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Blog / 07 Feb 2026

भारत टैक्सी

संदर्भ:

हाल ही में भारत सरकार ने भारत टैक्सी की शुरुआत की है। यह एक सरकार समर्थित सहकारी राइड-हेलिंग प्लेटफ़ॉर्म है, जिसका उद्देश्य शहरी परिवहन व्यवस्था को अधिक न्यायसंगत, किफ़ायती और टिकाऊ बनाना तथा ओला और उबर जैसे निजी एग्रीगेटर्स को एक व्यवहारिक विकल्प प्रदान करना है।

पृष्ठभूमि:

भारत में शहरी परिवहन व्यवस्था पर लंबे समय से निजी ऐप-आधारित प्लेटफ़ॉर्म का वर्चस्व रहा है। इन सेवाओं ने यात्रियों को सुविधा तो दी, लेकिन अधिक कमीशन शुल्क, सर्ज प्राइसिंग (मांग बढ़ने पर किराया स्वतः बढ़ना) और ड्राइवरों की सीमित आय को लेकर लगातार आलोचनाएँ भी सामने आती रही हैं।

इन समस्याओं के समाधान के लिए सहकारिता मंत्रालय ने सहकार टैक्सी कोऑपरेटिव लिमिटेड के माध्यम से सहकारी मॉडल को बढ़ावा दिया, जिसमें ड्राइवर केवल सेवा प्रदाता नहीं बल्कि सहकारी संस्था के सक्रिय हिस्सेदार होते हैं।

शुरुआती विस्तार:

भारत टैक्सी की शुरूआती लॉन्च दिसंबर 2025 में दिल्ली एनसीआर और गुजरात में की गई। फरवरी 2026 में इसका औपचारिक विस्तार हुआ, जिससे यह सेवा व्यापक स्तर पर उपलब्ध हो सकी।

         दिल्ली एनसीआर: घनी आबादी और टैक्सी सेवाओं की अत्यधिक मांग के कारण इसे प्राथमिक क्षेत्र के रूप में चुना गया।

         गुजरात: राज्य की मजबूत सहकारी परंपरा के कारण, जहाँ ड्राइवर-स्वामित्व आधारित मॉडल के लिए अनुकूल वातावरण पहले से मौजूद है।

मुख्य विशेषताएँ और संचालन मॉडल:

         सहकारी ढांचा और ड्राइवर स्वामित्व: ड्राइवर (जिन्हें सारथी कहा जाता है) की सहकारी संस्था में हिस्सेदारी शामिल है। यह प्लेटफ़ॉर्म ज़ीरो-कमीशन मॉडल पर आधारित है और केवल एक नाममात्र का दैनिक शुल्क (लगभग ₹30) लिया जाना है, जिससे ड्राइवरों को अपनी कमाई का बड़ा हिस्सा अपने पास रखने का अवसर मिलेगा।

         सेवाएँ: ऐप के माध्यम से दोपहिया वाहन, ऑटो-रिक्शा और टैक्सियाँ (इकोनॉमी, सेडान और एक्सएल श्रेणी) उपलब्ध कराई जायेंगी। इसके साथ ही सत्यापित ड्राइवर प्रोफ़ाइल, आपातकालीन सहायता और स्थानीय पुलिस के साथ समन्वय जैसी सुविधाएँ भी प्रदान की जायेंगी।

         किराया और यात्रियों के लाभ: किराया संरचना पारदर्शी और सर्ज-फ्री रखी गई है, जो निजी प्लेटफ़ॉर्म की तुलना में लगभग 30% तक कम हो सकती है। इससे यात्रियों को किफ़ायती यात्रा मिलेगी और ड्राइवरों को उचित पारिश्रमिक सुनिश्चित होगा।

दिल्ली एनसीआर और गुजरात में प्रभाव:

         ड्राइवर सशक्तिकरण: इसके तहत ड्राइवर लाभ-साझेदारी, सामाजिक सुरक्षा कवरेज और सहकारी समर्थन नेटवर्क से लाभान्वित होंगे। यह पहल श्रमिक कल्याण और समावेशी विकास से जुड़े राष्ट्रीय उद्देश्यों के अनुरूप है।

         प्रतिस्पर्धा और बाज़ार पर असर: भारत टैक्सी निजी एग्रीगेटर्स के लिए एक विश्वसनीय और टिकाऊ विकल्प के रूप में है, जिससे राइड-हेलिंग बाज़ार में किराया संरचना और सेवा गुणवत्ता पर सकारात्मक दबाव पड़ सकता है।

         चुनौतियाँ: शुरुआती अनुभवों में कुछ क्षेत्रों में किराया प्रतिस्पर्धा और सेवा की निरंतरता को लेकर चिंताएँ हो सकती हैं, विशेषकर उन प्लेटफ़ॉर्मों की तुलना में जो लंबे समय से बाज़ार में स्थापित हैं।

निष्कर्ष:

भारत टैक्सी सहकारी मूल्यों और डिजिटल नवाचार का समन्वय करते हुए भारत में शहरी परिवहन को नए दृष्टिकोण से पुनर्परिभाषित करने की एक महत्वपूर्ण पहल है। दिल्ली एनसीआर और गुजरात पायलट क्षेत्रों के रूप में कार्य कर रहे हैं, जहाँ संचालन से जुड़ी कमियों को दूर किया जा रहा है और शुरुआती चुनौतियों से सीख लेकर भविष्य में इसे देशभर में विस्तार देने की दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं।