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Blog / 21 May 2026

भारत-इटली विशेष रणनीतिक साझेदारी 2026: IMEC, रक्षा और व्यापार

भारत-इटली विशेष रणनीतिक साझेदारी 2026

संदर्भ:

मई 2026 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की रोम (इटली) की आधिकारिक यात्रा के दौरान भारत और इटली ने अपने द्विपक्षीय संबंधों को एक ऐतिहासिक ऊंचाई देते हुए "रणनीतिक साझेदारी" से अपग्रेड करके "विशेष रणनीतिक साझेदारी" (Special Strategic Partnership) का दर्जा दिया है। दोनों देशों के बीच हुई इस बैठक में 'भारत-इटली संयुक्त रणनीतिक कार्ययोजना 2025-29' की समीक्षा की गई और सहयोग के नए आयाम तय किए गए। यह कदम वैश्विक भू-राजनीतिक उथल-पुथल के बीच भारत की यूरोप नीति (विशेषकर फ्रांस और जर्मनी से परे) के विस्तार को दर्शाता है।

महत्वपूर्ण समझौते:

1. रक्षा और सुरक्षा औद्योगिक रोडमैप (Defence & Security)

      • दोनों देशों ने एक व्यापक रक्षा औद्योगिक रोडमैप (Defence Industrial Roadmap) को मंजूरी दी है। इसके तहत रक्षा उपकरणों के केवल क्रय-विक्रय से आगे बढ़कर हेलीकॉप्टर, नौसैनिक प्लेटफॉर्म, समुद्री आयुध और इलेक्ट्रॉनिक युद्ध प्रणालियों का सह-विकास (Co-development) और सह-उत्पादन (Co-production) किया जाएगा।
      • तमिलनाडु रक्षा औद्योगिक कॉरिडोर में इतालवी निवेश को बढ़ावा दिया जाएगा। इसके अतिरिक्त, दोनों देशों के बीच एक नया 'समुद्री सुरक्षा संवाद' (Maritime Security Dialogue) शुरू करने पर सहमति बनी है।

2. आर्थिक सहयोग और व्यापार लक्ष्य (Economic & Trade Linkages)

      • 20 अरब यूरो का लक्ष्य: भारत-ईयू मुक्त व्यापार समझौते (FTA) के वार्ता संदर्भों का लाभ उठाते हुए दोनों देशों ने वर्ष 2029 तक द्विपक्षीय व्यापार को 20 अरब यूरो तक पहुंचाने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा है।
      • भारत में वर्तमान में 400 से अधिक बड़ी इतालवी कंपनियां सक्रिय हैं, जिन्हें 'मेक इन इंडिया' और इटली के 'मेड इन इटली' पहलों के बीच तालमेल बिठाकर और विस्तारित किया जाएगा।

India–Italy Special Strategic Partnership 2026

3. कनेक्टिविटी और भू-रणनीति (Connectivity: IMEC Corridor)

      • दोनों नेताओं ने भारत-मध्य पूर्व-यूरोप आर्थिक गलियारे (IMEC) के प्रति अपनी पूर्ण प्रतिबद्धता दोहराई और वर्ष 2026 में ही इसकी पहली मंत्रिस्तरीय बैठक आयोजित करने पर सहमति जताई।
      • समुद्री परिवहन और बंदरगाह कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए हैं, जो भारत के पश्चिमी तटों को इतालवी बंदरगाहों (जैसे ट्रिएस्ट) से जोड़ेगा।

4. उभरती प्रौद्योगिकियां और महत्वपूर्ण खनिज

      • INNOVIT India Hub: भारत में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), क्वांटम कंप्यूटिंग, सेमीकंडक्टर और फिनटेक स्टार्टअप्स को गति देने के लिए एक समर्पित नवाचार केंद्र स्थापित करने की घोषणा की गई।
      • महत्वपूर्ण खनिज समझौता: टिकाऊ और सुरक्षित वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला (Supply Chain) सुनिश्चित करने के लिए महत्वपूर्ण खनिजों (Critical Minerals) के सह-उत्पादन और ई-कचरे से इनके पुनर्चक्रण (Recycling) के लिए एक रणनीतिक समझौता किया गया।

5. प्रवासन, गतिशीलता और त्रिपक्षीय सहयोग

      • भारतीय नर्सों और कुशल पेशेवरों की कानूनी गतिशीलता को सुगम बनाने के लिए समझौते पर हस्ताक्षर किए गए।
      • अफ्रीका में त्रिपक्षीय सहयोग: भारत के 'डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर' (DPI) और इटली के 'मैटैई प्लान' (Mattei Plan) को मिलाकर अफ्रीका में संयुक्त विकास परियोजनाएं (कृषि और स्वास्थ्य क्षेत्र में) शुरू करने पर सहमति बनी।

रणनीतिक महत्व:

      • भारत-भूमध्यसागरीय दृष्टिकोण (Indo-Mediterranean Vision): इटली भूमध्य सागर के केंद्र में स्थित है। वह हिंद-प्रशांत को 'विस्तारित भूमध्य सागर' के हिस्से के रूप में देखता है। यह दृष्टिकोण भारत के 'समान विचारधारा वाले' लोकतांत्रिक देशों के साथ मिलकर एक मुक्त, सुरक्षित और खुला हिंद-प्रशांत क्षेत्र सुनिश्चित करने के लक्ष्य के अनुकूल है।
      • आतंकवाद विरोधी मोर्चा: भारत के प्रवर्तन निदेशालय (ED) और इटली की 'गार्डिया डी फिनान्ज़ा' के बीच वित्तीय खुफिया जानकारी साझा करने और टेरर फंडिंग नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए संस्थागत ढांचा तैयार किया गया है।
      • यूरोप में नया रणनीतिक साझेदार: ब्रिटेन और फ्रांस के अलावा इटली अब महाद्वीपीय यूरोप में भारत के सबसे भरोसेमंद और बड़े आर्थिक व रक्षा सहयोगी के रूप में उभर रहा है।

आगे की राह:

भारत को उन्नत रक्षा विनिर्माण और सेमीकंडक्टर क्षेत्र में इतालवी तकनीकी विशेषज्ञता का पूरा लाभ उठाना चाहिए। साथ ही, IMEC परियोजना के वित्तीय और लॉजिस्टिक अवरोधों को दूर कर इसे जल्द चालू करना दोनों देशों की वैश्विक रणनीतिक संप्रभुता के लिए लाभकारी साबित होगा।

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