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Daily-mcqs 30 Jun 2026

यूपीएससी और राज्य पीएससी परीक्षाओं के लिए समसामयिकी MCQs 30 Jun 2026

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यूपीएससी और राज्य पीएससी परीक्षाओं के लिए समसामयिकी MCQs

Q1:

हाल ही में भारत में उद्घाटित परमाणु-आधारित कॉपरक्लोरीन (Cu–Cl) हाइड्रोजन उत्पादन सुविधा के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

1.   यह परमाणु प्रक्रिया ऊष्मा (Nuclear Process Heat) द्वारा संचालित कॉपरक्लोरीन (Cu–Cl) ऊष्मारासायनिक (Thermochemical) चक्र का उपयोग करने वाली विश्व की पहली हाइड्रोजन उत्पादन सुविधा है।

2.   Cu–Cl ऊष्मारासायनिक चक्र को अन्य अनेक ऊष्मारासायनिक हाइड्रोजन उत्पादन चक्रों की तुलना में अपेक्षाकृत कम तापमान की आवश्यकता होती है।

3.   इस प्रक्रिया में हाइड्रोजन का उत्पादन मुख्यतः केवल परमाणु रिएक्टरों से उत्पन्न विद्युत का उपयोग करके इलेक्ट्रोलिसिस द्वारा किया जाता है।

4.   इस प्रदर्शन (Demonstration) सुविधा का विकास परमाणु ऊर्जा विभाग (DAE), भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र (BARC) तथा इंदिरा गांधी परमाणु अनुसंधान केंद्र (IGCAR) द्वारा संयुक्त रूप से किया गया है।

उपरोक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?

A: केवल 1, 2 और 4

B: केवल 1 और 3

C: केवल 2, 3 और 4

D: 1, 2, 3 और 4

उत्तर: A

स्पष्टीकरण:

कथन 1 – सही



  • भारत ने फास्ट ब्रीडर टेस्ट रिएक्टर (FBTR) से प्राप्त परमाणु प्रक्रिया ऊष्मा पर आधारित कॉपरक्लोरीन (Cu–Cl) ऊष्मारासायनिक चक्र का उपयोग करने वाली विश्व की पहली हाइड्रोजन उत्पादन सुविधा का उद्घाटन किया है।

  • यह उन्नत परमाणु ऊष्मा (Advanced Nuclear Heat) को Cu–Cl चक्र के साथ एकीकृत करने की दिशा में विश्व की पहली उपलब्धि है।


कथन 2 – सही



  • Cu–Cl चक्र लगभग 500°C तापमान पर कार्य करता है, जो अन्य कई ऊष्मारासायनिक चक्रों (जैसे सल्फरआयोडीन (Sulfur–Iodine) चक्र, जिसे 800°C से अधिक तापमान की आवश्यकता होती है) की तुलना में काफी कम है।

  • कम तापमान की आवश्यकता इसे उन्नत परमाणु रिएक्टरों के साथ अधिक अनुकूल बनाती है।


कथन 3 – गलत



  • Cu–Cl प्रक्रिया पारंपरिक इलेक्ट्रोलिसिस नहीं है।

  • यह एक ऊष्मारासायनिक (Thermochemical) चक्र है, जिसमें रासायनिक अभिक्रियाओं की एक श्रृंखला के माध्यम से उच्च तापमान की ऊष्मा तथा विद्युत, दोनों का उपयोग किया जाता है।

  • इसमें जल का विघटन केवल इलेक्ट्रोलिसिस द्वारा नहीं, बल्कि रासायनिक प्रक्रियाओं के माध्यम से किया जाता है।


कथन 4 – सही



  • इस परियोजना का संयुक्त रूप से विकास निम्नलिखित संस्थानों द्वारा किया गया है:


    • परमाणु ऊर्जा विभाग (Department of Atomic Energy – DAE)

    • भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र (Bhabha Atomic Research Centre – BARC)

    • इंदिरा गांधी परमाणु अनुसंधान केंद्र (Indira Gandhi Centre for Atomic Research – IGCAR)



                            

Q2:

भारत के स्वच्छ ऊर्जा संक्रमण में फास्ट ब्रीडर टेस्ट रिएक्टर (FBTR) की भूमिका के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

1.   फास्ट ब्रीडर टेस्ट रिएक्टर (FBTR) तमिलनाडु के कल्पक्कम (Kalpakkam) में स्थित है।

2.   इसमें द्रव सोडियम (Liquid Sodium) का उपयोग प्राथमिक शीतलक (Primary Coolant) के रूप में किया जाता है।

3.   इसमें प्लूटोनियमयूरेनियम मिश्रित कार्बाइड (Mixed Plutonium–Uranium Carbide) ईंधन का उपयोग किया जाता है।

4.   इस रिएक्टर का मुख्य उद्देश्य इलेक्ट्रोलिसिस के माध्यम से प्रत्यक्ष रूप से हाइड्रोजन का उत्पादन करना है।

उपरोक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?

