होम > Blog

Blog / 16 May 2026

ब्रिक्स विदेश मंत्रियों की बैठक ने 'दो-राज्य समाधान' के प्रति समर्थन की पुनः पुष्टि की।

संदर्भ:

हाल ही में नई दिल्ली में आयोजित ब्रिक्स (BRICS) विदेश मंत्रियों की बैठक में वर्ष 1967 से पूर्व की सीमाओं के आधार पर पूर्वी यरुशलम को राजधानी मानते हुए एक स्वतंत्र फिलिस्तीनी राज्य के समर्थन की पुनः पुष्टि की गई। भारत ने भी इज़राइलफिलिस्तीन संघर्ष के समाधान हेतु अपने पारंपरिक दो-राष्ट्र समाधान” (Two-State Solution) के समर्थन को दोहराया। हालाँकि, ईरान और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के बीच मतभेदों के कारण एक संयुक्त घोषणा-पत्र (Joint Declaration) को अपनाया नहीं जा सका। इसके स्थान पर केवल अध्यक्षीय वक्तव्य और परिणाम दस्तावेज़” (Chair’s Statement and Outcome Document) जारी किया गया।

ब्रिक्स बैठक की प्रमुख विशेषताएँ:

फिलिस्तीनी राज्य के समर्थन पर जोर

ब्रिक्स सदस्य देशों ने निम्नलिखित के समर्थन की पुनः पुष्टि की:

      • एक संप्रभु, स्वतंत्र और व्यवहार्य फिलिस्तीनी राज्य
      • 1967 से पूर्व की सीमाओं पर आधारित सीमांकन
      • पूर्वी यरुशलम को फिलिस्तीन की राजधानी के रूप में मान्यता

समूह ने अंतरराष्ट्रीय कानून, संयुक्त राष्ट्र प्रस्तावों और अरब शांति पहल के अनुरूप दो-राष्ट्र समाधान” (Two-State Solution) के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।

गाज़ा पट्टी पर रुख

वक्तव्य में गाज़ा को अधिकृत फिलिस्तीनी क्षेत्र (Occupied Palestinian Territory) का अभिन्न हिस्सा बताया गया तथा फिलिस्तीनी प्राधिकरण (Palestinian Authority) के अंतर्गत गाज़ा और वेस्ट बैंक के एकीकरण का समर्थन किया गया।

पश्चिम एशिया में समुद्री सुरक्षा

बैठक में सुरक्षित समुद्री व्यापार मार्गों के महत्व पर विशेष बल दिया गया, जिनमें शामिल हैं:

      • होर्मुज़ जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz)
      • लाल सागर (Red Sea)
      • बाब-अल-मंदेब जलडमरूमध्य (Bab-el-Mandeb Strait)

सदस्य देशों ने पश्चिम एशिया संघर्ष और समुद्री तनावों को लेकर अपने-अपने अलग दृष्टिकोणों को भी स्वीकार किया।

ब्रिक्स (BRICS) के बारे में:

ब्रिक्स का विकासक्रम:

      • 2001: अर्थशास्त्री जिम ओनील द्वारा “BRIC” शब्द दिया गया
      • 2006: BRIC समूह का गठन
      • 2010: दक्षिण अफ्रीका के शामिल होने के बाद यह “BRICS” बना
      • BRICS+ में अब मिस्र, यूएई, इथियोपिया, इंडोनेशिया और ईरान भी शामिल हैं

यह समूह प्रतिनिधित्व करता है:

      • वैश्विक जनसंख्या का लगभग 49.5%
      • वैश्विक GDP का 40%
      • वैश्विक व्यापार का 26%

उद्देश्य:

ब्रिक्स का लक्ष्य है:

      • वैश्विक शासन संस्थाओं में सुधार
      • IMF और विश्व बैंक में पश्चिमी प्रभुत्व को कम करना
      • दक्षिण-दक्षिण सहयोग (South-South Cooperation) को मजबूत करना

न्यू डेवलपमेंट बैंक (NDB) के बारे में:

न्यू डेवलपमेंट बैंक, जिसका मुख्यालय शंघाई में है, अवसंरचना और सतत विकास परियोजनाओं को वित्तपोषित करता है।

दो-राष्ट्र समाधान (Two-State Solution) क्या है?

दो-राष्ट्र समाधान का प्रस्ताव है:

      • यहूदियों के लिए इज़राइल एक मातृभूमि के रूप में
      • फिलिस्तीनियों के लिए एक स्वतंत्र फिलिस्तीनी राज्य

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि:

      • 1947: संयुक्त राष्ट्र विभाजन योजना ने अलग अरब और यहूदी राज्यों का प्रस्ताव दिया
      • 1993: ओस्लो समझौते (Oslo Accords) के तहत इज़राइल और फिलिस्तीन मुक्ति संगठन (PLO) के बीच पारस्परिक मान्यता स्थापित हुई

प्रमुख मुद्दे:

      • 1967 पूर्व की ग्रीन लाइन के आधार पर सीमाएँ
      • यरुशलम की स्थिति
      • फिलिस्तीनी शरणार्थी संकट
      • दोनों राज्यों के लिए सुरक्षा गारंटी

इज़राइलफिलिस्तीन पर भारत की स्थिति:

      • फिलिस्तीन के प्रति ऐतिहासिक समर्थन: भारत ने 1974 में फिलिस्तीन मुक्ति संगठन (PLO) को मान्यता दी तथा 1988 में फिलिस्तीन राज्य को मान्यता प्रदान की।
      •   इज़राइल के साथ संबंध: भारत ने 1992 में इज़राइल के साथ पूर्ण राजनयिक संबंध स्थापित किए, जबकि फिलिस्तीन के समर्थन को भी जारी रखा।
      •  वर्तमान नीति: भारत डी-हाइफनेशन” (De-hyphenation) नीति का पालन करता है, जिसके तहत वह इज़राइल और फिलिस्तीन दोनों के साथ स्वतंत्र संबंध बनाए रखता है। भारत आतंकवाद की निंदा करते हुए इज़राइल की सुरक्षा चिंताओं का समर्थन करता है, साथ ही मानवीय सहायता और वार्ता-आधारित दो-राष्ट्र समाधान की वकालत भी जारी रखता है।

निष्कर्ष:

ब्रिक्स बैठक ने फिलिस्तीनी राज्य के समर्थन को दोहराया, साथ ही समूह के भीतर मौजूद भू-राजनीतिक मतभेदों को भी उजागर किया। भारत की संतुलित कूटनीति उसकी रणनीतिक स्वायत्तता, क्षेत्रीय स्थिरता और इज़राइलफिलिस्तीन संघर्ष के शांतिपूर्ण समाधान हेतु दो-राष्ट्र ढांचे के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाती है।

 

Aliganj Gomti Nagar Prayagraj