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Blog / 22 Aug 2026

BRICS पर्यटन मंत्रियों ने जयपुर घोषणा-पत्र अपनाया

संदर्भ:

हाल ही में, भारत की 2026 ब्रिक्स अध्यक्षता के तहत राजस्थान के जयपुर में आयोजित ब्रिक्स पर्यटन मंत्रियों की बैठक का समापन जयपुर घोषणा-पत्र (Jaipur Declaration) को सर्वसम्मति से अपनाने के साथ हुआ। यह घोषणा-पत्र BRICS देशों के बीच पर्यटन सहयोग को मजबूत करने के लिए एक रूपरेखा प्रदान करता है।

विषय:

ब्रिक्स पर्यटन ट्रैक का आयोजनलचीलापन, नवाचार, सहयोग और सततता के लिए निर्माण” (Building for Resilience, Innovation, Cooperation and Sustainability) विषय के तहत किया गया। इस बैठक की अध्यक्षता केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने की।

चार प्रमुख प्राथमिकताएँ:

      • कृत्रिम बुद्धिमत्ता और पर्यटन: घोषणा-पत्र में पर्यटन क्षेत्र में सुरक्षित, जिम्मेदार और मानव-केंद्रित कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) तथा डिजिटल प्रौद्योगिकियों की संभावनाओं को स्वीकार किया गया है। इस क्षेत्र में सहयोग के अंतर्गत पर्यटन नियोजन, गंतव्य प्रबंधन, पर्यटक सेवाएँ, बहुभाषी संचार और यात्रा सुविधा जैसे क्षेत्र शामिल होंगे।
      • सतत और जिम्मेदार पर्यटन: BRICS देश सतत और जिम्मेदार पर्यटन को बढ़ावा देंगे, जो आर्थिक विकास के साथ पर्यावरण संरक्षण और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण के बीच संतुलन स्थापित करता है। इसमें स्थानीय समुदायों की भागीदारी और स्थानीय आजीविका को भी महत्वपूर्ण घटक माना गया है।
      • पर्यटन क्षेत्र में कौशल विकास और क्षमता निर्माण: घोषणा-पत्र में कौशल विकास और क्षमता निर्माण पर जोर दिया गया है, ताकि प्रशिक्षित पर्यटन कार्यबल तैयार किया जा सके और पर्यटन सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार हो।
      • इससे युवाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा करने और स्थानीय पर्यटन अर्थव्यवस्थाओं को मजबूत करने में मदद मिल सकती है।
      • पर्यटन आदान-प्रदान और सुगम यात्रा: इस रूपरेखा का उद्देश्य BRICS देशों के बीच पर्यटकों के आदान-प्रदान को बढ़ाना तथा डिजिटल तकनीकों, बेहतर पर्यटन सेवाओं और अधिक सहयोग के माध्यम से यात्रा को सुगम बनाना है।

भारत के लिए महत्त्व:

      • पर्यटन रोजगार, विदेशी मुद्रा, उद्यमिता और क्षेत्रीय विकास का एक महत्वपूर्ण स्रोत है।
      • भारत, ब्रिक्स देशों के बीच पर्यटन सहयोग का उपयोग अधिक पर्यटकों को आकर्षित करने, सांस्कृतिक कूटनीति को मजबूत करने तथा प्रमुख शहरों से आगे अन्य पर्यटन स्थलों को बढ़ावा देने के लिए कर सकता है।
      • यह पहल विकसित भारत @2047 के दृष्टिकोण का भी समर्थन करती है, क्योंकि इससे होटल, होमस्टे, गाइड, कारीगर, बुनकर, किसान और स्थानीय उद्यमियों के लिए आजीविका के अवसर पैदा किए जा सकते हैं।

ब्रिक्स के बारे में:

      • ब्रिक्स (BRICS) एक अंतर-सरकारी सहयोग मंच है, जो प्रमुख उभरती अर्थव्यवस्थाओं और ग्लोबल साउथ का प्रतिनिधित्व करता है।
      • ‘BRIC’ शब्द का प्रयोग अर्थशास्त्री जिम ओनील ने वर्ष 2001 में किया था। औपचारिक सहयोग की शुरुआत 2006 में हुई, जबकि पहला BRIC शिखर सम्मेलन 2009 में रूस के येकातेरिनबर्ग में आयोजित किया गया।

विस्तार:

      • 2010: दक्षिण अफ्रीका के शामिल होने के बाद BRIC का नाम BRICS हो गया।
      • 2024: मिस्र, इथियोपिया, ईरान और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) समूह में शामिल हुए।
      • 2025: इंडोनेशिया पूर्ण सदस्य बना।

वर्तमान में BRICS के 11 पूर्ण सदस्य हैं।

चुनौतियाँ:

      • पर्यटन सहयोग के सामने वीजा प्रक्रियाओं, कनेक्टिविटी, भाषा, डिजिटल बुनियादी ढाँचे और पर्यटन मानकों में अंतर जैसी चुनौतियाँ हैं।
      • पर्यटन आदान-प्रदान को बढ़ाने के लिए यात्रा प्रक्रियाओं को सरल बनाना और हवाई कनेक्टिविटी में सुधार करना आवश्यक होगा।

निष्कर्ष:

जयपुर घोषणा-पत्र ने AI, सततता, कौशल विकास और सुगम यात्रा पर ध्यान केंद्रित करते हुए BRICS सहयोग के दायरे को पर्यटन क्षेत्र तक विस्तारित किया है।

भारत के लिए यह पहल पर्यटन आधारित रोजगार, क्षेत्रीय विकास और सांस्कृतिक कूटनीति को मजबूत करने में सहायक हो सकती है तथा विकसित भारत @2047 के व्यापक लक्ष्य में योगदान दे सकती है।

 

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