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Daily-mcqs 31 Jul 2026

यूपीएससी और राज्य पीएससी परीक्षाओं के लिए समसामयिकी MCQs 31 Jul 2026

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यूपीएससी और राज्य पीएससी परीक्षाओं के लिए समसामयिकी MCQs

Q1:

भारत के राष्ट्रीय प्रतीकों एवं ऐतिहासिक तथ्यों के संबंध में निम्नलिखित युग्मों पर विचार कीजिए:

1.   वन्दे मातरम् : 1896 के भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (INC) अधिवेशन में बंकिम चन्द्र चट्टोपाध्याय द्वारा पहली बार सार्वजनिक रूप से गाया गया।

2.   जन गण मन : राष्ट्रीय सम्मान के अपमान की रोकथाम अधिनियम, 1971 के मूल अधिनियम के अंतर्गत वैधानिक संरक्षण प्राप्त है।

3.   आनंदमठ : वन्दे मातरम् का मूल स्रोत, जिसे 1882 में बंकिम चन्द्र चट्टोपाध्याय ने लिखा।

उपरोक्त में से कितने युग्म सही सुमेलित हैं?

A: केवल एक

B: केवल दो

C: सभी तीनो

D: कोई नहीं

उत्तर: B

स्पष्टीकरण:

युग्म 1 गलत सुमेलित है।
यद्यपि वन्दे मातरम् की रचना बंकिम चन्द्र चट्टोपाध्याय ने 1875 में की थी, किंतु इसका पहला सार्वजनिक गायन 1896 में कलकत्ता में आयोजित भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (INC) के अधिवेशन में रवीन्द्रनाथ ठाकुर द्वारा किया गया था, कि बंकिम चन्द्र चट्टोपाध्याय द्वारा।


युग्म 2 सही सुमेलित है।
राष्ट्रीय सम्मान के अपमान की रोकथाम अधिनियम, 1971 के अंतर्गत राष्ट्रीय गान (जन गण मन), राष्ट्रीय ध्वज तथा भारत के संविधान के प्रति अपमानजनक व्यवहार दंडनीय है। इस प्रकार जन गण मन को 1971 से ही वैधानिक संरक्षण प्राप्त है।


युग्म 3 सही सुमेलित है।
वन्दे मातरम् का प्रकाशन बंकिम चन्द्र चट्टोपाध्याय के प्रसिद्ध उपन्यास आनंदमठ में 1882 में हुआ था।


 


                            

Q2:

राष्ट्रीय सम्मान के अपमान की रोकथाम (संशोधन) विधेयक, 2026 के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

1.   यह विधेयक राष्ट्रीय गीत "वन्दे मातरम्" को वही वैधानिक संरक्षण प्रदान करने का प्रयास करता है, जो वर्तमान में राष्ट्रीय गान को प्राप्त है।

2.   प्रस्तावित कानून के अनुसार, यदि कोई व्यक्ति जानबूझकर वन्दे मातरम् के गायन में बाधा डालता है या उसे रोकता है, तो उसे तीन वर्ष तक के कारावास की सजा हो सकती है।

3.   राष्ट्रीय सम्मान के अपमान की रोकथाम अधिनियम, 1971 मूल रूप से भारत के संविधान, राष्ट्रीय ध्वज तथा राष्ट्रीय गान को संरक्षण प्रदान करता है।

उपरोक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?

A: केवल 1 और 2

B: केवल 2

C: केवल 2 और 3

D: 1, 2, और 3

उत्तर: D

स्पष्टीकरण:

कथन 1 सही है।
राष्ट्रीय सम्मान के अपमान की रोकथाम (संशोधन) विधेयक, 2026 का मुख्य उद्देश्य एक कानूनी कमी को दूर करना है। यह राष्ट्रीय गीत "वन्दे मातरम्" को भी वही वैधानिक संरक्षण प्रदान करने का प्रस्ताव करता है, जो वर्तमान में राष्ट्रीय गान "जन गण मन" को प्राप्त है।


कथन 2 सही है।
प्रस्तावित संशोधन के अनुसार, यदि कोई व्यक्ति जानबूझकर वन्दे मातरम् के गायन में बाधा डालता है, उसे रोकता है अथवा उसके गायन के दौरान अनादर प्रदर्शित करता है, तो उसे जुर्माना, तीन वर्ष तक का कारावास, अथवा दोनों दंड दिए जा सकते हैं।


कथन 3 सही है।
राष्ट्रीय सम्मान के अपमान की रोकथाम अधिनियम, 1971 मूल रूप से राष्ट्रीय ध्वज, भारत के संविधान तथा राष्ट्रीय गान की गरिमा की रक्षा के लिए बनाया गया था। राष्ट्रीय गीत (वन्दे मातरम्) को इस अधिनियम में 2026 के प्रस्तावित संशोधन से पहले शामिल नहीं किया गया था।


                            

Q3:

हाल ही में चर्चा में रहे INS मछलीपट्टनम के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

1.   यह पनडुब्बी रोधी उथले जल युद्धपोत (Anti-Submarine Warfare Shallow Water Craft – ASW-SWC) की अर्नाला (Arnala)-श्रेणी से संबंधित है।

2.   इसका निर्माण कोचीन शिपयार्ड लिमिटेड (Cochin Shipyard Limited – CSL) द्वारा भारतीय नौसेना के लिए किया गया है।

3.   इस पोत में 80% से अधिक स्वदेशी (Indigenous) सामग्री का उपयोग किया गया है।

उपरोक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?

