होम > Blog

Blog / 29 Oct 2025

भारत के 53वें मुख्य न्यायाधीश – नियुक्ति प्रक्रिया और महत्व | Dhyeya IAS

संदर्भ:

मुख्य न्यायाधीश भूषण रामकृष्ण गवई ने औपचारिक रूप से न्यायमूर्ति सूर्यकांत को अपने उत्तराधिकारी के रूप में भारत के 53वें मुख्य न्यायाधीश (CJI) के पद के लिए सिफारिश की है। सभी संवैधानिक और प्रशासनिक औपचारिकताएँ पूरी होने के बाद, न्यायमूर्ति सूर्यकांत 24 नवंबर 2025 को पदभार ग्रहण करेंगे, जबकि मौजूदा मुख्य न्यायाधीश गवई का कार्यकाल 23 नवंबर 2025 को समाप्त हो जाएगा।

न्यायिक और विधिक उपलब्धियाँ:

    • 7 जुलाई 2000 को हरियाणा के सबसे युवा महाधिवक्ता (Advocate General) के रूप में नियुक्त हुए।
    • मार्च 2001 में वरिष्ठ अधिवक्ता (Senior Advocate) का दर्जा प्राप्त किया।
    •   9 जनवरी 2004 को पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय में स्थायी न्यायाधीश के रूप में पदोन्नत हुए।
    • 5 अक्टूबर 2018 को हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश के रूप में कार्यभार संभाला।
    • 24 मई 2019 को सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश के रूप में पदोन्नत हुए।
    • 12 नवंबर 2024 से सर्वोच्च न्यायालय की कानूनी सेवा समिति के अध्यक्ष के रूप में कार्यरत हैं।

53rd Chief Justice of India

मुख्य न्यायाधीश (CJI) के बारे में:

भारत के मुख्य न्यायाधीश देश के सर्वोच्च न्यायिक पदाधिकारी होते हैं और सर्वोच्च न्यायालय के प्रमुख के रूप में न्यायपालिका का नेतृत्व करते हैं।

प्रमुख जिम्मेदारियाँ:

         सर्वोच्च न्यायालय में मामलों का आवंटन करना और विभिन्न पीठों (Benches) का गठन करना।

         सर्वोच्च न्यायालय तथा व्यापक न्यायिक प्रणाली का संवैधानिक और संस्थागत मानदंड के अनुसार प्रशासनिक नेतृत्व करना।

         सरकार की अन्य शाखाओं के साथ न्यायपालिका का प्रतिनिधित्व करना और राष्ट्रीय व औपचारिक समारोहों में भाग लेना।

         संविधान, कानूनी प्रक्रिया और न्यायपालिका की स्वतंत्रता की रक्षा करना, ताकि न्याय व्यवस्था पर जनता का विश्वास बना रहे।

संवैधानिक आधार:

         भारत के संविधान के अनुच्छेद 124(2) के अनुसार, मुख्य न्यायाधीश (CJI) की नियुक्ति राष्ट्रपति द्वारा की जाती है। इस अनुच्छेद में उल्लेख है कि राष्ट्रपति, उन न्यायाधीशों से परामर्श करने के बाद (जिन्हें वे आवश्यक समझें) सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीशों की नियुक्ति करेंगे।

         सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीशों (जिनमें मुख्य न्यायाधीश भी शामिल हैं) की सेवानिवृत्ति आयु 65 वर्ष निर्धारित की गई है।

मुख्य न्यायाधीश (CJI) की नियुक्ति प्रक्रिया:

1.        वरिष्ठता की परंपरा: परंपरागत रूप से, सर्वोच्च न्यायालय के सबसे वरिष्ठ न्यायाधीश (जो मौजूदा CJI के बाद आते हैं) को, यदि वे इस पद के लिए उपयुक्त और सक्षम माने जाते हैं, अगला मुख्य न्यायाधीश नियुक्त किया जाता है।

2.      प्रक्रियात्मक दिशा-निर्देश: इस नियुक्ति की पूरी प्रक्रिया प्रक्रिया ज्ञापन (एमओपी) नामक दस्तावेज़ में वर्णित है, जो सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीशों की नियुक्ति से संबंधित दिशा-निर्देश प्रदान करता है। यह कोई कानूनी रूप से बाध्यकारी प्रावधान नहीं है, लेकिन लंबे समय से स्थापित संवैधानिक परंपरा के रूप में इसका पालन किया जाता है।

3.      प्रक्रिया की शुरुआत: मौजूदा मुख्य न्यायाधीश के सेवानिवृत्त होने से लगभग एक माह पहले, कानून और न्याय मंत्रालय मौजूदा CJI को एक पत्र भेजता है, जिसमें उनसे अगले मुख्य न्यायाधीश के लिए सिफारिश करने का अनुरोध किया जाता है।

4.     सिफारिश: मौजूदा CJI आवश्यक परामर्श के बाद, योग्य और वरिष्ठतम न्यायाधीश के नाम की सिफारिश सरकार को भेजते हैं

5.      सरकारी अनुमोदन और नियुक्ति: यह सिफारिश पहले कानून मंत्री के पास जाती है, फिर प्रधानमंत्री के पास भेजी जाती है और अंततः राष्ट्रपति के अनुमोदन के लिए अग्रेषित की जाती है। राष्ट्रपति इसके बाद नियुक्ति पत्र (Warrant of Appointment) जारी करते हैं, जिसके पश्चात् नए मुख्य न्यायाधीश औपचारिक रूप से पद ग्रहण करते हैं।

 

Aliganj Gomti Nagar Prayagraj