होम > Daily-mcqs

Daily-mcqs 30 Jul 2026

यूपीएससी और राज्य पीएससी परीक्षाओं के लिए समसामयिकी MCQs 30 Jul 2026

image
यूपीएससी और राज्य पीएससी परीक्षाओं के लिए समसामयिकी MCQs

Q1:

चांदीपुरा वायरस (CHPV) के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

1.   यह Rhabdoviridae परिवार का द्वि-सूत्री (Double-stranded) DNA वायरस है।

2.   यह वायरस मुख्यतः 15 वर्ष से कम आयु के बच्चों को प्रभावित करता है तथा केंद्रीय तंत्रिका तंत्र (Central Nervous System) पर आक्रमण करता है।

3.   वर्तमान में CHPV के लिए विश्व स्तर पर विशिष्ट एवं अत्यधिक प्रभावी एंटीवायरल उपचार उपलब्ध है।

उपरोक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?

A: केवल 1 और 2

B: केवल 2

C: केवल 2 और 3

D: 1, 2, और 3

उत्तर: B

स्पष्टीकरण:

कथन 1 – गलत है:
चांदीपुरा वायरस (CHPV) एकल-सूत्री (Single-stranded) RNA वायरस है, कि द्वि-सूत्री (Double-stranded) DNA वायरस। हालांकि, यह Rhabdoviridae परिवार से संबंधित है, जिसमें रेबीज़ (Rabies) वायरस भी शामिल है।


कथन 2 – सही है:
यह वायरस मुख्यतः 15 वर्ष से कम आयु के बच्चों को संक्रमित करता है। यह एक न्यूरोट्रॉपिक (Neurotropic) वायरस है, जो केंद्रीय तंत्रिका तंत्र (Central Nervous System) पर हमला करता है। इसके कारण मस्तिष्क में सूजन (Encephalitis) तथा तीव्र मस्तिष्कशोथ सिंड्रोम (Acute Encephalitis Syndrome - AES) हो सकता है।


कथन 3 – गलत है:
वर्तमान में चांदीपुरा वायरस के लिए कोई विशिष्ट एंटीवायरल दवा या टीका उपलब्ध नहीं है। इसका उपचार केवल सहायक (Supportive) चिकित्सा पर आधारित है, जैसेदौरे (Seizures) को नियंत्रित करना, शरीर में तरल (Hydration) का संतुलन बनाए रखना तथा अन्य लक्षणों का प्रबंधन करना।


                            

Q2:

पश्चिमी घाट के संरक्षण के लिए गठित समितियों के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

1.   माधव गाडगिल समिति ने संपूर्ण पश्चिमी घाट क्षेत्र को पारिस्थितिक रूप से संवेदनशील क्षेत्र (Ecologically Sensitive Area - ESA) घोषित करने की अनुशंसा की थी।

2.   कस्तूरीरंगन समिति ने अनुशंसा की थी कि पश्चिमी घाट के केवल लगभग 37% क्षेत्र को ही ESA के रूप में अधिसूचित किया जाए।

3.   कस्तूरीरंगन समिति ने पश्चिमी घाट पारिस्थितिकी प्राधिकरण (Western Ghats Ecology Authority) नामक एक वैधानिक निकाय (Statutory Body) के गठन का प्रस्ताव दिया था।

उपरोक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?

A: केवल 1 और 2

B: केवल 1 और 3

C: केवल 2 और 3

D: 1, 2, और 3

उत्तर: A

स्पष्टीकरण:

कथन 1 सही है:
वर्ष 2011 में माधव गाडगिल की अध्यक्षता में गठित पश्चिमी घाट पारिस्थितिकी विशेषज्ञ पैनल  ने पश्चिमी घाट के 1,29,037 वर्ग किमी संपूर्ण क्षेत्र को पारिस्थितिक रूप से संवेदनशील क्षेत्र (ESA) घोषित करने तथा इसे संरक्षण की दृष्टि से तीन श्रेणियों (ESZ-1, ESZ-2 एवं ESZ-3) में विभाजित करने की अनुशंसा की थी।


कथन 2 सही है:
वर्ष 2013 में के. कस्तूरीरंगन की अध्यक्षता में गठित उच्च स्तरीय कार्यदल ने विकास और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन का दृष्टिकोण अपनाते हुए अनुशंसा की कि पश्चिमी घाट के केवल लगभग 37% (लगभग 56,825–60,000 वर्ग किमी) प्राकृतिक परिदृश्य को ही ESA के रूप में अधिसूचित किया जाए।


कथन 3 गलत है:
पश्चिमी घाट पारिस्थितिकी प्राधिकरण (Western Ghats Ecology Authority) नामक वैधानिक निकाय की स्थापना की अनुशंसा माधव गाडगिल समिति ने की थी, कस्तूरीरंगन समिति ने नहीं।