A: केवल 1, 2 और 3

B: केवल 2, 3 और 4

C: केवल 1, 3 और 4

D: 1, 2, 3 और 4

उत्तर: A

स्पष्टीकरण:

कथन 1 – सही



  • फास्ट ब्रीडर टेस्ट रिएक्टर (FBTR) तमिलनाडु के कल्पक्कम (Kalpakkam) में स्थित है।

  • इसका संचालन इंदिरा गांधी परमाणु अनुसंधान केंद्र (IGCAR) द्वारा किया जाता है।


कथन 2 – सही



  • FBTR एक सोडियम-शीतित तीव्र (Fast) रिएक्टर है।

  • द्रव सोडियम में ऊष्मा स्थानांतरण (Heat Transfer) की उत्कृष्ट क्षमता होती है तथा यह तीव्र न्यूट्रॉनों (Fast Neutrons) की गति को कम किए बिना रिएक्टर का संचालन संभव बनाता है।


कथन 3 – सही



  • अधिकांश वाणिज्यिक परमाणु रिएक्टरों में यूरेनियम ऑक्साइड (Uranium Oxide) ईंधन का उपयोग किया जाता है।

  • इसके विपरीत, FBTR में प्लूटोनियमयूरेनियम मिश्रित कार्बाइड (Mixed Plutonium–Uranium Carbide) ईंधन का उपयोग किया जाता है, जो इसे फास्ट ब्रीडर रिएक्टरों में विशिष्ट बनाता है।


कथन 4 – गलत



  • FBTR को विशेष रूप से हाइड्रोजन उत्पादन के लिए डिज़ाइन नहीं किया गया है।

  • इसका मुख्य उद्देश्य फास्ट ब्रीडर प्रौद्योगिकी का अनुसंधान, परीक्षण एवं प्रदर्शन करना है।

  • हाल की परियोजना में यह रिएक्टर उच्च तापमान की प्रक्रिया ऊष्मा (High-Temperature Process Heat) उपलब्ध कराता है, जिसका उपयोग कॉपरक्लोरीन (Cu–Cl) ऊष्मारासायनिक चक्र के माध्यम से हाइड्रोजन उत्पादन के लिए किया जाता है।


                            

Q3:

महासागर (MAHASAGAR) विजन के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

1.   MAHASAGAR का पूर्ण रूप Mutual and Holistic Advancement for Security and Growth Across Regions है।

2.   यह भारत के पूर्ववर्ती सागर (SAGAR) सिद्धांत पर आधारित है।

3.   इसका उद्देश्य समुद्री सुरक्षा, नीली अर्थव्यवस्था (Blue Economy), आपदा सहनशीलता, तथा क्षेत्रीय संपर्क को बढ़ावा देना है।

4.   यह हिंद महासागर क्षेत्र के लिए विशेष रूप से एक सैन्य पहल है।

उपरोक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?

A: केवल 1, 2 और 3

B: केवल 1 और 4

C: केवल 2 और 3

D: 1, 2, 3 और 4

उत्तर: A

स्पष्टीकरण:

कथन 1 – सही:
MAHASAGAR
का पूर्ण रूप Mutual and Holistic Advancement for Security and Growth Across Regions है। यह हिंद महासागर क्षेत्र (IOR) में शांति, समृद्धि और सतत विकास को बढ़ावा देने के लिए भारत की व्यापक दृष्टि को प्रतिबिंबित करता है।


कथन 2 – सही:
MAHASAGAR,
पूर्ववर्ती SAGAR (Security and Growth for All in the Region) सिद्धांत पर आधारित है। जहाँ SAGAR का मुख्य ध्यान समुद्री सुरक्षा पर था, वहीं MAHASAGAR इस कार्यसूची का विस्तार करते हुए इसमें आर्थिक सहयोग, संपर्क, सहनशीलता तथा समावेशी विकास को भी सम्मिलित करता है।


कथन 3 – सही:
यह दृष्टि सहयोगात्मक साझेदारियों के माध्यम से समुद्री सुरक्षा, नीली अर्थव्यवस्था, आपदा सहनशीलता, क्षेत्रीय संपर्क तथा सतत आर्थिक विकास को बढ़ावा देकर हिंद महासागर को "अवसरों के महासागर" में परिवर्तित करने का प्रयास करती है।


कथन 4 – गलत:
MAHASAGAR
केवल रक्षा सहयोग तक सीमित नहीं है। यह एक व्यापक रूपरेखा है, जिसमें जलवायु सहनशीलता, नवीकरणीय ऊर्जा, डिजिटल रूपांतरण, क्षमता निर्माण, सतत विकास तथा जन-केंद्रित विकास भी सम्मिलित हैं।


                            

Q4:

भारतसेशेल्स संबंधों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

1.   सेशेल्स पश्चिमी हिंद महासागर में प्रमुख समुद्री संचार मार्गों (Sea Lines of Communication – SLOCs) के साथ स्थित है।

2.   भारत और सेशेल्स द्विवार्षिक अभ्यासLAMITYE” आयोजित करते हैं।

3.   वर्ष 2026 के प्रधान मंत्री मोदी के राजकीय दौरे के दौरान सेशेल्स ने आपदा-प्रतिरोधी अवसंरचना गठबंधन (CDRI) में शामिल होने का निर्णय लिया।

4.   भारत ने फास्ट अटैक वेसलPS Lespwar” उपहार में देकर सेशेल्स की समुद्री क्षमताओं को सुदृढ़ किया।

उपरोक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?

