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Blog / 12 Jul 2025

फास्ट पेमेंट्स में भारत बना वैश्विक अग्रणी: IMF

सन्दर्भ:

अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) की हालिया रिपोर्ट के अनुसार, भारत दुनिया में सबसे तेज़ डिजिटल भुगतान प्रणाली वाला देश बन गया है, और इसका प्रमुख कारण यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) की व्यापक स्वीकार्यता है। नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) द्वारा विकसित UPI एक ऐसा डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म है, जो मोबाइल उपकरणों के माध्यम से तत्काल बैंक-से-बैंक लेनदेन की सुविधा प्रदान करता है। इस प्रणाली ने भारत में भुगतान के तरीके को पूरी तरह बदल दिया है।

मुख्य निष्कर्ष:

  • IMF की रिपोर्ट में देशभर के आंकड़ों का विश्लेषण करते हुए यह दर्शाया गया है कि UPI जैसे इंटरऑपरेबल पेमेंट सिस्टम्स ने भारत में डिजिटल लेनदेन को अभूतपूर्व गति दी है।
  • वर्तमान में UPI दुनिया का सबसे बड़ा खुदरा फास्ट पेमेंट सिस्टम बन चुका है, जो प्रतिमाह 18 अरब से अधिक लेनदेन को संसाधित करता है। इसकी वजह से डेबिट और क्रेडिट कार्ड का उपयोग घटा है और नकद लेनदेन में भी उल्लेखनीय कमी आई है।
  • रिपोर्ट में यह भी रेखांकित किया गया है कि भारत अब दुनिया में सबसे तेज़ भुगतान प्रणाली अपनाने वाला देश बन गया है और 2016 में UPI की शुरुआत के बाद से नकदी उपयोग के स्तर में लगातार गिरावट देखी गई है।

UPI का भविष्य:

जैसे-जैसे UPI का दायरा और उपयोग बढ़ता जा रहा है, यह भारत की डिजिटल अर्थव्यवस्था का एक केंद्रीय स्तंभ बनता जा रहा है। खुदरा भुगतान के क्षेत्र में इसकी बढ़ती हिस्सेदारी यह संकेत देती है कि आने वाले वर्षों में UPI भारत की भुगतान प्रणाली को दिशा देगा। IMF की रिपोर्ट में यह सिफारिश भी की गई है कि UPI की प्रगति पर सतत निगरानी रखी जाए, और यह सुनिश्चित किया जाए कि इसकी प्रणाली प्रतिस्पर्धी, पारदर्शी और समावेशी बनी रहे।

UPI क्या है?
यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) एक रियल-टाइम डिजिटल भुगतान प्रणाली है, जिसे NPCI ने भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) की निगरानी में विकसित किया है।
यह यूज़र्स को स्मार्टफोन के ज़रिए 24x7 किसी भी समय, छुट्टियों सहित, तुरंत बैंक खातों के बीच पैसा ट्रांसफर करने की सुविधा देता है।
इसकी शुरुआत 2016 में हुई थी और यह भारत की डिजिटल भुगतान क्रांति का मुख्य आधार बन गया है।

 

What is UPI and how does it work?

UPI क्या है?

यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) एक रियल-टाइम डिजिटल भुगतान प्रणाली है, जिसे नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) ने भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) की निगरानी में विकसित किया है।

·        यह प्रणाली उपयोगकर्ताओं को स्मार्टफोन के माध्यम से 24x7 छुट्टियों के दिनों में भी कभी भी और कहीं भी तत्काल बैंक खातों के बीच धन हस्तांतरण की सुविधा प्रदान करती है।

·        वर्ष 2016 में लॉन्च किया गया UPI, भारत की डिजिटल भुगतान क्रांति का एक प्रमुख आधार बन चुका है।

UPI ने भारत के पेमेंट सिस्टम को कैसे बदला:

वर्ष 2023 में, भारत के कुल डिजिटल लेनदेन का 70% हिस्सा UPI के माध्यम से हुआ।
वित्त वर्ष 2024–25 की पहली तिमाही में UPI ने:

    • 201 बिलियन लेनदेन
    • लेनदेन मूल्य: ₹291 ट्रिलियन

वैश्विक मान्यता:

UPI के मॉडल को अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी अपनाया जा रहा है:

यह सिंगापुर, यूएई, फ्रांस, श्रीलंका, भूटान, नेपाल और मॉरीशस में स्वीकार किया जा रहा है।
• NPCI इंटरनेशनल अन्य देशों में भी UPI के विस्तार पर काम कर रहा है।

लोकप्रिय UPI ऐप्स:

• PhonePe
• Google Pay
• Paytm
• Amazon Pay
• BHIM ऐप (NPCI द्वारा विकसित)

निष्कर्ष:
फास्ट पेमेंट्स के क्षेत्र में भारत का वैश्विक नेतृत्व UPI की सफलता और नवाचार का स्पष्ट प्रमाण है। उन्नत तकनीक और व्यापक स्वीकार्यता के साथ, UPI ने देश में भुगतान के तरीके को पूरी तरह बदल दिया है। जैसे-जैसे इसका विस्तार हो रहा है, यह आवश्यक है कि इसके प्रभाव की सतत निगरानी की जाए और यह सुनिश्चित किया जाए कि यह प्रणाली समान रूप से सभी के लिए सुलभ, सुरक्षित और प्रतिस्पर्धात्मक बनी रहे।

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