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Blog / 08 Jun 2026

8वीं भारत–इंडोनेशिया संयुक्त आयोग बैठक

संदर्भ:

भारत और इंडोनेशिया ने हाल ही में नई दिल्ली में 8वीं भारतइंडोनेशिया संयुक्त आयोग बैठक (JCM) आयोजित की। इस बैठक में रक्षा, समुद्री सुरक्षा, व्यापार, डिजिटल संपर्क, महत्वपूर्ण खनिज और अवसंरचना विकास में सहयोग बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित किया गया।

प्रमुख सहयोग के क्षेत्र:

      • रक्षा और सुरक्षा: दोनों देशों ने सैन्य आदान-प्रदान, समुद्र शक्ति और गरुड़ शक्ति जैसे संयुक्त अभ्यासों तथा रक्षा उत्पादन एवं प्रौद्योगिकी में सहयोग के माध्यम से रक्षा संबंधों को और गहरा करने पर सहमति व्यक्त की।
      • समुद्री सुरक्षा: समुद्री क्षेत्र जागरूकता (Maritime Domain Awareness), समुद्री मार्गों की सुरक्षा और हिंद-प्रशांत क्षेत्र में स्थिरता, विशेषकर मलक्का जलडमरूमध्य के संदर्भ में, सहयोग पर विशेष बल दिया गया।
      • व्यापार, संपर्क एवं अवसंरचना: क्षेत्रीय एकीकरण और लचीली आपूर्ति श्रृंखलाओं को समर्थन देने हेतु संपर्क, अवसंरचना और निवेश सहयोग को बढ़ाने के प्रयास किए गए।
      • डिजिटल एवं उभरती प्रौद्योगिकियाँ: फिनटेक, स्वास्थ्य सेवाएँ, डिजिटल संपर्क, औषधि उद्योग तथा स्वच्छ ऊर्जा एवं उच्च प्रौद्योगिकी के लिए महत्वपूर्ण खनिजों के क्षेत्र में सहयोग पर सहमति बनी।
      • जन-जन संबंध: पर्यटन, शिक्षा, संस्कृति और आपसी आदान-प्रदान को सुदृढ़ करने पर जोर दिया गया, जो दोनों देशों के साझा सभ्यतागत संबंधों पर आधारित है।

External Affairs Minister S. Jaishankar co-chaired the 8th India-Indonesia  Joint Commission Meeting with Indonesian Foreign Minister Sugiono,  reviewing the growing partnership between the two countries.

भारत के लिए रणनीतिक महत्त्व:

      • एक्ट ईस्ट नीति: इंडोनेशिया, हिंद महासागर और प्रशांत महासागर के संगम पर स्थित अपनी रणनीतिक स्थिति तथा आसियान में प्रभावशाली भूमिका के कारण भारत की एक्ट ईस्ट नीति में केंद्रीय स्थान रखता है। इंडोनेशिया के साथ मजबूत संबंध भारत की दक्षिण-पूर्व एशिया में सहभागिता को बढ़ाते हैं और क्षेत्रीय उपस्थिति को सुदृढ़ करते हैं।
      • सागर दृष्टिकोण: यह साझेदारी भारत के सागर (SAGAR – क्षेत्र में सभी के लिए सुरक्षा और विकास) दृष्टिकोण को मजबूत करती है, क्योंकि यह हिंद-प्रशांत क्षेत्र में समुद्री सहयोग, क्षेत्रीय सुरक्षा और सतत आर्थिक विकास को बढ़ावा देती है।
      • वैश्विक दक्षिण सहयोग: भारत और इंडोनेशिया जैसे प्रमुख विकासशील लोकतंत्र वैश्विक दक्षिण की आवाज को सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। दोनों देश सतत विकास, बहुपक्षीय संस्थानों में सुधार और अधिक न्यायसंगत वैश्विक शासन व्यवस्था की वकालत करते हैं।

भारतइंडोनेशिया संबंध:

भारत और इंडोनेशिया के बीच प्राचीन समुद्री व्यापार मार्गों से जुड़े गहरे ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और आर्थिक संबंध हैं। यह कूटनीतिक संबंध साझा लोकतांत्रिक मूल्यों, आर्थिक सहयोग और स्वतंत्र, खुले एवं समावेशी हिंद-प्रशांत क्षेत्र के प्रति समान हितों पर आधारित व्यापक रणनीतिक साझेदारी में विकसित हो चुका है। द्विपक्षीय व्यापार, रक्षा सहयोग, संपर्क पहल तथा आसियान, जी20 और अन्य बहुपक्षीय मंचों पर सहयोग इस संबंध को निरंतर मजबूत कर रहे हैं।

निष्कर्ष:

8वीं भारतइंडोनेशिया संयुक्त आयोग बैठक ने रणनीतिक, आर्थिक और तकनीकी क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग को और सुदृढ़ किया है। यह साझेदारी भारत की एक्ट ईस्ट नीति और सागर दृष्टि को सशक्त बनाते हुए एक संतुलित, नियम-आधारित क्षेत्रीय व्यवस्था को बढ़ावा देती है तथा वैश्विक दक्षिण की आवाज को और प्रभावी बनाती है।

 

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