संदर्भ:
हाल के समय में अमीबिक मेनिंगोएन्सेफलाइटिस भारत में एक गंभीर लेकिन कम पहचानी गई सार्वजनिक स्वास्थ्य समस्या के रूप में उभरा है। हाल ही में केरल में इसके मामलों में वृद्धि विशेष रूप से ध्यान देने योग्य रही है, जहाँ 2026 के पहले पाँच महीनों में 133 संक्रमण और 33 मौतें दर्ज की गईं।
अमीबिक मेनिंगोएन्सेफलाइटिस के बारे में:
अमीबिक मेनिंगोएन्सेफलाइटिस (AME) एक दुर्लभ लेकिन अत्यंत घातक केंद्रीय तंत्रिका तंत्र (CNS) का संक्रमण है, जो गर्म ताजे पानी और मिट्टी में पाए जाने वाले स्वतंत्र-जीवित अमीबा के कारण होता है। ये सूक्ष्मजीव अनजाने में मानव शरीर में प्रवेश कर गंभीर सूजन और मस्तिष्क ऊतक के विनाश का कारण बनते हैं। AME व्यक्ति से व्यक्ति में नहीं फैलता और यह मुख्य रूप से पर्यावरणजनित संक्रमण है।
अमीबिक मेनिंगोएन्सेफलाइटिस के प्रकार:
1. प्राथमिक अमीबिक मेनिंगोएन्सेफलाइटिस (PAM):
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- प्राथमिक अमीबिक मेनिंगोएन्सेफलाइटिस (PAM) नेग्लेरिया फाउलेरी (Naegleria fowleri) नामक अमीबा के कारण होता है। यह एक तीव्र और तेजी से बढ़ने वाला संक्रमण है, जो सामान्यतः स्वस्थ व्यक्तियों को प्रभावित करता है। संक्रमण तब होता है जब दूषित गर्म ताजे पानी के संपर्क में आने पर वह नाक के मार्ग में प्रवेश कर जाता है, जैसे तैराकी, गोताखोरी या स्नान के दौरान। यह जीव घ्राण तंत्रिका (olfactory nerve) के माध्यम से मस्तिष्क तक पहुँचता है और कुछ ही दिनों में गंभीर तथा अक्सर घातक मेनिंगोएन्सेफलाइटिस पैदा करता है।
- प्राथमिक अमीबिक मेनिंगोएन्सेफलाइटिस (PAM) नेग्लेरिया फाउलेरी (Naegleria fowleri) नामक अमीबा के कारण होता है। यह एक तीव्र और तेजी से बढ़ने वाला संक्रमण है, जो सामान्यतः स्वस्थ व्यक्तियों को प्रभावित करता है। संक्रमण तब होता है जब दूषित गर्म ताजे पानी के संपर्क में आने पर वह नाक के मार्ग में प्रवेश कर जाता है, जैसे तैराकी, गोताखोरी या स्नान के दौरान। यह जीव घ्राण तंत्रिका (olfactory nerve) के माध्यम से मस्तिष्क तक पहुँचता है और कुछ ही दिनों में गंभीर तथा अक्सर घातक मेनिंगोएन्सेफलाइटिस पैदा करता है।
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2. ग्रैन्युलोमेटस अमीबिक एन्सेफलाइटिस (GAE)
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- ग्रैन्युलोमेटस अमीबिक एन्सेफलाइटिस (GAE) मुख्य रूप से एकैंथअमीबा (Acanthamoeba) और बालमुथिया मैंड्रिलारिस (Balamuthia mandrillaris) संक्रमण के कारण होता है। PAM के विपरीत, GAE एक उप-तीव्र से लेकर दीर्घकालिक संक्रमण है, जो हफ्तों से लेकर महीनों में विकसित होता है। यह अधिकतर प्रतिरक्षा प्रणाली कमजोर (immunocompromised) व्यक्तियों को प्रभावित करता है, लेकिन स्वस्थ लोगों में भी हो सकता है। अमीबा श्वसन मार्ग या त्वचा के घावों के माध्यम से शरीर में प्रवेश कर रक्त के जरिए मस्तिष्क तक पहुँच सकता है।
- महत्वपूर्ण रूप से, यह संक्रमण दूषित पानी पीने से नहीं होता, और न ही हवा, भाप या एरोसोल कणों के माध्यम से इसके प्रसार के प्रमाण हैं।
- ग्रैन्युलोमेटस अमीबिक एन्सेफलाइटिस (GAE) मुख्य रूप से एकैंथअमीबा (Acanthamoeba) और बालमुथिया मैंड्रिलारिस (Balamuthia mandrillaris) संक्रमण के कारण होता है। PAM के विपरीत, GAE एक उप-तीव्र से लेकर दीर्घकालिक संक्रमण है, जो हफ्तों से लेकर महीनों में विकसित होता है। यह अधिकतर प्रतिरक्षा प्रणाली कमजोर (immunocompromised) व्यक्तियों को प्रभावित करता है, लेकिन स्वस्थ लोगों में भी हो सकता है। अमीबा श्वसन मार्ग या त्वचा के घावों के माध्यम से शरीर में प्रवेश कर रक्त के जरिए मस्तिष्क तक पहुँच सकता है।
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निष्कर्ष:
AME के बढ़ते मामलों से यह स्पष्ट होता है कि जल सुरक्षा, शीघ्र निदान और चिकित्सीय जागरूकता को मजबूत करने की आवश्यकता है। जलवायु परिवर्तन, गर्म ताजे पानी के संपर्क में वृद्धि और बेहतर पहचान प्रणाली के कारण इसके मामलों की रिपोर्टिंग बढ़ रही है। मृत्यु दर को कम करने के लिए निगरानी व्यवस्था और जन-जागरूकता को सुदृढ़ करना अत्यंत आवश्यक है।
