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Blog / 04 Jun 2026

भारत-ऑस्ट्रेलिया रक्षा संवाद: इंडो-पैसिफिक सहयोग

संदर्भ:
हाल ही में रक्षा मंत्री श्री राजनाथ सिंह और ऑस्ट्रेलिया के उप प्रधानमंत्री एवं रक्षा मंत्री रिचर्ड मार्ल्स ने नई दिल्ली स्थित मानेकशॉ केंद्र में भारत-ऑस्ट्रेलिया रक्षा मंत्रियों के द्वितीय संवाद की सह-अध्यक्षता की।

बैठक के प्रमुख परिणाम:

भारत-ऑस्ट्रेलिया रणनीतिक साझेदारी को सुदृढ़ करना
दोनों देशों ने अपनी समग्र रणनीतिक साझेदारी को पुनः पुष्ट किया, जो लोकतांत्रिक मूल्यों, साझा आर्थिक हितों तथा एक स्वतंत्र, खुला एवं नियम-आधारित हिंद-प्रशांत क्षेत्र की प्रतिबद्धता पर आधारित है। दोनों पक्षों ने रक्षा एवं सुरक्षा सहयोग ढांचे के अंतर्गत सहयोग को और गहरा करने पर सहमति व्यक्त की।

समुद्री सुरक्षा सहयोग
वार्ता का मुख्य केंद्र समुद्री सहयोग रहा। दोनों देशों ने समुद्री गश्ती विमानों के समन्वित उपयोग एवं उन्नत वास्तविक समय सूचना साझाकरण के माध्यम से समुद्री क्षेत्र जागरूकता को बढ़ाने पर सहमति व्यक्त की।

दोनों देशों  अंडरसी डोमेन अवेयरनेस (UDA) को विकसित करने पर भी सहमति जताई, जिससे पनडुब्बियों की पहचान एवं समुद्री निगरानी क्षमताओं में सुधार हो सके। भारतीय तटरक्षक बल तथा ऑस्ट्रेलिया के मैरीटाइम बॉर्डर कमांड के बीच सहयोग को और सुदृढ़ किया जाएगा, साथ ही संयुक्त समुद्री सुरक्षा सहयोग रोडमैप में प्रगति की जाएगी।

इन पहलों का उद्देश्य हिंद महासागर क्षेत्र में सुरक्षा को मजबूत करना तथा महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों (Sea Lines of Communication) की रक्षा सुनिश्चित करना है।

स्वतंत्र, खुला और नियम-आधारित हिंद-प्रशांत के प्रति प्रतिबद्धता
दोनों पक्षों ने स्वतंत्र, खुला, समावेशी और नियम-आधारित हिंद-प्रशांत क्षेत्र के समर्थन को पुनः दोहराया। उन्होंने नौवहन की स्वतंत्रता, आकाश मार्ग की स्वतंत्रता तथा वैध समुद्री व्यापार पर बल दिया तथा अंतरराष्ट्रीय कानून, विशेषकर संयुक्त राष्ट्र समुद्री कानून सम्मेलन (UNCLOS) के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।

भारत और ऑस्ट्रेलिया ने समुद्री स्थिरता बनाए रखने हेतु क्षेत्रीय सहयोग तंत्रों के समर्थन की भी पुष्टि की।

रक्षा औद्योगिक सहयोग एवं उभरती प्रौद्योगिकियाँ
एक प्रमुख उपलब्धि के रूप में दोनों देशों ने रक्षा सामग्री एवं रक्षा सेवाओं पर एक समझौता ज्ञापन (MoU) विकसित करने का निर्णय लिया। इससे संयुक्त रक्षा उत्पादन, प्रौद्योगिकी हस्तांतरण तथा आपूर्ति शृंखला एकीकरण को सुदृढ़ किया जाएगा।

दोनों देशों ने सेंसर प्रणालियों, समुद्री निगरानी उपकरणों तथा रक्षा इलेक्ट्रॉनिक्स जैसी भविष्यगत प्रौद्योगिकियों में सहयोग पर बल दिया। ऑस्ट्रेलिया ने भारत को वर्ष 2026 के रक्षा विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं अनुसंधान शिखर सम्मेलन में आमंत्रित किया, जो बढ़ती नवाचार साझेदारी को दर्शाता है।

क्वाड एवं समुद्री क्षेत्र जागरूकता
दोनों देशों ने क्वाड (Quad) के अंतर्गत सहयोग को पुनः पुष्ट किया। उन्होंने क्वाड समुद्री निगरानी पहल (Quad Maritime Surveillance Initiative) तथा गुरुग्राम स्थित भारत के सूचना संलयन केंद्र-हिंद महासागर क्षेत्र (IFC-IOR) का समर्थन किया, जिसका उद्देश्य एक साझा समुद्री परिचालन चित्र विकसित करना है।

निष्कर्ष:
यह संवाद भारत-ऑस्ट्रेलिया रक्षा संबंधों को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्नत समुद्री निगरानी, रक्षा औद्योगिक सहयोग और तकनीकी साझेदारी के माध्यम से दोनों देश एक सुरक्षित, स्थिर और नियम-आधारित हिंद-प्रशांत क्षेत्र के साझा लक्ष्य को सुदृढ़ कर रहे हैं।

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