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Blog / 15 Jun 2026

ब्राज़ील में डेंगू वैक्सीन की सुरक्षा संबंधी चिंताएँ: भारत की आगामी डेंगीऑल (DengiAll) वैक्सीन के लिए सबक

चर्चा में क्यों:

हाल ही में ब्राज़ील ने अपनी डेंगू वैक्सीन बुटान्टन-डीवी (Butantan-DV) के उपयोग को निलंबित कर दिया है। इसका कारण वैक्सीन लेने वाले कुछ लोगों में गंभीर प्रतिकूल प्रभाव (Serious Adverse Events) सामने आना है, जिनमें दो मौतें तथा एक व्यक्ति का आईसीयू में भर्ती होना शामिल है। इस घटना ने भारत में भी ध्यान आकर्षित किया है क्योंकि डेंगीऑल (DengiAll), जो भारत की स्वदेशी डेंगू वैक्सीन है और जिसे पैनेसिया बायोटेक तथा भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद के सहयोग से विकसित किया जा रहा है, समान तकनीकी प्लेटफॉर्म पर आधारित है।

डेंगीऑल (DengiAll) क्या है?

डेंगीऑल एक टेट्रावैलेंट (Tetravalent) लाइव-एटेनुएटेड डेंगू वैक्सीन है। इसका अर्थ है कि इसमें डेंगू वायरस के चारों सीरोटाइप (Serotypes) के कमजोर (attenuated) रूप शामिल हैं:

      • DENV-1
      • DENV-2
      • DENV-3
      • DENV-4

इस वैक्सीन का उद्देश्य भारत में प्रचलित डेंगू वायरस के सभी प्रमुख प्रकारों के विरुद्ध सुरक्षा प्रदान करना है।

प्रमुख चुनौती: एंटीबॉडी-निर्भर वृद्धि:

डेंगू वैक्सीन के विकास में सबसे बड़ी चिंताओं में से एक एंटीबॉडी-निर्भर वृद्धि (ADE) नामक प्रक्रिया है।

डेंगू संक्रमण में:

      • प्रकार-विशिष्ट एंटीबॉडी (Type-specific antibodies) किसी विशेष सीरोटाइप के विरुद्ध मजबूत सुरक्षा प्रदान करती हैं।
      • क्रॉस-रिएक्टिव एंटीबॉडी (Cross-reactive antibodies) एक से अधिक सीरोटाइप को पहचान सकती हैं।

हालाँकि, जब इन क्रॉस-रिएक्टिव एंटीबॉडी का स्तर समय के साथ कम हो जाता है, तो वे वायरस को निष्क्रिय (neutralize) करने के बजाय उसे प्रतिरक्षा कोशिकाओं (immune cells) में प्रवेश करने में सहायता कर सकती हैं।

इसके परिणामस्वरूप गंभीर डेंगू (Severe Dengue) विकसित हो सकता है। इसी प्रक्रिया को एंटीबॉडी-निर्भर वृद्धि (ADE) कहा जाता है।

ADE को डेंगू वैक्सीन विकास की सबसे महत्वपूर्ण सुरक्षा चुनौतियों में से एक माना जाता है।

भारत की तैयारी:

भारत में डेंगीऑल के फेज-III परीक्षण (Phase-III Trial) में 10,000 से अधिक स्वयंसेवकों को शामिल किया गया है। टीकाकरण के बाद प्रतिभागियों की दो वर्षों तक निगरानी की जा रही है।

विशेषज्ञों ने निम्नलिखित सावधानियाँ अपनाने की सिफारिश की है:

    • चारों डेंगू सीरोटाइप के विरुद्ध उत्पन्न एंटीबॉडी प्रतिक्रियाओं का विस्तृत विश्लेषण।
    • नियामक स्वीकृति (Regulatory Approval) से पहले ADE के जोखिम का सावधानीपूर्वक मूल्यांकन।
    • एक मजबूत पोस्ट-मार्केटिंग फार्माकोविजिलेंस (Pharmacovigilance) प्रणाली का निर्माण।
    • वैक्सीन प्राप्त करने वाले व्यक्तियों की दीर्घकालिक निगरानी, ताकि किसी भी प्रतिकूल प्रभाव (Adverse Events) का समय रहते पता लगाया जा सके।

डेंगू के बारे में:

डेंगू एक मच्छर जनित (Mosquito-borne) वायरल रोग है, जो डेंगू वायरस (Dengue Virus - DENV) के कारण होता है और मुख्य रूप से एडीज़ एजिप्टी (Aedes aegypti) मच्छर द्वारा फैलता है।

कारक जीव (Causative Agent)

      • डेंगू वायरस एक आरएनए (RNA) वायरस है, जो फ्लैविविरिडी (Flaviviridae) परिवार से संबंधित है।

डेंगू वायरस के चार सीरोटाइप (Four Serotypes)

डेंगू वायरस चार अलग-अलग सीरोटाइप में पाया जाता है:

      • DENV-1
      • DENV-2
      • DENV-3
      • DENV-4

वाहक (Vector)

      • डेंगू मुख्य रूप से एडीज़ एजिप्टी (Aedes aegypti) मच्छर द्वारा फैलता है।
      • यह एक दिन में काटने वाला (Daytime-biting) मच्छर है, जो प्रायः सुबह और शाम के समय अधिक सक्रिय रहता है।

निष्कर्ष:

ब्राज़ील का अनुभव यह दर्शाता है कि डेंगू वैक्सीन केवल प्रभावी (effective) ही नहीं, बल्कि दीर्घकालिक रूप से सुरक्षित (safe) भी होनी चाहिए। भारत की डेंगीऑल वैक्सीन डेंगू नियंत्रण की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हो सकती है, लेकिन इसकी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए ADE जैसे जोखिमों का गहन मूल्यांकन और निरंतर निगरानी अत्यंत आवश्यक है।

 

Frequently Asked Question (FAQs):

Q1. डेंगीऑल (DengiAll) क्या है?

उत्तर: डेंगीऑल भारत की स्वदेशी टेट्रावैलेंट (Tetravalent) लाइव-एटेनुएटेड डेंगू वैक्सीन है, जिसे पैनेसिया बायोटेक तथा भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (ICMR) के सहयोग से विकसित किया जा रहा है। इसमें डेंगू वायरस के चारों सीरोटाइप, DENV-1, DENV-2, DENV-3 और DENV-4 के कमजोर वायरस (attenuated) रूप शामिल हैं।

 

Q2. एंटीबॉडी-निर्भर वृद्धि (Antibody-Dependent Enhancement - ADE) क्या है?

उत्तर: ADE एक ऐसी प्रक्रिया है, जिसमें कुछ एंटीबॉडी डेंगू वायरस को निष्क्रिय (neutralize) करने में असफल रहती हैं और इसके बजाय वायरस को प्रतिरक्षा कोशिकाओं (immune cells) में प्रवेश करने में सहायता करती हैं। इससे गंभीर डेंगू संक्रमण होने का खतरा बढ़ सकता है। डेंगू वैक्सीन विकास में इसे सबसे महत्वपूर्ण सुरक्षा संबंधी चिंताओं में से एक माना जाता है।

 

Q3. डेंगू किस कारण होता है और यह कैसे फैलता है?

उत्तर: डेंगू डेंगू वायरस (DENV) के कारण होता है, जो फ्लैविविरिडी (Flaviviridae) परिवार का एक RNA वायरस है। यह मुख्य रूप से संक्रमित एडीज़ एजिप्टी (Aedes aegypti) मच्छर के काटने से फैलता है। यह मच्छर दिन के समय काटने वाला (daytime-biting) मच्छर होता है।

 

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