                            

Q3:

पारिस्थितिक रूप से संवेदनशील क्षेत्र तथा पश्चिमी घाट के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

1.   पारिस्थितिक रूप से संवेदनशील क्षेत्रों (ESAs) को पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय (MoEFCC) द्वारा पर्यावरण (संरक्षण) अधिनियम, 1986 के अंतर्गत अधिसूचित किया जाता है।

2.   पश्चिमी घाट छह राज्यों में विस्तृत है तथा यह गोदावरी, कृष्णा और कावेरी जैसी प्रमुख प्रायद्वीपीय नदियों का उद्गम स्थल है।

3.   पश्चिमी घाट के लिए वर्तमान प्रारूप (ड्राफ्ट) ESA अधिसूचना में अधिसूचित क्षेत्र के भीतर सभी प्रकार की कृषि एवं जैविक (ऑर्गेनिक) खेती पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने का प्रस्ताव किया गया है।

उपरोक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?

A: केवल 1 और 2

B: केवल 2

C: केवल 2 और 3

D: 1, 2, और 3

उत्तर: A

स्पष्टीकरण:

कथन 1 सही है:
पारिस्थितिक रूप से संवेदनशील क्षेत्र (Ecologically Sensitive Areas - ESAs)/ईको-सेंसिटिव ज़ोन (Eco-Sensitive Zones - ESZs) को केंद्र सरकार (MoEFCC) द्वारा पर्यावरण (संरक्षण) अधिनियम, 1986 की धारा 3(2)(v) तथा पर्यावरण (संरक्षण) नियम, 1986 के नियम 5 के अंतर्गत अधिसूचित किया जाता है।


कथन 2 सही है:
पश्चिमी घाट लगभग 1,600 किमी लंबी पर्वतमाला है, जो छह राज्योंगुजरात, महाराष्ट्र, गोवा, कर्नाटक, केरल और तमिलनाडुमें फैली हुई है। यह गोदावरी, कृष्णा और कावेरी सहित अनेक प्रमुख पूर्ववाहिनी (East-flowing) प्रायद्वीपीय नदियों का उद्गम स्थल है।


कथन 3 गलत है:
पश्चिमी घाट की प्रारूप ESA अधिसूचना में कृषि, बागवानी, वृक्षारोपण (Plantations) तथा जैविक खेती (Organic Farming) जैसी सतत आजीविका गतिविधियों की अनुमति दी गई है। प्रतिबंध मुख्यतः खनन (Mining), पत्थर खनन (Quarrying) तथा रेड-श्रेणी (Red Category) के प्रदूषणकारी उद्योगों पर प्रस्तावित है।


                            

Q4:

प्रोजेक्ट टाइगर तथा राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (NTCA) के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

1.   प्रोजेक्ट टाइगर वर्ष 1973 में पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय (MoEFCC) द्वारा एक केंद्र प्रायोजित योजना (Centrally Sponsored Scheme) के रूप में प्रारंभ किया गया था।

2.   राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (National Tiger Conservation Authority - NTCA) एक वैधानिक निकाय (Statutory Body) है, जिसकी स्थापना वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972 में संशोधन के माध्यम से की गई थी।

3.   भारत के प्रत्येक बाघ अभयारण्य (Tiger Reserve) में मानव हस्तक्षेप को रोकने के लिए केवल कोर क्षेत्र (Core Area) रखना अनिवार्य है तथा बफर क्षेत्र (Buffer Area) का प्रावधान नहीं है।

उपरोक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?

A: केवल 1 और 2

B: केवल 1 और 3

C: केवल 2 और 3

D: 1, 2, और 3

उत्तर: A

स्पष्टीकरण:

कथन 1 सही है।
प्रोजेक्ट टाइगर की शुरुआत वर्ष 1973 में पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय (MoEFCC) द्वारा केंद्र प्रायोजित योजना (Centrally Sponsored Scheme) के रूप में की गई थी। इसका उद्देश्य भारत में बाघों के संरक्षण तथा उनके प्राकृतिक आवास की रक्षा करना है।


कथन 2 सही है।
राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (NTCA) की स्थापना वर्ष 2006 में वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972 में संशोधन करके एक वैधानिक निकाय के रूप में की गई थी। इसका उद्देश्य प्रोजेक्ट टाइगर के प्रभावी क्रियान्वयन तथा देश में बाघ संरक्षण की निगरानी करना है।


कथन 3 गलत है।
भारत के प्रत्येक बाघ अभयारण्य में कोर क्षेत्र (Critical Tiger Habitat) तथा बफर क्षेत्र (Buffer Area)दोनों का होना अनिवार्य है।



