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Blog / 28 Mar 2025

भारत में गेमिंग का विनियमन

संदर्भ:

हाल ही में केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने लोकसभा में यह स्पष्ट किया कि भारत में सट्टेबाजी और जुए का विनियमन मुख्य रूप से राज्यों का विषय है। उन्होंने बताया कि भारतीय संविधान के अनुसार, राज्यों को अपने-अपने क्षेत्रों में गेमिंग और सट्टेबाजी गतिविधियों को विनियमित करने का अधिकार प्राप्त है।

जुआ(Gambling) क्या है?

·        जुआ (Gambling) उन गतिविधियों को संदर्भित करता है जिनमें परिणाम मुख्य रूप से संयोग (Chance) पर निर्भर होते हैं, या ऐसी गतिविधियाँ जिनमें प्रतिभागी आर्थिक या अन्य लाभ प्राप्त करने के उद्देश्य से जानबूझकर जोखिम उठाते हैं।

·        इसमें पुरस्कार प्रतियोगिताएं और दांव लगाने के अनुबंध जैसे खेल शामिल होते हैं। जहाँ कुछ राज्यों ने जुए के विभिन्न रूपों को वैध कर दिया है, वहीं अन्य राज्य इसके नकारात्मक प्रभावों, जैसे - लत (Addiction) और सामाजिक ताने-बाने पर प्रतिकूल प्रभाव के कारण, इसका कड़ा विरोध करते हैं।

जुआ (Gambling) के पक्ष और विपक्ष में तर्क:

·        आलोचकों का तर्क है कि जुआ अपराध, भ्रष्टाचार और मनी लॉन्ड्रिंग जैसी अवैध गतिविधियों को बढ़ावा देता है, विशेष रूप से जब यह अनियमित वातावरण में संचालित होता है। यह कमजोर व्यक्तियों का शोषण कर सकता है और सामाजिक असंतुलन को बढ़ावा दे सकता है।

·        हालांकि, समर्थकों का दावा है कि विनियमित जुआ (Regulated Gambling) राज्य के राजस्व का एक महत्वपूर्ण स्रोत बन सकता है, जिसका उपयोग सार्वजनिक सेवाओं और कल्याणकारी कार्यक्रमों के लिए किया जा सकता है। इसके अतिरिक्त, जुआ उद्योग कैसीनो, आतिथ्य (Hospitality) और मनोरंजन क्षेत्रों में व्यापक रोजगार के अवसर भी उत्पन्न कर सकता है।

भारत में ऑनलाइन गेमिंग (जुआ) विनियमन के बारे में:

भारत में ऑनलाइन गेमिंग का विनियमन विभिन्न कानूनी प्रावधानों के संयोजन के माध्यम से किया जाता है:

·        राज्य कानून:
प्रत्येक राज्य को अपने अधिकार क्षेत्र के भीतर जुआ गतिविधियों को विनियमित करने का अधिकार प्राप्त है, जिसमें ऑनलाइन गेमिंग प्लेटफार्मों को अनुमति देना या प्रतिबंधित करना शामिल है। यह अधिकार भारतीय संविधान के अनुसार राज्यों को प्रदत्त है।

·        केंद्रीय कानून:

o   1867 का सार्वजनिक जुआ अधिनियम और पुरस्कार प्रतियोगिता अधिनियम, 1955  कौशल-आधारित खेलों को दंड से छूट प्रदान करते हैं। इसके अलावा, सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 ऑनलाइन गतिविधियों को विनियमित करता है, लेकिन इसमें जुए का स्पष्ट रूप से उल्लेख नहीं किया गया है।

o   ऑनलाइन गेमिंग पर पूर्ण प्रवेश मूल्य पर 28% की दर से GST लगाया जाता है। इसके अतिरिक्त, 10,000 रुपये से अधिक की जीत पर 30% का कर भी लगाया जाता है।

बढ़ता ऑनलाइन गेमिंग बाजार:

·        2023 में, भारत 568 मिलियन गेमर्स के साथ दुनिया का सबसे बड़ा गेमिंग बाजार बन गया, जिसने लगभग 2.2 बिलियन अमेरिकी डॉलर का राजस्व उत्पन्न किया। अनुमान है कि 2028 तक यह बाजार 8.6 बिलियन अमेरिकी डॉलर तक पहुँच सकता है।

·        स्मार्टफोन की बढ़ती पहुंच, इंटरनेट की बढ़ती पहुंच और स्थानीयकृत सामग्री की लोकप्रियता इस वृद्धि के प्रमुख चालक हैं। हालाँकि, यह वृद्धि गेमिंग की लत सहित संभावित सामाजिक प्रभावों पर चिंताएँ भी लाती है।

निष्कर्ष:

भारत में ऑनलाइन गेमिंग और जुए के नियमन पर बहस गतिशील बनी हुई है। यह विषय शासन की संघीय संरचना को उजागर करता है, जहाँ राज्यों को अपने-अपने क्षेत्रों में इन गतिविधियों को विनियमित करने का अधिकार प्राप्त है। जैसे-जैसे बाजार का विस्तार होता रहेगा, राज्यों को ऑनलाइन गेमिंग क्षेत्र की आर्थिक क्षमता को इसके सामाजिक प्रभावों से जुड़ी चिंताओं के साथ संतुलित करने की आवश्यकता होगी। इस तेजी से बढ़ते उद्योग का भविष्य एक स्पष्ट और निष्पक्ष नियामक ढाँचा स्थापित करने के लिए केंद्र और राज्य सरकारों के बीच प्रभावी सहयोग पर निर्भर करेगा।

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