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Blog / 17 Mar 2026

भारत ने RAW और RSS पर प्रतिबंध की सिफारिश करने वाली अमेरिकी रिपोर्ट को “पक्षपातपूर्ण” बताया

सन्दर्भ:

हाल ही में भारत ने संयुक्त राज्य अमेरिका के अंतरराष्ट्रीय धार्मिक स्वतंत्रता आयोग (USCIRF) की 2026 की रिपोर्ट को सख्ती से खारिज कर दिया है। इस रिपोर्ट में रिसर्च एंड एनालिसिस विंग (RAW) और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) पर प्रतिबंध लगाने की सिफारिश की गई थी। भारत ने इस रिपोर्ट को पक्षपातपूर्णऔर चयनात्मक लक्ष्यीकरणपर आधारित बताया, साथ ही इसे आंतरिक मामलों में बाहरी हस्तक्षेप के रूप में देखा।

रिपोर्ट के प्रमुख बिंदु:

अमेरिकी संस्था की सिफारिशें:

      • भारत को विशेष चिंता वाले देश” (Country of Particular Concern - CPC) घोषित करना
      • RAW और RSS पर लक्षित प्रतिबंध लगाना

सुझाए गए उपाय:

      • संपत्ति फ्रीज (Asset Freeze)
      • यात्रा प्रतिबंध (Travel Ban)
      • अमेरिकी सहायता को शर्तों से जोड़ना

रिपोर्ट का आधार:

      • धार्मिक स्वतंत्रता के व्यवस्थित उल्लंघन के आरोप
      • अल्पसंख्यकों की स्थिति में गिरावट के दावे
      • अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार मानकों के आधार पर मूल्यांकन

USCIRF के बारे में:

उत्पत्ति (Origin):

      • 1998 के अंतरराष्ट्रीय धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम (IRFA) के तहत स्थापित
      • यह अमेरिकी संघीय सरकार का एक आयोग

संरचना:

      • कुल 9 आयुक्त
      • नियुक्ति द्वारा:
        • अमेरिकी राष्ट्रपति
        • कांग्रेस के दोनों दलों के नेता
      • एक पेशेवर, गैर-पक्षपातपूर्ण स्टाफ द्वारा समर्थित

कार्य:

      • वैश्विक स्तर पर धार्मिक स्वतंत्रता के उल्लंघनों की समीक्षा
      • निम्नलिखित को नीति सुझाव देना:
        • अमेरिकी राष्ट्रपति
        • विदेश मंत्री
        • अमेरिकी कांग्रेस

मुख्य प्रकाशन:

      • वार्षिक रिपोर्ट प्रकाशित करता है, जिसमें:
        • IRFA के कार्यान्वयन का आकलन
        • CPC देशों की पहचान
        • वैश्विक धार्मिक स्वतंत्रता की स्थिति का विश्लेषण
        • नीति संबंधी सुझाव

भारतअमेरिका संबंध:

यह विवाद व्यापक भारत-अमेरिका संबंधों के संदर्भ में देखा जाना चाहिए।

सहयोग के क्षेत्र:

      • इंडो-पैसिफिक में रणनीतिक साझेदारी
      • रक्षा एवं सुरक्षा सहयोग
      • आतंकवाद-रोधी सहयोग (जैसे आतंकियों का प्रत्यर्पण)
      • व्यापार और आर्थिक संबंधों में वृद्धि

तनाव के क्षेत्र:

      • मानवाधिकार और धार्मिक स्वतंत्रता को लेकर अमेरिकी संस्थाओं की टिप्पणियाँ
      • भारत द्वारा आंतरिक मामलों में बाहरी हस्तक्षेप का विरोध
      • समय-समय पर मतभेद:
        • व्यापार नीतियाँ
        • रणनीतिक स्वायत्तता

वर्तमान मुद्दे का प्रभाव:

    • सीमित स्तर पर कूटनीतिक तनाव में वृद्धि
    • राजनीतिक मूल्यों में मतभेद बनाम रणनीतिक सहयोग की समानांतर स्थिति
    • भारत का रुख: ऐसी रिपोर्टें अमेरिकी सरकार की आधिकारिक स्थिति को प्रतिबिंबित नहीं करतीं

निष्कर्ष:

यह विवाद वैश्विक मानवाधिकार संरक्षण और राष्ट्रीय संप्रभुता के बीच संतुलन की जटिलता को दर्शाता है। जहाँ USCIRF जैसी संस्थाएँ जवाबदेही को बढ़ावा देने का प्रयास करती हैं, वहीं उनकी विश्वसनीयता, निष्पक्षता और संतुलित दृष्टिकोण अत्यंत महत्वपूर्ण है जिन पर भारत ने गंभीर प्रश्न उठाए हैं।