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Blog / 10 Feb 2026

भारत ने सेशेल्स के लिए आर्थिक पैकेज घोषित किया

संदर्भ:

सेशेल्स के राष्ट्रपति डॉ. पैट्रिक हर्मिनी हाल ही में 5 से 10 फ़रवरी 2026 तक भारत की आधिकारिक यात्रा पर थे। अक्टूबर 2025 में पदभार ग्रहण करने के बाद यह उनकी पहली भारत यात्रा थी। इस अवसर पर भारत ने सेशेल्स गणराज्य के लिए 175 मिलियन अमेरिकी डॉलर का विशेष आर्थिक पैकेज घोषित किया। इस पैकेज का उद्देश्य सामाजिक आवास, ई-मोबिलिटी, स्वास्थ्य सेवाएँ, व्यावसायिक प्रशिक्षण, रक्षा तथा समुद्री सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों को सहयोग प्रदान करना है। यह पहल सेशेल्स के सामाजिक-आर्थिक विकास के प्रति भारत की दीर्घकालिक प्रतिबद्धता को दर्शाती है और हिंद महासागर क्षेत्र में दोनों देशों के रणनीतिक सहयोग को और मजबूत करती है।

ऐतिहासिक और कूटनीतिक संबंध:

        • भारत और सेशेल्स के बीच संबंध गहरे, पुराने और बहुआयामी रहे हैं। इन संबंधों की पहचान रणनीतिक समुद्री सहयोग, विकास सहायता और मज़बूत जन-जन संपर्क से होती है। भारत, सेशेल्स को अपने सागर” (क्षेत्र में सभी के लिए सुरक्षा और विकास) और महासागरदृष्टिकोण का एक महत्वपूर्ण साझेदार मानता है, जिनका उद्देश्य क्षेत्रीय सुरक्षा, सतत विकास और समुद्री स्थिरता को बढ़ावा देना है।
        • 1976 में सेशेल्स को स्वतंत्रता मिलने के बाद से दोनों देशों के बीच निरंतर द्विपक्षीय कूटनीतिक संबंध बने हुए हैं। दोनों राष्ट्र अपने संबंधों को मित्रता, विश्वास और सहयोग पर आधारित बताते हैं, जबकि सेशेल्स ने भारत को हिंद महासागर क्षेत्र में एक विश्वसनीय और भरोसेमंद साझेदारके रूप में स्वीकार किया है।

समुद्री और रक्षा सहयोग:

        • सेशेल्स की रणनीतिक भौगोलिक स्थिति इसे भारत के समुद्री सुरक्षा हितों के लिए एक अहम साझेदार बनाती है। भारत ने सेशेल्स को उसके विशेष आर्थिक क्षेत्र की सुरक्षा के लिए गश्ती पोत (जैसे पीएस ज़ोरोएस्टर), डोर्नियर विमान तथा तटीय निगरानी रडार उपलब्ध कराए हैं।
        • असम्प्शन द्वीप नौसैनिक परियोजना, यद्यपि सेशेल्स में घरेलू राजनीतिक संवेदनशीलताओं के कारण चर्चा का विषय रही है, फिर भी यह दोनों देशों के बीच संयुक्त समुद्री सहयोग का एक महत्वपूर्ण केंद्र बनी हुई है। 1986 के राजनीतिक संकट के दौरान भारतीय नौसेना की सहायता तथा वर्तमान में जारी समुद्री डकैती-रोधी गश्त इस सहयोग के प्रमुख उदाहरण हैं।

लोगों के बीच संपर्क और सांस्कृतिक संबंध:

        • भारत-सेशेल्स संबंध मज़बूत लोगों के बीच संपर्क से और अधिक सशक्त होते हैं। सेशेल्स की लगभग 11 प्रतिशत आबादी भारतीय मूल की है, जबकि लगभग 82 प्रतिशत लोगों में किसी न किसी रूप में भारतीय विरासत पाई जाती है।
        • भारत का आईटेक (भारतीय तकनीकी एवं आर्थिक सहयोग) कार्यक्रम तकनीकी और व्यावसायिक प्रशिक्षण के माध्यम से मानव संसाधन विकास में योगदान देता है। इसके साथ ही चिकित्सा पर्यटन और सीधी हवाई कनेक्टिविटी सांस्कृतिक तथा आर्थिक आदान-प्रदान को बढ़ावा देती है। ये सभी पहलें रक्षा, विकास और रणनीतिक सहयोग के साथ मिलकर हिंद महासागर क्षेत्र में भारत की समग्र द्विपक्षीय नीति को दर्शाती हैं।

निष्कर्ष:

175 मिलियन अमेरिकी डॉलर का यह आर्थिक पैकेज भारत-सेशेल्स संबंधों में एक नए और महत्वपूर्ण चरण की शुरुआत को दर्शाता है। इसमें आर्थिक विकास, रक्षा सहयोग और तकनीकी सहायता का संतुलित समन्वय शामिल है। यह पहल सागरदृष्टिकोण और पड़ोसी प्रथमनीति सहित भारत की व्यापक रणनीतिक प्राथमिकताओं को प्रतिबिंबित करती है, जिनका लक्ष्य क्षेत्रीय स्थिरता, सतत विकास और क्षमता निर्माण को प्रोत्साहित करना है। इस पैकेज से सेशेल्स में आजीविका के अवसरों में सुधार, आधारभूत संरचना के सुदृढ़ीकरण तथा जन-जन और संस्थागत संपर्कों को गहराई मिलने की उम्मीद है, जिससे हिंद महासागर क्षेत्र में भारत की एक भरोसेमंद और स्थायी साझेदार की भूमिका और अधिक मज़बूत होगी।