॉर्ट-टर्म और लॉन्ग-टर्म कोर्स के माध्यम से प्रशिक्षण देगा।
उद्योग से जुड़े कौशल विकास को सुनिश्चित करने के लिए IICT ने Google, Meta, NVIDIA, Microsoft, Apple, Adobe और WPP जैसी वैश्विक कंपनियों के साथ साझेदारी की है ये कंपनियाँ पाठ्यक्रम तैयार करने में मदद कर रही हैं और तकनीकी सहयोग भी दे रही हैं।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी सहयोग शुरू हो चुका है, यॉर्क यूनिवर्सिटी के साथ एक औपचारिक समझौता हुआ है और चार अन्य विश्वविद्यालयों के साथ बातचीत जारी है।

निष्कर्ष:

इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ क्रिएटिव टेक्नोलॉजीज़ (IICT) का शुभारंभ भारत के डिजिटल कंटेंट और क्रिएटिव टेक्नोलॉजी में वैश्विक नेतृत्व की ओर एक रणनीतिक कदम है।

AVGC-XR क्षेत्र अरबों डॉलर के विस्तार की ओर अग्रसर है, और जब सरकार, उद्योग और शैक्षणिक संस्थान मिलकर प्रयास करेंगे, तो भारत केवल एक उपभोक्ता नहीं बल्कि वैश्विक स्तर पर इनोवेटिव और इमर्सिव कंटेंट का निर्माता और निर्यातक बन सकता है।

 

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