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Blog / 11 May 2026

एमआईआरवी तकनीक के साथ भारत का सफल उन्नत अग्नि मिसाइल परीक्षण

एमआईआरवी तकनीक के साथ भारत का सफल उन्नत अग्नि मिसाइल परीक्षण

सन्दर्भ:

हाल ही में, रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) ने डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम द्वीप से एमआईआरवी (मल्टीपल इंडिपेंडेंटली टार्गेटेबल री-एंट्री व्हीकल) तकनीक से लैस उन्नत अग्नि मिसाइल का सफल उड़ान परीक्षण किया। इस मिसाइल ने हिंद महासागर क्षेत्र में विभिन्न लक्ष्यों पर अनेक पेलोड सफलतापूर्वक पहुँचाए।

अग्नि मिसाइल के बारे में:

      • अग्नि मिसाइल श्रृंखला भारत की सामरिक प्रतिरोधक क्षमता (Strategic Deterrence) की रीढ़ मानी जाती है और इसका विकास एकीकृत निर्देशित मिसाइल विकास कार्यक्रम (IGMDP) के अंतर्गत किया गया था। ये बैलिस्टिक मिसाइलें लंबी दूरी तक सटीक प्रहार और परमाणु प्रतिरोधक क्षमता के लिए डिज़ाइन की गई हैं। समय के साथ अग्नि श्रृंखला की मारक क्षमता, सटीकता, गतिशीलता और तकनीकी उन्नति में महत्वपूर्ण सुधार हुआ है।
      • अग्नि-I से अग्नि-IV मिसाइलों की मारक क्षमता 700 किमी से 3,500 किमी तक है तथा ये परमाणु वारहेड ले जाने में सक्षम हैं। नवीनतम अग्नि-5 मिसाइल की मारक क्षमता 5,000 किमी से अधिक है और यह अंतरमहाद्वीपीय प्रहार क्षमता रखती है। इसमें तीन-स्तरीय ठोस ईंधन प्रणोदन प्रणाली और उन्नत नेविगेशन तकनीकों का उपयोग किया गया है।

एमआईआरवी (MIRV) तकनीक क्या है?

      • एमआईआरवी (मल्टीपल इंडिपेंडेंटली टार्गेटेबल री-एंट्री व्हीकल) तकनीक एक ही मिसाइल को कई वारहेड ले जाने की क्षमता देती है, जो अलग-अलग लक्ष्यों पर स्वतंत्र रूप से हमला कर सकते हैं।
      • मिसाइल एक निश्चित ऊँचाई पर पहुँचने के बाद इन वारहेड्स को अलग कर देती है, और फिर वे अपने-अपने लक्ष्यों की ओर बढ़ते हैं। इससे ऐसी मिसाइलों को रोकना बहुत कठिन हो जाता है और उनकी रणनीतिक क्षमता बढ़ जाती है।
      • इस उपलब्धि के साथ भारत उन चुनिंदा देशों में शामिल हो गया है जिनके पास उन्नत मिसाइल तकनीक मौजूद है। एमआईआरवी तकनीक के सफल एकीकरण के साथ भारत उन्नत मिसाइल क्षमता वाले चुनिंदा देशों के समूह में शामिल हो गया है।

उन्नत अग्नि मिसाइल की विशेषताएँ:

      • परीक्षित उन्नत अग्नि मिसाइल की मारक क्षमता 5,000–5,500 किमी से अधिक मानी जाती है, जिससे यह अंतरमहाद्वीपीय बैलिस्टिक मिसाइल (ICBM) श्रेणी में आती है।
      • यह एमआईआरवी क्षमता के माध्यम से कई वारहेड ले जा सकती है और एक साथ विभिन्न सामरिक लक्ष्यों पर प्रहार कर सकती है।
      • रक्षा अनुसंधान एवं विकास प्रयोगशाला (DRDL), अन्य DRDO प्रयोगशालाओं तथा घरेलू उद्योगों के सहयोग से विकसित इस मिसाइल में उन्नत मार्गदर्शन, प्रणोदन, नेविगेशन और री-एंट्री तकनीकों का उपयोग किया गया है, जो सामरिक प्रणालियों में भारत की बढ़ती विशेषज्ञता को दर्शाता है।

India’s Successful Advanced Agni Missile Trial with MIRV Technology

सफल परीक्षण का महत्व:

      • यह सफल परीक्षण भारत की सामरिक प्रतिरोधक क्षमता को महत्वपूर्ण सामरिक मजबूती प्रदान करता है। इससे एक ही मिसाइल द्वारा अनेक लक्ष्यों पर प्रहार संभव होता है, जिससे आक्रमण की दक्षता बढ़ती है।
      • यह सटीक लक्ष्यभेदन, मार्गदर्शन तथा री-एंट्री तकनीक में भारत की प्रगति को भी प्रमाणित करता है, जिससे राष्ट्रीय सुरक्षा और अधिक मजबूत होती है।
      • एमआईआरवी युक्त मिसाइलें कई वारहेड ले जाने में सक्षम होती हैं, जो दुश्मन की रक्षा प्रणालियों को भेद सकती हैं। इससे भारत की द्वितीय प्रहार क्षमता” (Second-Strike Capability) मजबूत होती है।
      • यह विश्वसनीय न्यूनतम प्रतिरोध” (Credible Minimum Deterrence) की नीति को समर्थन देता है और परमाणु परिप्रेक्ष्य में सामरिक स्थिरता को बढ़ाता है।

भारत के लिए सामरिक महत्व:

      • अग्नि मिसाइल के सफल परीक्षण ने भारत की भू-राजनीतिक और सामरिक स्थिति को और सशक्त बनाया है। इसकी विस्तारित मारक क्षमता भारत को एशिया तथा उससे आगे के विशाल भौगोलिक क्षेत्र को कवर करने में सक्षम बनाती है, जिससे प्रतिरोधक क्षमता मजबूत होती है।
      • क्षेत्रीय सुरक्षा चुनौतियों और पड़ोसी देशों के सैन्य आधुनिकीकरण के संदर्भ में ऐसी क्षमताएँ सामरिक संतुलन बनाए रखने के लिए अत्यंत आवश्यक हैं। यह आत्मनिर्भर भारतके दृष्टिकोण को भी बढ़ावा देता है, क्योंकि इससे स्वदेशी रक्षा उत्पादन को प्रोत्साहन मिलता है।
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