गुंटूर नगर निगम को मिला प्रतिष्ठित संयुक्त राष्ट्र 'GEM' पुरस्कार
सन्दर्भ:
हाल ही में, आंध्र प्रदेश के गुंटूर नगर निगम (GMC) ने वियना में संयुक्त राष्ट्र औद्योगिक विकास संगठन (UNIDO) द्वारा प्रस्तुत चौथा जेंडर इक्वैलिटी मोबिलाइजेशन (GEM) पुरस्कार जीतकर वैश्विक स्तर पर अपनी पहचान बनाई है। ऑस्ट्रिया की राजधानी वियना में आयोजित एक समारोह में गुंटूर नगर निगम को यह सम्मान उसके द्वारा किए गए समावेशी और स्थायी विकास कार्यों के लिए दिया गया। यह उपलब्धि सतत विकास लक्ष्यों (SDGs), विशेष रूप से SDG 5 (लैंगिक समानता) और SDG 11 (सतत शहर और समुदाय) के सफल कार्यान्वयन का एक जीवंत उदाहरण पेश करती है।
मुख्य बिंदु:
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- सस्टेनेबल सिटीज इंटीग्रेटेड अप्रोच पायलट (SCIAP): गुंटूर की सफलता का मुख्य आधार 'सस्टेनेबल सिटीज इंटीग्रेटेड अप्रोच पायलट' (SCIAP) परियोजना है। यह परियोजना, वैश्विक पर्यावरण सुविधा (GEF) द्वारा वित्तपोषित है और UNIDO तथा UN-Habitat द्वारा कार्यान्वित की जा रही है।
- उद्देश्य: शहरी नियोजन में स्थिरता को एकीकृत करना और हरित बुनियादी ढांचे में निवेश को बढ़ावा देना।
- पायलट शहर: भारत में इस परियोजना के तहत गुंटूर के साथ भोपाल, जयपुर, मैसूर और विजयवाड़ा को चुना गया है।
- उद्देश्य: शहरी नियोजन में स्थिरता को एकीकृत करना और हरित बुनियादी ढांचे में निवेश को बढ़ावा देना।
- जेंडर-इन्क्लूसिव वेस्ट मैनेजमेंट मॉडल: पुरस्कार का मुख्य कारण GMC का वह मॉडल है जहाँ कचरा प्रबंधन को महिला सशक्तिकरण से जोड़ा गया है।
- ई-ऑटो पहल: निगम ने 200 से अधिक महिलाओं को इलेक्ट्रिक ऑटो चालक के रूप में प्रशिक्षित किया और उन्हें घर-घर से कचरा संग्रहण (Door-to-door collection) के लिए नियुक्त किया।
- औपचारिक रोजगार: इस कार्यक्रम ने अनौपचारिक कचरा बीनने वाली महिलाओं की पहचान की और उन्हें कौशल प्रशिक्षण देकर गरिमापूर्ण एवं औपचारिक रोजगार प्रदान किया।
- ग्रीन इकोनॉमी: डीजल वाहनों के स्थान पर ई-वाहनों का उपयोग करके निगम ने शून्य-उत्सर्जन (Zero-emission) के लक्ष्य की ओर कदम बढ़ाए हैं, जो जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों से निपटने में सहायक है।
- ई-ऑटो पहल: निगम ने 200 से अधिक महिलाओं को इलेक्ट्रिक ऑटो चालक के रूप में प्रशिक्षित किया और उन्हें घर-घर से कचरा संग्रहण (Door-to-door collection) के लिए नियुक्त किया।
- सस्टेनेबल सिटीज इंटीग्रेटेड अप्रोच पायलट (SCIAP): गुंटूर की सफलता का मुख्य आधार 'सस्टेनेबल सिटीज इंटीग्रेटेड अप्रोच पायलट' (SCIAP) परियोजना है। यह परियोजना, वैश्विक पर्यावरण सुविधा (GEF) द्वारा वित्तपोषित है और UNIDO तथा UN-Habitat द्वारा कार्यान्वित की जा रही है।
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UNIDO और भारत:
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- UNIDO: यह संयुक्त राष्ट्र की एक विशेष एजेंसी है जिसका मुख्यालय वियना में है। इसका मिशन समावेशी और सतत औद्योगिक विकास (ISID) को बढ़ावा देना है।
- भारत की भूमिका: भारत UNIDO का संस्थापक सदस्य है और इसके कार्यक्रमों में प्राप्तकर्ता एवं योगदानकर्ता दोनों रूपों में सक्रिय है।
- UNIDO: यह संयुक्त राष्ट्र की एक विशेष एजेंसी है जिसका मुख्यालय वियना में है। इसका मिशन समावेशी और सतत औद्योगिक विकास (ISID) को बढ़ावा देना है।
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निष्कर्ष:
गुंटूर का यह मॉडल 'नीचे से ऊपर' (Bottom-up) दृष्टिकोण का अनुसरण करता है, जहाँ स्थानीय स्तर पर किए गए नवाचारों का वैश्विक प्रभाव पड़ता है। यह दर्शाता है कि कैसे शहरी स्थानीय निकाय (ULBs) आधुनिक तकनीक (EVs) और सामाजिक समावेश को मिलाकर एक 'आत्मनिर्भर' और 'पर्यावरण-अनुकूल' पारिस्थितिकी तंत्र का निर्माण कर सकते हैं।