  • कोर क्षेत्र में बाघों एवं अन्य वन्यजीवों के आवास का कठोर संरक्षण किया जाता है।

  • बफर क्षेत्र में स्थानीय समुदायों की आजीविका तथा संरक्षण के बीच संतुलन स्थापित करने के उद्देश्य से सतत गतिविधियों की अनुमति दी जाती है।


                            

Q5:

भारत में बाघ संरक्षण एवं बाघों के आकलन (Tiger Estimation) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

1.   अखिल भारतीय बाघ आकलन 2022 (All India Tiger Estimation - AITE 2022) के अनुसार, भारत में विश्व की लगभग 70% जंगली बाघ आबादी निवास करती है।

2.   अखिल भारतीय बाघ आकलन (All India Tiger Estimation) प्रत्येक चार वर्ष में राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (NTCA) तथा भारतीय वन्यजीव संस्थान (Wildlife Institute of India - WII) द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित किया जाता है।

3.   एम-एसटीआरआईपीईएस (M-STrIPES) एक सॉफ्टवेयर-आधारित निगरानी प्रणाली है, जिसका उपयोग बाघ अभयारण्यों में गश्त (Patrolling) तथा वन्यजीवों की निगरानी एवं ट्रैकिंग के लिए किया जाता है।

उपरोक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?

A: केवल 1 और 2

B: केवल 2

C: केवल 2 और 3

D: 1, 2, और 3

उत्तर: D

स्पष्टीकरण:

कथन 1 सही है।
अखिल भारतीय बाघ आकलन 2022 (AITE 2022) के अनुसार, भारत में 3,682 बाघ पाए गए, जो विश्व की लगभग 70% जंगली बाघ आबादी का प्रतिनिधित्व करते हैं।


कथन 2 सही है।
अखिल भारतीय बाघ आकलन प्रत्येक चार वर्ष (Quadrennially) में आयोजित किया जाता है। यह सर्वेक्षण राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (NTCA) तथा भारतीय वन्यजीव संस्थान (WII) के संयुक्त प्रयासों से संपन्न होता है।


कथन 3 सही है।
एम-एसटीआरआईपीईएस (M-STrIPES – Monitoring System for Tigers – Intensive Protection and Ecological Status) एक सॉफ्टवेयर-आधारित निगरानी प्रणाली है, जिसका उपयोग बाघ अभयारण्यों में गश्त (Patrolling), वन्यजीवों की ट्रैकिंग, निगरानी तथा क्षेत्रीय आँकड़ों (Field Data) के संग्रह के लिए व्यापक रूप से किया जाता है।


                            

Q6:

भारत में बाघ संरक्षण एवं बाघों के आकलन (Tiger Estimation) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

1.   अखिल भारतीय बाघ आकलन 2022 (All India Tiger Estimation - AITE 2022) के अनुसार, भारत में विश्व की लगभग 70% जंगली बाघ आबादी निवास करती है।

2.   अखिल भारतीय बाघ आकलन (All India Tiger Estimation) प्रत्येक चार वर्ष में राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (NTCA) तथा भारतीय वन्यजीव संस्थान (Wildlife Institute of India - WII) द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित किया जाता है।

3.   एम-एसटीआरआईपीईएस (M-STrIPES) एक सॉफ्टवेयर-आधारित निगरानी प्रणाली है, जिसका उपयोग बाघ अभयारण्यों में गश्त (Patrolling) तथा वन्यजीवों की निगरानी एवं ट्रैकिंग के लिए किया जाता है।

उपरोक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?

A: केवल 1 और 2

B: केवल 2

C: केवल 2 और 3

D: 1, 2, और 3

उत्तर: D

स्पष्टीकरण:

कथन 1 सही है।
अखिल भारतीय बाघ आकलन 2022 (AITE 2022) के अनुसार, भारत में 3,682 बाघ पाए गए, जो विश्व की लगभग 70% जंगली बाघ आबादी का प्रतिनिधित्व करते हैं।


कथन 2 सही है।
अखिल भारतीय बाघ आकलन प्रत्येक चार वर्ष (Quadrennially) में आयोजित किया जाता है। यह सर्वेक्षण राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (NTCA) तथा भारतीय वन्यजीव संस्थान (WII) के संयुक्त प्रयासों से संपन्न होता है।


कथन 3 सही है।
एम-एसटीआरआईपीईएस (M-STrIPES – Monitoring System for Tigers – Intensive Protection and Ecological Status) एक सॉफ्टवेयर-आधारित निगरानी प्रणाली है, जिसका उपयोग बाघ अभयारण्यों में गश्त (Patrolling), वन्यजीवों की ट्रैकिंग, निगरानी तथा क्षेत्रीय आँकड़ों (Field Data) के संग्रह के लिए व्यापक रूप से किया जाता है।


                            
Aliganj Gomti Nagar Prayagraj