चर्चा में क्यों?
हाल ही में भारत और इंडोनेशिया ने अस्त्र Mk-1 बियॉन्ड विजुअल रेंज एयर-टू-एयर मिसाइल (BVRAAM) के निर्यात के लिए एक महत्वपूर्ण रक्षा समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं। यह भारत द्वारा किसी अन्य देश को स्वदेशी रूप से विकसित एयर-टू-एयर मिसाइल का पहला निर्यात है। इंडोनेशिया अपने सुखोई Su-30 और Su-27 लड़ाकू विमानों में अस्त्र Mk-1 को शामिल करेगा।
अस्त्र Mk-1 के बारे में:
अस्त्र Mk-1 भारत की पहली स्वदेशी रूप से विकसित बियॉन्ड विजुअल रेंज एयर-टू-एयर मिसाइल (BVRAAM) है, जिसे लंबी दूरी पर अत्यधिक गतिशील सुपरसोनिक विमानों को नष्ट करने के लिए विकसित किया गया है।
अस्त्र Mk-1 की प्रमुख विशेषताएँ:
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विशेषता |
विवरण |
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विकासकर्ता |
रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) |
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प्रकार |
बियॉन्ड विजुअल रेंज एयर-टू-एयर मिसाइल (BVRAAM) |
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मारक क्षमता |
80–110 किमी |
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गति |
मैक 4.5 तक |
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वारहेड |
15 किग्रा उच्च-विस्फोटक प्री-फ्रैगमेंटेड वारहेड |
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मार्गदर्शन प्रणाली |
एक्टिव रडार सीकर के साथ फायर-एंड-फॉरगेट प्रणाली और मिड-कोर्स गाइडेंस |
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संचालन क्षमता |
सभी मौसम, दिन और रात में संचालन |
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उपयोगी प्लेटफॉर्म |
Su-30MKI, LCA तेजस और इंडोनेशिया के Su-30/Su-27 लड़ाकू विमान |
अस्त्र मिसाइल के प्रकार:
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संस्करण |
स्थिति |
प्रमुख विशेषताएँ |
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अस्त्र Mk-1 |
परिचालन में |
80–110 किमी रेंज, स्मोकलेस सॉलिड-फ्यूल रॉकेट मोटर; भारतीय वायुसेना के Su-30MKI और LCA तेजस में शामिल |
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अस्त्र Mk-2 |
विकासाधीन |
ड्यूल-पल्स सॉलिड रॉकेट मोटर; 200–240 किमी तक संभावित रेंज |
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अस्त्र Mk-3 (गांडीव) |
विकासाधीन |
सॉलिड फ्यूल डक्टेड रैमजेट (SFDR) तकनीक; 350 किमी से अधिक संभावित रेंज |
बियॉन्ड विजुअल रेंज एयर-टू-एयर मिसाइल (BVRAAM) क्या है?
BVRAAM ऐसी उन्नत एयर-टू-एयर मिसाइलें हैं जो पायलट की दृश्य सीमा से बाहर स्थित दुश्मन के विमानों को निशाना बना सकती हैं। इनकी सामान्य क्षमता 37 किमी (20 नॉटिकल मील) से अधिक होती है।
लाभ:
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- पहला हमला करने की क्षमता प्रदान करती हैं।
- नजदीकी युद्ध से पहले ही दुश्मन के विमानों को नष्ट कर सकती हैं।
- पायलट की सुरक्षा बढ़ाती हैं।
- एक्टिव रडार गाइडेंस और डेटा लिंक के माध्यम से नेटवर्क-केंद्रित युद्ध क्षमता को मजबूत करती हैं।
- पहला हमला करने की क्षमता प्रदान करती हैं।
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निर्यात का महत्व:
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- अस्त्र मिसाइल का निर्यात भारत के रक्षा उद्योग के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।
- स्वदेशी एयर-टू-एयर मिसाइल का पहला निर्यात।
- भारत की विश्वसनीय रक्षा निर्यातक के रूप में स्थिति मजबूत होगी।
- आयातित मिसाइल प्रणालियों पर निर्भरता कम होगी।
- इंडोनेशिया के साथ रणनीतिक साझेदारी मजबूत होगी।
- आत्मनिर्भर भारत और मेक इन इंडिया को बढ़ावा मिलेगा।
- दक्षिण-पूर्व एशिया और अन्य मित्र देशों में रक्षा निर्यात के अवसर बढ़ेंगे।
- अस्त्र मिसाइल का निर्यात भारत के रक्षा उद्योग के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।
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मिसाइल टेक्नोलॉजी कंट्रोल रिजीम (MTCR) के बारे में:
MTCR एक स्वैच्छिक निर्यात नियंत्रण व्यवस्था है, जिसकी स्थापना 1987 में सामूहिक विनाश के हथियारों (WMD) को ले जाने में सक्षम मिसाइलों और मानव रहित प्रणालियों के प्रसार को रोकने के लिए की गई थी।
भारत और MTCR
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- भारत 27 जून 2016 को MTCR का 35वां सदस्य बना।
- इससे भारत की परमाणु अप्रसार संबंधी छवि मजबूत हुई।
- उन्नत मिसाइल तकनीकों तक पहुंच और जिम्मेदार रक्षा निर्यात को बढ़ावा मिला।
- भारत 27 जून 2016 को MTCR का 35वां सदस्य बना।
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भारत का मिसाइल कार्यक्रम:
भारत का आधुनिक मिसाइल कार्यक्रम एकीकृत निर्देशित मिसाइल विकास कार्यक्रम (IGMDP) के साथ 1983 में शुरू हुआ, जिसका नेतृत्व डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम ने किया।
प्रमुख मिसाइल प्रणालियाँ:
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- अग्नि – परमाणु प्रतिरोधक क्षमता के लिए बैलिस्टिक मिसाइल।
- पृथ्वी – सतह से सतह पर मार करने वाली मिसाइल।
- ब्रह्मोस – रूस के साथ विकसित सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल।
- आकाश – सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइल।
- नाग – एंटी-टैंक गाइडेड मिसाइल।
- अस्त्र – बियॉन्ड विजुअल रेंज एयर-टू-एयर मिसाइल।
- अग्नि – परमाणु प्रतिरोधक क्षमता के लिए बैलिस्टिक मिसाइल।
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निष्कर्ष:
इंडोनेशिया को अस्त्र Mk-1 मिसाइल का निर्यात भारत के एक बड़े हथियार आयातक से एक विश्वसनीय रक्षा निर्यातक बनने की यात्रा में महत्वपूर्ण मील का पत्थर है। यह भारत की स्वदेशी रक्षा क्षमता, इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में रणनीतिक साझेदारी और आत्मनिर्भर भारत, तकनीकी आत्मनिर्भरता तथा क्षेत्रीय सुरक्षा सहयोग के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