A: केवल 1 और 2

B: केवल 2

C: केवल 2 और 3

D: 1, 2, और 3

उत्तर: C

स्पष्टीकरण:

कथन 1 गलत है।
INS
मछलीपट्टनम (BY 529) अर्नाला-श्रेणी का नहीं, बल्कि माहे (Mahe)-श्रेणी का युद्धपोत है। ASW-SWC कार्यक्रम के अंतर्गत 8 माहे-श्रेणी के पोतों का निर्माण कोचीन शिपयार्ड लिमिटेड (CSL) द्वारा किया जा रहा है, जबकि 8 अर्नाला-श्रेणी के पोतों का निर्माण गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स (GRSE) द्वारा किया जा रहा है।


कथन 2 सही है।
INS
मछलीपट्टनम का स्वदेशी निर्माण कोचीन शिपयार्ड लिमिटेड (CSL), कोच्चि में भारतीय नौसेना के लिए किया गया है।


कथन 3 सही है।
इस युद्धपोत में 80% से अधिक स्वदेशी सामग्री का उपयोग किया गया है। इसके निर्माण में सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों, एल एंड टी (L&T), बीईएल (BEL) जैसी निजी कंपनियों तथा स्थानीय सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (MSMEs) का महत्वपूर्ण योगदान रहा है, जो आत्मनिर्भर भारत अभियान के अनुरूप है।


                            

Q4:

लोक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) (संशोधन) विधेयक, 2026 के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

1.   यह विधेयक अन्वेषण एजेंसियों को अपनी जांच 60 दिनों के भीतर पूरी करना अनिवार्य बनाता है।

2.   विशेष त्वरित न्यायालयों (Special Fast-Track Courts) को आरोप-पत्र (चार्जशीट) दाखिल होने की तिथि से तीन माह के भीतर मुकदमे का निपटारा करना होगा।

3.   यह विधेयक अंतर-राज्यीय समन्वय के लिए संगठित परीक्षा धोखाधड़ी के मामलों में विशेष कार्यबल (Special Task Forces - STFs) गठित करने का अधिकार केंद्र सरकार को प्रदान करता है।

उपरोक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?

A: केवल 1 और 2

B: केवल 1 और 3

C: केवल 2 और 3

D: 1, 2, और 3

उत्तर: D

स्पष्टीकरण:

कथन 1 सही है।
लोक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) (संशोधन) विधेयक, 2026 जांच प्रक्रिया के लिए एक समयबद्ध ढांचा निर्धारित करता है, जिसके अनुसार अन्वेषण एजेंसियों को 60 दिनों (2 माह) के भीतर जांच पूरी करना अनिवार्य होगा।


कथन 2 सही है।
त्वरित न्याय सुनिश्चित करने तथा अनुचित साधनों के उपयोग पर प्रभावी रोक लगाने के उद्देश्य से विशेष त्वरित न्यायालयों (Special Fast-Track Courts) को आरोप-पत्र दाखिल होने की तिथि से तीन माह के भीतर मुकदमे का निपटारा करना होगा।


कथन 3 सही है।
यह विधेयक केंद्र सरकार को विशेष कार्यबल (Special Task Forces – STFs) गठित करने का वैधानिक अधिकार प्रदान करता है, ताकि अंतर-राज्यीय स्तर पर सक्रिय संगठित परीक्षा माफिया तथा साइबर नेटवर्क के विरुद्ध प्रभावी समन्वय और कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।


                            

Q5:

लोक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) (संशोधन) विधेयक, 2026 के अंतर्गत दंड एवं संस्थागत जवाबदेही के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

1.   प्रश्नपत्र लीक करने के दोषी व्यक्तियों को 5 से 10 वर्ष तक के कारावास तथा ₹50 लाख तक के जुर्माने का प्रावधान है।

2.   प्रश्नपत्र लीक में शामिल संगठित आपराधिक गिरोहों पर ₹10 करोड़ तक का जुर्माना लगाया जा सकता है।

3.   धोखाधड़ी में संलिप्त या लापरवाही बरतने वाले सेवा प्रदाताओं अथवा प्रबंधन एजेंसियों को आठ वर्ष तक के लिए ब्लैकलिस्ट किया जा सकता है।

उपरोक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?

A: केवल 1 और 2

B: केवल 1 और 3

C: केवल 2 और 3

D: 1, 2, और 3

उत्तर: D

स्पष्टीकरण:

कथन 1 सही है।
प्रश्नपत्रों में हेरफेर करने या अनुचित साधनों का उपयोग करने वाले व्यक्तिगत अपराधियों को 5 से 10 वर्ष तक के कठोर कारावास तथा ₹50 लाख तक के जुर्माने का प्रावधान किया गया है।


कथन 2 सही है।
प्रश्नपत्र लीक की साजिश रचने वाले संगठित आपराधिक गिरोहों या संस्थागत नेटवर्क के लिए अधिक कठोर दंड का प्रावधान है, जिसमें 7 से 10 वर्ष तक का कारावास तथा ₹10 करोड़ तक का जुर्माना शामिल है।


कथन 3 सही है।
धोखाधड़ी को बढ़ावा देने में लापरवाह या संलिप्त पाए गए सेवा प्रदाताओं, परीक्षा एजेंसियों अथवा आईटी ठेकेदारों को अधिकतम आठ वर्ष तक के लिए ब्लैकलिस्ट किया जा सकता है, ताकि राष्ट्रीय परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता और सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।


                            
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