A: केवल 1 और 2

B: केवल 2, 3 और 4

C: 1, 2, 3 और 4

D: केवल 1, 3 और 4

उत्तर: C

स्पष्टीकरण:

कथन 1 – सही:
सेशेल्स पश्चिमी हिंद महासागर में रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण स्थान पर स्थित है और यह प्रमुख समुद्री संचार मार्गों (SLOCs) के निकट है। इसी कारण यह भारत की समुद्री सुरक्षा और इंडो-पैसिफिक रणनीति में एक महत्वपूर्ण साझेदार है।


कथन 2 – सही:
भारत और सेशेल्स के बीच “LAMITYE” नामक द्विवार्षिक संयुक्त सैन्य अभ्यास आयोजित किया जाता है, जिसका उद्देश्य अंतर-संचालन क्षमता (interoperability), आतंकवाद-रोधी क्षमता तथा रक्षा सहयोग को बढ़ाना है।


कथन 3 – सही:
2026
के प्रधानमंत्री के राजकीय दौरे के दौरान सेशेल्स ने आपदा-प्रतिरोधी अवसंरचना गठबंधन (Coalition for Disaster Resilient Infrastructure – CDRI) में शामिल होने की घोषणा की, जिससे जलवायु सहनशीलता और आपदा जोखिम न्यूनीकरण में सहयोग मजबूत हुआ।


कथन 4 – सही:
भारत ने सेशेल्स को फास्ट अटैक वेसलPS Lespwar” उपहार में देकर तथा PS Zoroaster का पुनर्सज्जीकरण (refit) करके उसकी समुद्री क्षमता को बढ़ाया, जिससे पश्चिमी हिंद महासागर में समुद्री निगरानी और सुरक्षा मजबूत हुई।


                            

Q5:

पैक्स सिलिका (Pax Silica) पहल के संदर्भ में, जो हाल ही में समाचारों में रही है, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

1.   भारत ने 34 अन्य देशों के साथ मिलकर एक अमेरिका-नेतृत्व वाली पहल पर हस्ताक्षर किए, जिसका उद्देश्य कृत्रिम बुद्धिमत्ता (Artificial Intelligence – AI) प्रौद्योगिकियों के लिए विश्वसनीय और लचीली आपूर्ति शृंखलाएँ विकसित करना है।

2.   इस पहल को दूसरे पैक्स सिलिका शिखर सम्मेलन, जो वाशिंगटन में आयोजित हुआ, के दौरान अनुमोदित (endorse) किया गया।

3.   भाग लेने वाले देशों ने AI अवसरों पर संयुक्त वक्तव्य (Joint Statement on AI Opportunity) अपनाया, जो AI के लिए विकास-समर्थक और नवाचार-समर्थक नियामकीय दृष्टिकोण का समर्थन करता है।

4.   भारत पहली बार दूसरे पैक्स सिलिका शिखर सम्मेलन के दौरान इस पहल का सदस्य बना।

उपरोक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?

A: केवल 1, 2 और 3

B: केवल 1 और 4

C: केवल 2 और 3

D: 1, 2, 3 और 4

उत्तर: A

स्पष्टीकरण:

कथन 1 – सही:
भारत ने 34 अन्य देशों के साथ मिलकर एक अमेरिका-नेतृत्व वाली पहल में भाग लिया, जिसका उद्देश्य कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) तकनीकों के विकास और उपयोग के लिए विश्वसनीय एवं लचीली आपूर्ति शृंखलाएँ तैयार करना है।


कथन 2 – सही:
इस समझौते को दूसरे पैक्स सिलिका शिखर सम्मेलन, वाशिंगटन में, के दौरान औपचारिक रूप से अनुमोदित किया गया, जहाँ AI, सेमीकंडक्टर और तकनीकी आपूर्ति शृंखलाओं में सहयोग पर चर्चा हुई।


कथन 3 – सही:
भाग लेने वाले देशों ने AI अवसरों पर संयुक्त वक्तव्य (Joint Statement on AI Opportunity) को अपनाया, जिसमें विकास-समर्थक और नवाचार-समर्थक नियामकीय ढाँचे पर बल दिया गया है, ताकि जिम्मेदार AI विकास को बढ़ावा मिल सके।


कथन 4 – गलत:
भारत ने इस पहल की सदस्यता दूसरे शिखर सम्मेलन के दौरान पहली बार नहीं ली थी वह पहले ही फरवरी 2026 में नई दिल्ली में आयोजित AI Impact Summit के दौरान Pax Silica पहल में शामिल हो चुका था।


                            
Aliganj Gomti Nagar Prayagraj